मेटा के नए स्कैम डिटेक्शन टूल्स: फेसबुक, व्हाट्सएप और मैसेंजर पर बढ़ी सुरक्षा
ऑनलाइन धोखाधड़ी (scams) के बढ़ते मामलों के बीच, मेटा (Meta) ने अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म्स – फेसबुक, व्हाट्सएप और मैसेंजर पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नए और उन्नत स्कैम डिटेक्शन टूल्स लॉन्च किए हैं। ये नए फीचर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सचेत करने और उन्हें धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
फेसबुक, व्हाट्सएप और मैसेंजर पर AI-संचालित सुरक्षा
मेटा, जो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का मालिक है, ने इन नए सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि इन उपकरणों का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को किसी भी संदिग्ध चीज़ के साथ इंटरैक्ट करने से पहले ही सचेत करना है। यह कदम ऑनलाइन घोटालों के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है, जो दुनिया भर में लाखों उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर रहे हैं। भारत भी इन घोटालों का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहाँ हाल के वर्षों में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भारी वृद्धि देखी गई है।
साइबर अपराधों पर चिंताजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं। भारत में, 2024 के पहले नौ महीनों में साइबर घोटालों से लगभग ₹11,333 करोड़ का नुकसान हुआ है [11]। इसी तरह, 2024 में साइबर अपराधियों द्वारा कुल ₹22,845.73 करोड़ का नुकसान हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 206% की वृद्धि दर्शाता है [14]। इन आंकड़ों को देखते हुए, मेटा जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदम अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
नए फीचर्स क्या हैं?
मेटा के नए सुरक्षा उपकरणों में कई महत्वपूर्ण विशेषताएं शामिल हैं:
- फेसबुक पर संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट की चेतावनी: यदि किसी उपयोगकर्ता को एक ऐसे अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है जिसमें संदिग्ध गतिविधि के संकेत हों, जैसे कि कम आपसी मित्र या किसी भिन्न देश से जुड़ा प्रोफाइल, तो फेसबुक एक चेतावनी प्रदर्शित करेगा। यह उपयोगकर्ताओं को निर्णय लेने से पहले सतर्क करेगा [2]।
- व्हाट्सएप पर डिवाइस लिंकिंग की चेतावनी: व्हाट्सएप अब उपयोगकर्ताओं को तब सचेत करेगा जब स्कैमर्स उनके खाते को अपने डिवाइस से जोड़ने का प्रयास करते हैं। यह सुविधा स्कैमर्स द्वारा क्यूआर कोड स्कैन कराने या लिंकिंग कोड साझा करने के माध्यम से खातों पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयासों को रोकने में मदद करेगी [3, 15]। चेतावनी में अनुरोध के स्रोत का भी उल्लेख होगा।
- मैसेंजर पर उन्नत स्कैम डिटेक्शन: मैसेंजर में अब एक उन्नत AI-संचालित स्कैम डिटेक्शन सिस्टम शामिल है जो सामान्य घोटालों, जैसे कि नकली नौकरी के प्रस्तावों का पता लगा सकता है [2]। यदि कोई संभावित घोटाला पाया जाता है, तो उपयोगकर्ताओं को अधिक जानकारी और संदिग्ध खाते के खिलाफ कार्रवाई करने के सुझाव दिए जाएंगे।
- AI-आधारित सामग्री विश्लेषण: मेटा के नए AI सिस्टम टेक्स्ट, छवियों और आसपास के संदर्भ का विश्लेषण करके घोटालों का पता लगाने में सक्षम हैं। यह विशेष रूप से सेलिब्रिटी, सार्वजनिक हस्तियों या ब्रांडों के प्रतिरूपण (impersonation) का पता लगाने में प्रभावी है [3, 4]।
AI की भूमिका और आंकड़े
मेटा ने इन नए सुरक्षा उपायों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केंद्रीय भूमिका दी है। AI का उपयोग पैटर्न का विश्लेषण करने, संदिग्ध व्यवहार की पहचान करने और धोखाधड़ी के प्रयासों को वास्तविक समय में रोकने के लिए किया जा रहा है। मेटा ने 2025 में 159 मिलियन से अधिक स्कैम विज्ञापनों को हटाया, जिनमें से 92% उपयोगकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए जाने से पहले ही हटा दिए गए थे [3, 5]। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 10.9 मिलियन से अधिक फेसबुक और इंस्टाग्राम खातों को बंद कर दिया जो संगठित स्कैम केंद्रों से जुड़े थे [3]।
भारत में भी, मेटा ने स्कैम डिटेक्शन के प्रयासों को तेज किया है। 2025 में भारत में 12.1 मिलियन से अधिक भ्रामक विज्ञापन सामग्री पर प्रतिबंध लगाया गया, जिसमें 93% से अधिक उपयोगकर्ताओं या नियामकों द्वारा पता लगाए जाने से पहले ही हटा दिए गए [15]।
“हमारे ऐप्स में, हमारे सिस्टम दुर्भावनापूर्ण खातों का पता लगाते हैं और उन्हें हटाते हैं। लेकिन हम जानते हैं कि स्कैमर्स हमारे डिटेक्शन से बचने की कोशिश करते हैं और तुरंत दुर्भावनापूर्ण खातों का उपयोग नहीं कर सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीमों ने आपको कुछ संदिग्ध लगने से पहले सचेत करने के लिए नए उपकरण बनाए हैं।”
– मेटा का आधिकारिक बयान
वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान
मेटा ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया है, क्योंकि वे अक्सर ऑनलाइन घोटालों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं [12, 18]। कंपनी ने दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ मिलकर ‘स्कैम से बचो’ (Scam Se Bacho) जैसा अभियान शुरू किया है, जो वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन घोटालों को पहचानने और रिपोर्ट करने में मदद करने के लिए बहुभाषी वीडियो सामग्री प्रदान करता है [7, 12]।
आगे की कार्रवाई और पारदर्शिता
इन नए सुरक्षा उपकरणों के अलावा, मेटा विज्ञापनदाता सत्यापन कार्यक्रम का भी विस्तार कर रहा है ताकि पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा सके और व्यवसायों का प्रतिरूपण करने वाले खातों पर नकेल कसी जा सके [2]। कंपनी दुनिया भर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि घोटालों का पता लगाया जा सके और उन्हें बाधित किया जा सके।
मेटा का लक्ष्य 2026 के अंत तक अपने विज्ञापन राजस्व का 90% सत्यापित विज्ञापनदाताओं से प्राप्त करना है, जो वर्तमान में 70% है [3, 6]। यह कदम यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि विज्ञापनों के पीछे की पहचान अधिक पारदर्शी हो।
निष्कर्ष
मेटा द्वारा फेसबुक, व्हाट्सएप और मैसेंजर पर लॉन्च किए गए ये नए स्कैम डिटेक्शन टूल्स ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। AI का प्रभावी उपयोग और लक्षित चेतावनियाँ उपयोगकर्ताओं को संभावित घोटालों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। हालांकि, उपयोगकर्ताओं को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की आवश्यकता है। ऑनलाइन घोटालों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, और इन प्लेटफार्मों पर सुरक्षा को लगातार अपडेट करना उपयोगकर्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- मेटा ने फेसबुक, व्हाट्सएप और मैसेंजर पर नए AI-संचालित स्कैम डिटेक्शन टूल्स लॉन्च किए हैं।
- ये उपकरण उपयोगकर्ताओं को संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट, डिवाइस लिंकिंग प्रयासों और भ्रामक संदेशों के बारे में सचेत करेंगे।
- AI का उपयोग सेलिब्रिटी प्रतिरूपण, नकली ब्रांडों और भ्रामक लिंक का पता लगाने के लिए किया जा रहा है।
- मेटा ने 2025 में 159 मिलियन से अधिक स्कैम विज्ञापनों को हटाया और लाखों खातों को बंद किया।
- भारत में ऑनलाइन घोटालों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ये सुरक्षा उपाय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जहाँ 2024 में करोड़ों का नुकसान हुआ है।
- वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘स्कैम से बचो’ जैसे जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
- मेटा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विज्ञापनदाता सत्यापन कार्यक्रम का विस्तार कर रहा है।
- उपयोगकर्ताओं को इन सुरक्षा सुविधाओं का लाभ उठाने के साथ-साथ सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है।













