Home / Politics / प्रियंक खरगे: कर्नाटक सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

प्रियंक खरगे: कर्नाटक सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

कर्नाटक सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध: प्रियंक खरगे

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने राज्य सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की है और भविष्य में भी किसानों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। यह बयान किसानों के बीच एक सकारात्मक संदेश देता है, जो लगातार अपनी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए सरकारी सहायता की उम्मीद करते हैं।

किसानों के लिए व्यापक समर्थन

श्री खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि कर्नाटक सरकार किसानों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को पहले ही पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान कर चुकी है। यह समर्थन विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से दिया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उनकी खेती की लागत को कम करना है।

कृषि क्षेत्र में सरकारी पहल

कर्नाटक सरकार ने किसानों का समर्थन करने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें से कुछ प्रमुख पहलें इस प्रकार हैं:

  • रायथा श्री योजना: इस योजना के तहत, सुपारी और नारियल किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹10,000 का प्रोत्साहन दिया जाता है।
  • कृषि भाग्य योजना: यह योजना विशेष रूप से शुष्क भूमि वाले किसानों के लिए है, जो सिंचाई के लिए जल संचयन उपायों पर ध्यान केंद्रित करती है।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): इस केंद्रीय योजना के तहत, किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में ₹6,000 की वार्षिक राशि तीन किस्तों में मिलती है।
  • जैविक खेती सब्सिडी: जैविक उर्वरकों और जैव-कीटनाशकों के लिए 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • फसल बीमा योजनाएं: किसानों को फसल नुकसान से बचाने के लिए विभिन्न फसल बीमा योजनाएं उपलब्ध हैं।

इसके अतिरिक्त, सरकार कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिसमें सामान्य श्रेणी के किसानों को 50% और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के किसानों को 90% तक की सब्सिडी पर कृषि मशीनरी वितरित की जाती है। ‘सूर्य रैथा योजना’ के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपसेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बिजली की लागत कम होती है और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।

पशुधन संरक्षण और किसानों का समर्थन

श्री खरगे ने पशुधन संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि यह किसानों की सुरक्षा के समान है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक सरकार पशुधन की सुरक्षा के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता रखती है, न कि केवल दिखावटी। उन्होंने विशेष रूप से फुट-एंड-माउथ रोग (FMD) टीकाकरण के कवरेज का उल्लेख किया, जिसमें कालाबुरगी जिले में 96% कवरेज हासिल किया गया है। यह दर्शाता है कि सरकार किसानों की आजीविका के अभिन्न अंग, पशुधन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है।

किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास

सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी सक्रिय रूप से काम कर रही है। उदाहरण के लिए, मक्का किसानों को सीधे पोल्ट्री फीड निर्माताओं से जोड़कर बिचौलियों को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके। इसी तरह, गन्ना किसानों के लिए ₹300 करोड़ की सहायता जारी की गई है, जिसमें प्रति टन ₹50 का अतिरिक्त लाभ सीधे किसानों के खातों में जमा किया जाएगा।

“हमारी सरकार इस चेतना के साथ काम करती है। हम राजनीतिक लाभ के लिए दिखावटी पशुधन संरक्षण में विश्वास नहीं करते।” – प्रियंक खरगे

भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां

मंत्री ने भविष्य में कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की योजनाओं पर भी संकेत दिया। इसमें समुद्री और तटीय प्रौद्योगिकियों तथा ब्लू इकोनॉमी में अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एक ‘ओशन फार्मिंग पॉलिसी’ लाना भी शामिल है। हालांकि, किसानों को अभी भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि आयातित दालों के कारण तुअर (अरहर) दाल के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। श्री खरगे ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना भी की है।

सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए भी काम कर रही है कि किसानों को पर्याप्त मुआवजा मिले, खासकर प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान होने पर। हाल ही में, बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर ₹8,500 के मुआवजे की घोषणा की गई है।

निष्कर्ष

प्रियंक खरगे के बयान से स्पष्ट है कि कर्नाटक सरकार किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सहायता और भविष्य की नीतियों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को मजबूत करना और किसानों की आजीविका को सुरक्षित करना है। हालांकि चुनौतियां बनी हुई हैं, सरकार का प्रतिबद्ध दृष्टिकोण किसानों को आशा प्रदान करता है।

मुख्य बातें

  • कर्नाटक सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जैसा कि मंत्री प्रियंक खरगे ने जोर दिया है।
  • सरकार ने कृषि क्षेत्र को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की है और भविष्य में भी सहायता जारी रहेगी।
  • रायथा श्री योजना, कृषि भाग्य योजना, PM-KISAN, और सूर्य रैथा योजना जैसी कई योजनाएं किसानों को लाभान्वित कर रही हैं।
  • पशुधन संरक्षण को किसानों की सुरक्षा के समान महत्व दिया जा रहा है।
  • किसानों की आय बढ़ाने के लिए मक्का और गन्ना जैसे प्रमुख फसलों के लिए विशेष पहल की जा रही हैं।
  • सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करने के लिए भी कदम उठा रही है।
  • आयातित दालों के कारण तुअर दाल किसानों को MSP से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होने जैसी चुनौतियों का समाधान किया जा रहा है।
  • ‘ओशन फार्मिंग पॉलिसी’ जैसी नई पहलें भविष्य में समुद्री और तटीय कृषि को बढ़ावा देंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *