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ईरान-इज़राइल युद्ध: ट्रंप का दावा, ईरान में ‘कुछ भी निशाना बनाने लायक नहीं बचा’

ईरान-इज़राइल युद्ध: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का दावा, ईरान में ‘कुछ भी निशाना बनाने लायक नहीं बचा’

ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विवादास्पद बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में अब ‘लगभग कुछ भी नहीं बचा है जिसे निशाना बनाया जा सके’ और युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष तेज हो गया है, जिससे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ गई है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति

ईरान और इज़राइल के बीच हालिया सैन्य टकराव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई, जिससे युद्ध की शुरुआत हुई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और अमेरिका-सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिला दिया है और दुनिया भर में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

अमेरिकी सेना ने युद्ध के पहले 10 दिनों में लगभग 140 सैनिकों के घायल होने की सूचना दी है। पेंटागन ने यह भी कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 16 बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं को नष्ट कर दिया गया है, जो वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है।

ट्रंप का बयान और उसका निहितार्थ

डोनाल्ड ट्रंप ने Axios को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान में युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा क्योंकि अब ‘लगभग कुछ भी नहीं बचा है जिसे निशाना बनाया जा सके’। उन्होंने कहा, ‘थोड़ा बहुत इधर-उधर… जब भी मैं चाहूंगा, यह समाप्त हो जाएगा।’ ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि प्रारंभिक अभियान को छह सप्ताह की लड़ाई के रूप में डिजाइन किया गया था। उन्होंने कहा, ‘युद्ध बहुत अच्छा चल रहा है। हम समय-सारणी से बहुत आगे हैं। हमने छह सप्ताह की मूल अवधि में भी जितनी कल्पना की थी, उससे कहीं अधिक नुकसान पहुंचाया है।’

यह बयान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के इस बयान के विपरीत है कि तेहरान इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले जारी रखेगा। पेज़ेशकियान ने कहा, ‘हम बिना शर्त आत्मसमर्पण करने का विचार अपने साथ कब्र में ले जाएंगे।’

ईरान में आंतरिक प्रतिक्रियाएं

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद, देश के भीतर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कुछ लोगों ने खुले तौर पर जश्न मनाया, नाच-गाना किया और कारों के हॉर्न बजाए। वहीं, कई लोगों ने डर और अनिश्चितता व्यक्त की है कि ईरान किस दिशा में जाएगा। कुछ लोगों ने पिछले महीने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान खामेनेई के खिलाफ ‘खामेनेई मुर्दाबाद’ के नारे लगाए थे।

हालांकि, राज्य मीडिया ने तेहरान के इंकलाब स्क्वायर जैसे स्थानों पर हजारों लोगों के जुटने और नए सुप्रीम लीडर, मुज्तबा खामेनेई के प्रति निष्ठा व्यक्त करने के दृश्य दिखाए। इस बीच, कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर नए नेता के खिलाफ ‘मुज्तबा मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और भविष्य की संभावनाएं

संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के बीच अभूतपूर्व सहयोग इस युद्ध की एक प्रमुख विशेषता है। हालांकि वाशिंगटन ने पहले भी इज़राइल को सैन्य और खुफिया सहायता प्रदान की है, लेकिन वर्तमान संघर्ष दोनों देशों के बीच पूर्ण परिचालन साझेदारी में पहली बार लड़ा जा रहा है।

ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ‘दूसरे दर्जे की जबरदस्ती’ की रणनीति अपनाई है, ताकि वाशिंगटन और तेल अवीव पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, इस रणनीति का विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि अमेरिका, इज़राइल और उनके खाड़ी सहयोगी अपनी रक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं।

ट्रंप के बयानों में विरोधाभास देखा गया है, जो युद्ध के अंत की भविष्यवाणी करते हुए भी तेहरान पर और अधिक हमले करने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिका ईरान के नए सुप्रीम लीडर को निशाना बनाने पर विचार कर सकता है यदि वह उन्हें पसंद नहीं आया।

प्रमुख बिंदु

  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में अब ‘लगभग कुछ भी नहीं बचा है जिसे निशाना बनाया जा सके’ और युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा।
  • ईरान और इज़राइल के बीच सैन्य संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जिसके परिणामस्वरूप ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई।
  • अमेरिकी सेना ने युद्ध के पहले 10 दिनों में लगभग 140 सैनिकों के घायल होने की सूचना दी है।
  • ईरान में सुप्रीम लीडर की मौत पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं, जिसमें कुछ जश्न मना रहे हैं तो कुछ डर और अनिश्चितता व्यक्त कर रहे हैं।
  • अमेरिका और इज़राइल के बीच अभूतपूर्व सैन्य सहयोग इस संघर्ष की एक प्रमुख विशेषता है।
  • ईरान खाड़ी देशों को निशाना बनाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे एकजुटता बढ़ रही है।
  • ट्रंप के बयानों में विरोधाभास है, जो युद्ध के अंत की भविष्यवाणी करते हुए भी आगे हमले की धमकी दे रहे हैं।

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