ईरान पर अमेरिकी-इज़राइली हमलों का 15वां दिन: तनाव बढ़ा, खर्ग द्वीप पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका तथा इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के 15वें दिन, तनाव चरम पर है। शुक्रवार रात, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर सैन्य हमले किए, जो देश की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग को बाधित करने के ईरान के प्रयासों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों ने संघर्ष की गंभीरता को और बढ़ा दिया है, जो अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। पेंटागन ने मध्य पूर्व में एक त्वरित प्रतिक्रिया मरीन इकाई की तैनाती की भी घोषणा की है, जो क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करता है।
खर्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले: एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने खर्ग द्वीप पर “सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है”। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन को बाधित करना जारी रखता है, तो द्वीप के तेल बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। खर्ग द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान है, जो ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90% संभालता है [5, 10, 11, 21, 28]। एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ये हमले “बड़े पैमाने पर” थे और इनका उद्देश्य नौसैनिक खदान भंडारण सुविधाओं, मिसाइल भंडारण बंकरों और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना था [5]।
होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के कच्चे तेल के व्यापार को संभालता है [6, 15, 17]। ईरान द्वारा इस मार्ग से शिपिंग को बाधित करने के प्रयासों ने वैश्विक तेल की कीमतों में भारी वृद्धि की है। शुक्रवार को तेल की कीमतें जुलाई 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, क्योंकि वैश्विक बाजारों में जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने की चिंता बढ़ गई थी [5]। कई देश इस संकट से निपटने के लिए अपने तेल भंडार का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं [5]।
ईरान की प्रतिक्रिया और संभावित परिणाम
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि ईरानी द्वीपों के खिलाफ कोई अमेरिकी आक्रामकता होती है तो देश “सभी संयम छोड़ देगा” [5]। ईरान के सशस्त्र बलों ने शनिवार को अमेरिकी-लिंक्ड तेल बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी दी, यदि ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया जाता है [10]। ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फागारी ने कहा कि यदि ईरान के ऊर्जा और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर हमला होता है, तो “क्षेत्र में अमेरिकी शेयर रखने वाली या अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली तेल कंपनियों के सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा” [6]।
सैन्य तैनाती और वैश्विक चिंताएँ
इन घटनाओं के बीच, पेंटागन ने मध्य पूर्व में लगभग 2,500 अमेरिकी मरीन और एक उभयचर हमला जहाज भेजने की घोषणा की है [5, 6, 13, 16, 18, 20, 28]। यह तैनाती क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाती है और संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती है। वैश्विक समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी बड़े व्यवधान का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है [7, 12, 15]।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways):
- खर्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले: संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जो देश के तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग को बाधित करने से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और ऊर्जा आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है।
- ईरान की जवाबी धमकी: ईरान ने अमेरिकी-लिंक्ड तेल बुनियादी ढांचे पर जवाबी हमले की धमकी दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
- सैन्य तैनाती: अमेरिका ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त मरीन और एक हमला जहाज भेजा है, जो क्षेत्र में सैन्य तनाव को दर्शाता है।
- वैश्विक आर्थिक प्रभाव: होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी बड़े व्यवधान का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिसमें ऊर्जा की कीमतों में और वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा शामिल है।
- सैन्य कार्रवाई का विस्तार: अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर अगले सप्ताह और अधिक “कठोर” हमले करने की बात कही है, जिससे संघर्ष के लंबा चलने की संभावना है।
- ईंधन की कीमतों में वृद्धि: वैश्विक तेल की कीमतें जुलाई 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जो संघर्ष के कारण बढ़ी अनिश्चितता को दर्शाता है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: दुनिया भर के देश इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करता है।
यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती पेश करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का भविष्य और इस क्षेत्र में तनाव का समाधान वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होगा।
अधिक जानकारी के लिए, आप रॉयटर्स और अल जज़ीरा जैसे विश्वसनीय समाचार स्रोतों का अनुसरण कर सकते हैं।













