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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली की महिलाओं के लिए 4 कल्याणकारी योजनाएं लॉन्च

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली की महिलाओं के लिए 4 कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया

नई दिल्ली: महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू ने 2 मार्च, 2026 को दिल्ली सरकार की चार प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का अनावरण किया। ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम के तहत इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में इन योजनाओं को लॉन्च किया गया। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं की गतिशीलता, सुरक्षा और वित्तीय सहायता को बढ़ाना है, जो ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

चार प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं: एक विस्तृत अवलोकन

राष्ट्रपति मुर्मू ने जिन चार योजनाओं का शुभारंभ किया, वे दिल्ली की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। ये योजनाएं वित्तीय सुरक्षा, सुगम आवागमन और घरेलू सहायता जैसे विभिन्न पहलुओं को संबोधित करती हैं।

1. दिल्ली लखपति बिटिया योजना (Delhi Lakhpati Bitiya Yojana)

यह योजना बालिकाओं के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इसके तहत, जन्म से लेकर स्नातक तक, प्रत्येक पात्र बालिका के नाम पर विभिन्न किश्तों में 61,000 रुपये जमा किए जाएंगे। ब्याज सहित, यह राशि 21 साल की उम्र तक बढ़कर लगभग 1.25 लाख रुपये हो जाएगी, बशर्ते वह स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा पूरा करे। यह योजना एक पूरी तरह से डिजिटल, चेहरा-रहित, एंड-टू-एंड ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड इस योजना के वित्तीय प्रबंधन को संभालेगी। इस योजना के लिए 128 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाली लड़कियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

2. सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड (Saheli Pink Smart Card)

महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुलभ गतिशीलता को मजबूत करने के उद्देश्य से, ‘सहेली पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) लॉन्च किया गया है। यह कार्ड दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा, जो ‘वन नेशन-वन कार्ड’ की परिकल्पना के अनुरूप है। इस कार्ड का उपयोग मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) पर भी भुगतान करके किया जा सकेगा। यह कार्ड न्यूनतम दस्तावेज़ीकरण के आधार पर जारी किया जाएगा और आधार से जुड़ा होगा। लगभग 50 जिला मजिस्ट्रेट/उप-विभागीय मजिस्ट्रेट कार्यालयों और चयनित डीटीसी केंद्रों पर 3 मार्च से इसके लिए आवेदन किए जा सकेंगे।

3. लाडली योजना के तहत डीबीटी (DBT under Ladli Scheme) – ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ पहल

इस पहल के तहत, राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से 40,642 पात्र लड़कियों के खातों में 100.25 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की। यह योजना, जो 2008 से चल रही है, बालिकाओं के जन्म और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस चरण से पहले, लगभग 90 करोड़ रुपये 30,000 से अधिक लड़कियों को हस्तांतरित किए गए थे। इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता और समय पर लाभ सुनिश्चित करना है।

4. होली और दिवाली पर राशन कार्ड धारकों के लिए मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना

यह योजना राशन कार्ड धारक परिवारों को होली और दिवाली के त्योहारों पर दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर प्रदान करेगी। इस पहल के तहत पात्र परिवारों के खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित की जाएगी। यह कदम घरेलू खर्चों को कम करने और इन त्योहारों के दौरान परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए उठाया गया है। इस योजना के लिए लगभग 130 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

“महिलाओं का सशक्तिकरण एक विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है। सच्ची सशक्तिकरण महिलाओं को स्वतंत्र निर्णय लेने, गरिमा के साथ जीने और शिक्षा व समान अधिकारों तक पहुंचने की क्षमता प्रदान करती है।” – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

योजनाओं का महत्व और राष्ट्रपति का संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’, सहेली स्मार्ट कार्ड और दिल्ली लखपति बिटिया योजना जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी और एक समृद्ध दिल्ली के निर्माण में योगदान देंगी। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जब तक आधी आबादी को सशक्त नहीं बनाया जाएगा, तब तक 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।

दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इन योजनाओं को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं लाखों महिलाओं को सीधे लाभान्वित करेंगी और उनके जीवन को मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर को दिल्ली के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य जन्म से लेकर उच्च शिक्षा, सुरक्षित आवागमन और घरेलू राहत तक महिलाओं का समर्थन करना है।

महिला सशक्तिकरण: एक राष्ट्रीय अनिवार्यता

राष्ट्रपति मुर्मू ने रेखांकित किया कि महिलाएं समाज का एक अनिवार्य स्तंभ हैं, और उनका सम्मान व सशक्तिकरण एक सभ्य राष्ट्र का सच्चा प्रतीक है। उन्होंने केंद्रीय सरकारी पहलों जैसे ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, और ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ का भी उल्लेख किया, जिन्होंने महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता के रास्ते खोले हैं। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं की बढ़ी हुई राजनीतिक भागीदारी पर भी प्रकाश डाला, जिसे उन्होंने महिला-नेतृत्व वाले विकास की दृष्टि को मजबूत करने वाला बताया।

यह ध्यान देने योग्य है कि इन योजनाओं का शुभारंभ ऐसे समय में हुआ है जब महिला सशक्तिकरण भारत के विकास विमर्श का एक केंद्रीय विषय बन गया है। भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार नई पहलों की शुरुआत कर रही हैं। [Source: ThePrint](https://theprint.in/india/president-droupadi-murmu-launches-four-women-welfare-schemes-of-delhi-govt/1758618/) और [Source: Daily Pioneer](https://www.dailypioneer.com/2026/President-launches-4-welfare-schemes-for-women.html) जैसी प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों ने इन योजनाओं के शुभारंभ और उनके महत्व को व्यापक रूप से कवर किया है।

इन पहलों के माध्यम से, दिल्ली सरकार का लक्ष्य न केवल महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, बल्कि उन्हें समाज में समान अवसर, सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करके सशक्त बनाना भी है। यह ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहां महिलाएं आत्मविश्वास के साथ जीवन के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकें।

मुख्य बातें (Key Takeaways)

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली की महिलाओं के लिए चार कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया: दिल्ली लखपति बिटिया योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, लाडली योजना के तहत डीबीटी (मेरी पूंजी, मेरा अधिकार) और मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना।
  • दिल्ली लखपति बिटिया योजना प्रत्येक बालिका के लिए जन्म से स्नातक तक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जो 21 वर्ष की आयु तक लगभग 1.25 लाख रुपये तक बढ़ सकती है।
  • सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड दिल्ली की महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देगा, जिससे उनकी गतिशीलता और सुरक्षा बढ़ेगी।
  • लाडली योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से 40,642 लाभार्थियों के खातों में 100.25 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई, जो बालिकाओं की शिक्षा और जन्म को बढ़ावा देती है।
  • मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना के तहत, राशन कार्ड धारक परिवारों को होली और दिवाली पर दो मुफ्त सिलेंडर दिए जाएंगे, जिससे घरेलू खर्चों में राहत मिलेगी।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण एक विकसित भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है और यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
  • ये योजनाएं ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ के दृष्टिकोण का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाना है।
  • इन पहलों से दिल्ली की लाखों महिलाओं को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और वे समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
  • यह कदम भारत सरकार की व्यापक महिला सशक्तिकरण पहलों के अनुरूप है, जैसे ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’।
  • योजनाओं के कार्यान्वयन में डिजिटल पारदर्शिता और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) पर जोर दिया गया है ताकि लाभार्थियों तक लाभ कुशलतापूर्वक पहुंचे।

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