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मुंबई और ठाणे में भीषण गर्मी: पारा 40°C पार, येलो अलर्ट जारी

मुंबई और ठाणे में भीषण गर्मी का प्रकोप: पारा 40°C के पार, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

मुंबई और ठाणे समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जो नागरिकों को अत्यधिक गर्मी और उमस के प्रति सतर्क रहने की सलाह देता है। कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे अप्रैल-मई की भीषण गर्मी का अहसास अभी से होने लगा है।

गर्मी का प्रकोप और तापमान में वृद्धि

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान में बने एक शक्तिशाली एंटी-साइक्लोन के कारण गर्म और शुष्क हवाएं पूर्व की ओर से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों की ओर बह रही हैं। इस मौसमी बदलाव के चलते, मुंबई में दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि ठाणे और नवी मुंबई जैसे इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। कल्याण-डोबिवली जैसे उपनगरों में तो तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। शनिवार को तापमान में गिरावट के बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन रविवार को इसमें फिर से बढ़ोतरी देखी गई।

IMD का येलो अलर्ट और बचाव की सलाह

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान में यह बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है।

“मार्च की शुरुआत से ही गर्मी एमएमआर (मुंबई महानगर क्षेत्र) पर हावी है। 8 मार्च को कई इलाकों में हीट वेव चली। आने वाले दिनों में गर्मी के और प्रचंड होने की आशंका है।”

– मौसम विशेषज्ञ

गर्मी के कारण और प्रभाव

गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण राजस्थान के ऊपर बना एंटी-साइक्लोन सिस्टम है, जो गर्म हवाओं के प्रवाह को बढ़ा रहा है। जब तक यह सिस्टम अरब सागर की ओर नहीं खिसकता, तब तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। अत्यधिक गर्मी का सीधा प्रभाव जनजीवन पर पड़ रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।

गर्मी से बचाव के उपाय

बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए, नागरिकों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है:

  • पर्याप्त जलयोजन: दिन भर में खूब पानी पिएं। इसके अलावा, छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी और फलों के रस का सेवन करें।
  • धूप से बचाव: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधी धूप से बचें। बाहर निकलते समय छाता, टोपी या स्कार्फ का उपयोग करें।
  • हल्के कपड़े पहनें: सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें जो हवादार हों।
  • खान-पान: हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें। भारी, तैलीय और बासी भोजन से बचें। सड़क किनारे मिलने वाले खाने से परहेज करें।
  • घर के अंदर रहें: अत्यधिक गर्मी के घंटों के दौरान घर के अंदर या ठंडी जगहों पर रहने की कोशिश करें।
  • स्वास्थ्य पर ध्यान दें: बुजुर्ग, बच्चे और बीमार व्यक्ति विशेष सावधानी बरतें। यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं

डॉक्टरों ने गर्मी के अचानक बढ़ने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में चेतावनी दी है। अस्थमा और सांस की तकलीफ वाले मरीजों में श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गले का संक्रमण और ऊपरी श्वसन पथ के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। गर्मी में जठरांत्र संबंधी समस्याएं जैसे एक्यूट गैस्ट्रोएन्टराइटिस और टाइफाइड का खतरा भी बढ़ जाता है, खासकर यदि अस्वच्छ भोजन का सेवन किया जाए। हीट स्ट्रोक का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है।

हीटवेव और भारत

भारत में हीटवेव (लू) एक गंभीर मौसमी समस्या बन गई है, जो जलवायु परिवर्तन के कारण लगातार बढ़ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, हीटवेव तब मानी जाती है जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी इलाकों में 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, या सामान्य तापमान से 5-6 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाता है [7, 19]। हाल के वर्षों में, हीटवेव की तीव्रता, अवधि और आवृत्ति में वृद्धि देखी गई है, जिससे देश की बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है [16]।

भविष्य की आशंकाएं

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अप्रैल और मई में गर्मी और भी अधिक बढ़ सकती है। इस बीच, नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और गर्मी से बचाव के सभी आवश्यक उपाय करें। पानी की संभावित कमी को देखते हुए, जल संरक्षण के महत्व को भी समझना आवश्यक है [14]।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • मुंबई और ठाणे में पारा 40°C पार, भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है।
  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
  • गर्मी का मुख्य कारण राजस्थान में बना एंटी-साइक्लोन है, जो गर्म हवाओं के प्रवाह को बढ़ा रहा है।
  • तापमान में बढ़ोतरी से हीटवेव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, विशेषकर हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और जठरांत्र संबंधी बीमारियों के जोखिम बढ़ गए हैं।
  • नागरिकों को पर्याप्त जलयोजन, धूप से बचाव, हल्के कपड़े पहनने और स्वस्थ खान-पान जैसी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
  • अप्रैल और मई में गर्मी के और अधिक बढ़ने की आशंका है।
  • हीटवेव भारत में एक गंभीर मौसमी समस्या है, जो जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही है।

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