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मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हथियार, गोला-बारूद और 50 IEDs जब्त किए

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: हथियार, गोला-बारूद और 50 IEDs जब्त

मणिपुर, भारत का एक उत्तर-पूर्वी राज्य, जो पिछले दो वर्षों से जातीय हिंसा की चपेट में है, में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार, 21 मार्च 2026 को जारी एक पुलिस बयान के अनुसार, सुरक्षा बलों ने राज्य के विभिन्न पहाड़ी और घाटी जिलों में तलाशी अभियान के दौरान कम से कम 29 आग्नेयास्त्र, भारी मात्रा में गोला-बारूद और 50 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) जब्त किए हैं। यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं, जिसने अब तक 260 से अधिक लोगों की जान ली है और हजारों को विस्थापित किया है।

बरामदगी का विवरण और अभियान

पुलिस के बयान में कहा गया है कि शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को की गई इन बरामदगियों में कई महत्वपूर्ण हथियार और विस्फोटक शामिल हैं। काकचिंग जिले के वाबगई तुरेल मामेई इलाके में एक अभियान के दौरान, सुरक्षा बलों ने AK-56 राइफल सहित छह आग्नेयास्त्र, तीन ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किए। इसके अतिरिक्त, टेंग्नौपाल जिले के लोइसी और सैवोम गांवों के आसपास के इलाकों से 29 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs), पांच देसी हैंड ग्रेनेड, पांच इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और कई अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की गई।

इम्फाल पश्चिम जिले के लामडेंग और कामेंग क्षेत्रों से, सुरक्षा बलों ने ग्यारह पिस्तौल, 85 जिंदा कारतूस, चार कैमोफ्लाज बुलेटप्रूफ वेस्ट और तीन अन्य आग्नेयास्त्र बरामद किए। टेंग्नौपाल के माची पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत एसएल ज़ौगाम क्षेत्र से नौ IEDs, एक पिस्तौल और कुछ गोला-बारूद जब्त किए गए। इसी तरह, टेंग्नौपाल में भारत-म्यांमार सीमा के पास यांगौबंग गांव से बारह IEDs, चार रेडियो सेट, तीन पिस्तौल और एक ग्रेनेड लांचर बरामद हुए। इन सभी बरामद IEDs को सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नष्ट कर दिया गया। थौबल जिले के तेकचम संजी चिंग की तलहटी से पांच आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद जब्त किए गए।

मणिपुर में जारी जातीय हिंसा का संदर्भ

मणिपुर में यह बरामदगी उस पृष्ठभूमि में हुई है जब राज्य मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच गंभीर जातीय हिंसा का सामना कर रहा है। इस हिंसा के कारण अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। इस संघर्ष की जड़ें अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग और भूमि स्वामित्व जैसे मुद्दों से जुड़ी हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और उपद्रवियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान और क्षेत्र प्रभुत्व अभ्यास कर रहे हैं।

सुरक्षा अभियानों का महत्व

सुरक्षा बलों द्वारा हथियारों और विस्फोटकों की यह बरामदगी राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन अभियानों का उद्देश्य न केवल अवैध हथियारों के जखीरे को खत्म करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि इन हथियारों का उपयोग भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा या आपराधिक गतिविधि के लिए न हो सके। सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखी है और वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा काफिले भी प्रदान किए जा रहे हैं।

“सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान और क्षेत्र प्रभुत्व अभ्यास कर रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखना है।” – मणिपुर पुलिस का बयान

हालिया घटनाक्रम और भविष्य की दिशा

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मणिपुर में सुरक्षा अभियान केवल हथियारों की बरामदगी तक ही सीमित नहीं हैं। हाल के दिनों में, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध अफीम की खेती और उग्रवादी समूहों की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए भी व्यापक अभियान चलाए गए हैं। इन अभियानों ने राज्य में अवैध नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत सरकार और राज्य प्रशासन मणिपुर में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में राज्य की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है और मुख्यमंत्री को नशीले पदार्थों के कार्टेल पर नकेल कसने और विस्थापित लोगों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। इन संयुक्त प्रयासों से मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

  • मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 29 आग्नेयास्त्र, भारी मात्रा में गोला-बारूद और 50 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) जब्त किए।
  • यह बरामदगी शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को राज्य के विभिन्न पहाड़ी और घाटी जिलों में तलाशी अभियानों के दौरान हुई।
  • मणिपुर मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा का सामना कर रहा है, जिसमें 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों विस्थापित हुए हैं।
  • सुरक्षा बल राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
  • बरामद किए गए IEDs को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया है।
  • इन बरामदगियों का उद्देश्य अवैध हथियारों के जखीरे को खत्म करना और भविष्य में होने वाली हिंसा को रोकना है।
  • हालिया अभियानों में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध अफीम की खेती पर भी नकेल कसी गई है।
  • भारत सरकार और राज्य प्रशासन मणिपुर में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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