ईरान-अमेरिका युद्ध: 38वें दिन तनाव चरम पर, होर्मुज जलडमरूमध्य बना केंद्र
मध्य पूर्व में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों का 38वां दिन है, और तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने की दी गई चेतावनी और उसके बाद की बयानबाजी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस बीच, ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का जवाब
डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ईरान को ‘नरक’ का सामना करना पड़ेगा, जिसमें बिजली संयंत्रों और पुलों पर अमेरिकी हमले भी शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने मंगलवार, रात 8:00 बजे पूर्वी समय (ET) तक की समय सीमा दी थी। ईरान ने इस धमकी का जवाब देते हुए कहा है कि वह किसी भी हमले का ‘जैसे को तैसा’ जवाब देगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने कहा कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला होता है, तो वे भी उसी स्तर पर जवाब देंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, इस समय तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यह जलमार्ग अब पहले जैसा सामान्य नहीं रहेगा, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए। IRGC के अनुसार, पिछले 24 घंटों में केवल 15 जहाजों को ही उनकी मंजूरी के बाद होर्मुज से गुजरने दिया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में बहुत कम है। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वे खाड़ी क्षेत्र में एक “नई व्यवस्था” लागू करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना भी शामिल हो सकता है।
युद्ध का 38वां दिन: जमीनी और हवाई हमले
युद्ध के 38वें दिन, संघर्ष कई मोर्चों पर जारी है:
- ईरान में हमले: इजरायल ने ईरान पर सिलसिलेवार हमले किए हैं, जिनमें राजधानी तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में एक रिहायशी इमारत पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खादेमी, की भी एक हमले में मौत हो गई, जिसके लिए ईरान ने अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
- इजरायल में हमले: इजरायल में, हाइफ़ा में एक मिसाइल ने रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिससे कई लोग घायल हुए और कुछ लापता हो गए। ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी हैं, जिसमें हाइफ़ा में एक सात मंजिला इमारत पर हमला हुआ और चार लोग घायल हुए।
- खाड़ी क्षेत्र में हमले: कुवैत में प्रमुख ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया है, जिससे भारी नुकसान हुआ है। ईरान ने कुवैत के बुबियन द्वीप पर अमेरिकी सेना को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा भी किया है।
- लेबनान में हमले: बेरूत के पास समेत लेबनान के कुछ हिस्सों में इजराइली हमले जारी हैं, जहां हताहतों की खबरें आई हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक प्रयास
इस बढ़ते तनाव के बीच, कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाने का आग्रह किया है और चेतावनी दी है कि आगे सैन्य तनाव बढ़ने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने स्पेन के विदेश मंत्री के साथ बातचीत में क्षेत्र में ईरान की कार्रवाइयों को रोकने और बातचीत को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
चीन ने भी अमेरिका-इजरायल की कार्रवाइयों को होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की मूल वजह बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव की जड़ गैरकानूनी सैन्य कार्रवाई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
ईरान की अर्थव्यवस्था और प्रतिबंधों का प्रभाव
ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उसकी अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिबंधों के बावजूद पिछले वर्ष ईरान की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बावजूद, ईरान में महंगाई चरम पर है, जहां 1 किलो आटे की कीमत 26,000 ईरानी रियाल और मटन की कीमत 70,000 रियाल तक पहुंच गई है। यह स्थिति लोगों के जीवन यापन को मुश्किल बना रही है और विरोध प्रदर्शनों को जन्म दे रही है।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों का 38वां दिन है, और तनाव लगातार बढ़ रहा है।
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने की चेतावनी दी है, जिसके जवाब में ईरान ने कड़े प्रतिरोध की बात कही है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का केंद्र बन गया है, जहां ईरान ने इस मार्ग पर नियंत्रण बढ़ाने और ‘नई व्यवस्था’ लागू करने के संकेत दिए हैं।
- युद्ध के 38वें दिन, ईरान, इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में हवाई और जमीनी हमले जारी हैं, जिनमें नागरिक हताहतों की भी खबरें हैं।
- ईरान के खुफिया प्रमुख की मौत हो गई है, जिसके लिए ईरान ने अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय शांतिपूर्ण समाधान की अपील कर रहा है, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
- ईरान की अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों का असर है, लेकिन महंगाई और विरोध प्रदर्शनों के बावजूद कुछ वृद्धि दर्ज की गई है।
- ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा।













