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लोकसभा ने 2.01 लाख करोड़ अतिरिक्त व्यय को मंजूरी दी: वित्त मंत्री

लोकसभा ने अनुमोदित किया 2.01 लाख करोड़ का अतिरिक्त बजटीय आवंटन

13 मार्च 2026 को लोकसभा ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक मांगों की दूसरी श्रृंखला पारित कर 2.01 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन को आश्वस्त किया कि यह अतिरिक्त व्यय राजकोषीय घाटे को प्रभावित नहीं करेगा, जो संशोधित अनुमानों के भीतर ही रहेगा। यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

अनुपूरक बजट का विस्तृत विश्लेषण

कुल व्यय और आय का गणितीय विभाजन

सरकार ने वित्त वर्ष में 2.81 लाख करोड़ रुपये का सकल अतिरिक्त व्यय मांगा है। हालांकि, अतिरिक्त आय के रूप में 80,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है, जिससे वास्तविक नकद व्यय 2.01 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रहता है। यह कुशल वित्तीय प्रबंधन का प्रतीक है।

  • सकल अनुपूरक व्यय: 2.81 लाख करोड़ रुपये
  • अतिरिक्त आय प्राप्तियां: 80,000 करोड़ रुपये
  • नेट नकद व्यय: 2.01 लाख करोड़ रुपये
  • राजकोषीय घाटे में कोई वृद्धि नहीं: 4.4% GDP पर बना रहेगा

रक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश

सरकार ने 41,430 करोड़ रुपये का आवंटन रक्षा सेवाओं (राजस्व) के लिए किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार सैनिकों का समर्थन और सुदृढ़ीकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह निवेश देश की सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। रक्षा बजट का विस्तृत विश्लेषण यहां पढ़ें।

ग्रामीण रोजगार योजना में 30,000 करोड़ की वृद्धि

ग्रामीण विकास और रोजगार के लिए सरकार ने MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि 95,000 करोड़ के मूल आवंटन के साथ यह अतिरिक्त राशि ग्रामीण भारत में रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगी।

आर्थिक स्थिरता कोष: वैश्विक झटकों से सुरक्षा

57,381 करोड़ रुपये का आर्थिक बफर

सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आर्थिक स्थिरता कोष (Economic Stabilisation Fund) की स्थापना है, जिसके लिए 57,381.84 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। यह कोष भारतीय अर्थव्यवस्था को आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान और अप्रत्याशित वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाने के लिए एक वित्तीय तकिया प्रदान करेगा। आर्थिक स्थिरता कोष की विस्तृत जानकारी।

  • उद्देश्य: ऊर्जा मूल्य में वृद्धि से उपभोक्ताओं की सुरक्षा
  • भूमिका: महत्वपूर्ण वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना
  • संदर्भ: US-इजराइल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक अस्थिरता

अन्य प्रमुख व्यय आवंटन

खाद्य सुरक्षा और कृषि

सरकार ने निम्नलिखित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश किया है:

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: 23,641 करोड़ रुपये
  • उर्वरक सब्सिडी: 19,230 करोड़ रुपये

ये आवंटन भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। विस्तृत बजट विश्लेषण के लिए यहां क्लिक करें।

राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना

4.4% GDP पर राजकोषीय घाटा स्थिर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि दूसरे अनुपूरक बजट के कारण व्यय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। राजकोषीय घाटा 4.4% GDP पर बना हुआ है, जो संशोधित अनुमानों के अनुरूप है। सरकार का कुल व्यय अनुमान 50.65 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 49.65 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।

जनवरी 2026 तक सरकार 36.90 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, जो बाकी वर्ष में सावधानीपूर्वक व्यय प्रबंधन का संकेत है। इस दृष्टिकोण से सरकार वित्तीय संकट से बचते हुए आवश्यक निवेश जारी रख सकती है।

सरकार की नीति और रणनीति

लचीली प्रशासनिक रणनीति

वित्त मंत्री ने कहा कि अनुपूरक मांगें खराब प्रारंभिक बजट निर्धारण का संकेत नहीं हैं, बल्कि एक लचीली और प्रतिक्रियाशील शासन प्रणाली का प्रमाण हैं। सरकार ने ऐसी मांगों को वर्ष में “न्यूनतम” दो तक सीमित रखा है। यह दृष्टिकोण अर्थव्यवस्था को अप्रत्याशित परिस्थितियों के अनुसार समायोजित करने में मदद करता है।

विपक्ष को संबोधित करते हुए

विपक्ष के सदस्य LPG की कमी को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार का फोकस वैश्विक संकट से निपटने पर रहा। सीतारमण ने विपक्ष से अपील की कि रक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए आवंटित धन के लिए समर्थन दें। सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये का आर्थिक संतुलन कोष बनाने का औचित्य भी समझाया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अनुमोदित अतिरिक्त व्यय: लोकसभा ने 2.01 लाख करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी है
  • राजकोषीय अनुशासन: राजकोषीय घाटा 4.4% GDP पर बना है, जो वित्तीय स्थिरता दर्शाता है
  • रक्षा निवेश: 41,430 करोड़ रुपये का आवंटन सैन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा
  • ग्रामीण विकास: MGNREGA में 30,000 करोड़ रुपये की वृद्धि रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगी
  • आर्थिक सुरक्षा: 57,381 करोड़ रुपये का Economic Stabilisation Fund वैश्विक आर्थिक झटकों से सुरक्षा प्रदान करेगा
  • खाद्य सुरक्षा: गरीब कल्याण अन्न योजना और उर्वरक सब्सिडी में बड़ा निवेश गरीब वर्गों को समर्थन देगा

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