ईरान पर 13वें दिन अमेरिका-इज़राइल के हमले: वैश्विक चिंताएं बढ़ीं
तेहरान, ईरान – 12 मार्च 2026
अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों का 13वां दिन है, और इस संघर्ष का असर अब वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। साइबर हमलों, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि ने दुनिया भर में चिंता की लहर दौड़ा दी है। यह युद्ध, जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक स्थिरता को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
संघर्ष की वर्तमान स्थिति और वैश्विक प्रभाव
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के नेतृत्व, परमाणु सुविधाओं और पारंपरिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए हैं। इन हमलों के जवाब में, ईरान ने भी इज़राइल और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस जवाबी कार्रवाई ने ऊर्जा बाजारों को बाधित कर दिया है, जिससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
बढ़ती मानवीय क्षति
ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी के अनुसार, 28 फरवरी को हमलों के शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 1,348 नागरिक मारे जा चुके हैं और 17,000 से अधिक घायल हुए हैं। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिसेफ ने भी इस संघर्ष को ‘विनाशकारी’ बताया है, जिसमें 1,100 से अधिक बच्चे या तो घायल हुए हैं या मारे गए हैं।
साइबर युद्ध का बढ़ता खतरा
इस सैन्य संघर्ष के साथ-साथ, साइबर हमलों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। ईरान से जुड़े एक समूह, ‘Handala’ ने दावा किया है कि उसने चिकित्सा उपकरण कंपनी Stryker के नेटवर्क को cripple कर दिया है और 50TB डेटा चुरा लिया है। यह हमला मिनब स्कूल पर हुए उस हमले के प्रतिशोध में किया गया था, जिसमें 170 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे। ईरान की साइबर क्षमताएं तेजी से बढ़ी हैं, और वे अब खुफिया जानकारी जुटाने और लक्षित हमले करने में सक्षम हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और तेल की कीमतों में उछाल
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है, में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिला दिया है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर यातायात बाधित करने की धमकियों और हमलों के कारण तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला प्रवाह एक महीने के लिए पूरी तरह से बंद हो जाता है, तो तेल की कीमतों में प्रति बैरल लगभग $14 की वृद्धि हो सकती है।
ईरान की शांति की शर्तें
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं: तेहरान के ‘वैध अधिकारों’ की मान्यता, हर्जाने का भुगतान, और भविष्य में इस तरह के हमलों को रोकने के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी। उन्होंने कहा कि ईरान शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन संघर्ष तभी समाप्त हो सकता है जब उसकी मांगें वाशिंगटन और तेल अवीव द्वारा स्वीकार की जाएं।
प्रमुख बातें (Key Takeaways)
- सैन्य हमले जारी: अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमले 13वें दिन भी जारी हैं, जिसके जवाब में ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
- बढ़ती नागरिक हताहत: हमलों में अब तक कम से कम 1,348 नागरिक मारे गए हैं और 17,000 से अधिक घायल हुए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं।
- साइबर युद्ध का बढ़ता दायरा: ईरान से जुड़े हैकर समूह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, जिससे वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं।
- ऊर्जा बाजार पर प्रभाव: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और यातायात में बाधा के कारण तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
- ईरान की शांति की शर्तें: ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अपने अधिकारों की मान्यता, हर्जाने और भविष्य में सुरक्षा की गारंटी की मांग की है।
- भू-राजनीतिक अस्थिरता: यह संघर्ष मध्य पूर्व में अस्थिरता को बढ़ा रहा है और वैश्विक शक्तियों के बीच तनाव को तेज कर रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमले रोकने का आग्रह किया है, लेकिन अमेरिका और इज़राइल के हमलों का उल्लेख नहीं किया है।
- आर्थिक परिणाम: तेल की कीमतों में वृद्धि के अलावा, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और निवेशक विश्वास में कमी जैसी आर्थिक समस्याएं भी गहरा रही हैं।













