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बड़ी खबर: GST विभाग का शिकंजा कसा! UltraTech समेत बड़ी कंपनियों पर 800 करोड़ का टैक्स डिमांड

बड़ी खबर: GST विभाग का शिकंजा कसा! UltraTech समेत बड़ी कंपनियों पर 800 करोड़ का टैक्स डिमांड

हाइलाइट्स जो आपको जानने चाहिए:

UltraTech Cement पर 782 करोड़ रुपये का GST नोटिस – देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी को झटका

असम में McLeod Russel Tea के दफ्तर में 5 दिन से जारी छापेमारी – 12 सदस्यीय टीम कर रही जांच

महाराष्ट्र में 22 करोड़ की फर्जी GST क्रेडिट का खुलासा – 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

Music Broadcast (Radio City) को भी 89 लाख का नोटिस – GST विभाग ने की कार्रवाई


देश भर में GST विभाग की सख्ती, कंपनियों में हड़कंप

पिछले कुछ हफ्तों में भारत का GST विभाग पूरी ताकत से सामने आया है। बड़ी-बड़ी कंपनियों के दफ्तरों में छापे, करोड़ों रुपये के टैक्स डिमांड नोटिस, और फर्जी बिलिंग के मामलों में गिरफ्तारियां – ये सब एक साथ हो रहा है।

सवाल यह है कि आखिर क्या हो रहा है? क्या सरकार वाकई टैक्स चोरी पर लगाम कसने का फैसला कर चुकी है? आइए समझते हैं पूरा माजरा।


UltraTech को मिला 782 करोड़ का झटका

देश की नंबर वन सीमेंट कंपनी UltraTech Cement को पटना के Joint Commissioner of Central GST ने एक बड़ा नोटिस भेजा है। इस नोटिस में:

  • 390 करोड़ रुपये की GST की कमी का आरोप
  • 390 करोड़ रुपये का पेनाल्टी
  • 28 लाख रुपये का ब्याज
  • कुल डिमांड: 782 करोड़ रुपये

यह नोटिस 2018-19 से लेकर 2022-23 तक की अवधि को कवर करता है। विभाग का कहना है कि कंपनी ने GST कम भरा है और Input Tax Credit का गलत इस्तेमाल किया है।

कंपनी का जवाब

UltraTech ने अपनी तरफ से कहा है कि यह नोटिस “बिना सही विचार किए” जारी किया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि:

  • वे इस मामले को कोर्ट में चुनौती देंगे
  • उनके ऑपरेशन या फाइनेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा
  • वे अपने सभी कानूनी विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं

दिलचस्प बात यह है कि यह UltraTech को मिला पहला नोटिस नहीं है। इसी महीने गुजरात के अधिकारियों ने भी उन्हें 71 लाख रुपये का एक और नोटिस भेजा था।


असम की चाय बागानों में 5 दिन से चल रही छापेमारी

अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ बड़े औद्योगिक घरानों तक सीमित है, तो यह खबर पढ़िए।

असम में McLeod Russel India – जो देश की सबसे बड़ी चाय उत्पादक कंपनियों में से एक है – के गुवाहाटी के पास Amingaon इंडस्ट्रियल यूनिट में पिछले 5 दिनों से लगातार छापेमारी चल रही है।

क्या है मामला?

State GST Department की 12 सदस्यीय टीम, जिसका नेतृत्व सीनियर टैक्स ऑफिसर Monuj Kumar Dowari कर रहे हैं, ने कई गंभीर खामियां पाई हैं:

  • फर्जी फर्मों से Input Tax Credit लेने का आरोप
  • करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की आशंका
  • दस्तावेज़ों में गड़बड़ी मिली है

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग का आरोप है कि कंपनी “पूरी तरह से असहयोग” कर रही है। न तो डायरेक्टर्स सामने आ रहे हैं, न ही कोई अधिकृत प्रतिनिधि।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर यह रवैया जारी रहा, तो “गंभीर परिणाम” हो सकते हैं।

McLeod Russel के पास असम में करीब 30-33 चाय बागान हैं और उनका मुख्यालय कोलकाता में है, लेकिन अभी तक कंपनी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


महाराष्ट्र में 22 करोड़ की फर्जी GST स्कीम का खुलासा

ठाणे जिले में पुलिस ने एक बड़े GST फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिन्होंने:

  • 8 फर्जी GST रजिस्टर्ड फर्में बनाईं
  • 22 करोड़ रुपये से ज्यादा का फर्जी Input Tax Credit क्लेम किया
  • अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच यह सब किया

कौन हैं आरोपी?

  1. Nikhil Gaikwad – Dynamic Enterprises के नाम से
  2. Noor Mohammad Vasim Pinjari
  3. Navnath Sukrya Gharat
  4. Sarfaraj (पूरा नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं)

इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने झूठे दस्तावेज़ों और गलत जानकारी के साथ GST Act के तहत रजिस्ट्रेशन लिए और फिर बोगस क्रेडिट जनरेट किया।

अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। यह केस organized crime, cheating और Maharashtra GST Act, 2017 के तहत दर्ज किया गया है।


Radio City की मालिक Music Broadcast को भी नोटिस

निजी FM नेटवर्क Radio City की पैरेंट कंपनी Music Broadcast को लखनऊ के Deputy Commissioner ने 89.63 लाख रुपये का GST डिमांड नोटिस भेजा है।

यह नोटिस वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित है और इसमें central, state और integrated GST – तीनों शामिल हैं।

कंपनी ने 19 दिसंबर को यह नोटिस प्राप्त किया और 22 दिसंबर को औपचारिक रूप से दर्ज किया। अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा है:

  • उन्हें अपील में सफलता की “मजबूत संभावना” है
  • इसका उनके ऑपरेशन या वित्त पर कोई material impact नहीं होगा
  • प्रारंभिक कानूनी सलाह के अनुसार उनके पास “उचित आधार” हैं

क्यों हो रही है इतनी सख्ती?

अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक यह सब क्यों हो रहा है, तो कुछ बातें समझिए:

1. Input Tax Credit की धोखाधड़ी पर फोकस

GST विभाग ने पाया है कि बहुत सारी कंपनियां और लोग फर्जी बिलों के जरिए Input Tax Credit क्लेम कर रहे हैं। यह पूरे सिस्टम को नुकसान पहुंचा रहा है।

2. शेल कंपनियों का जाल

कई लोग सिर्फ कागजों पर कंपनियां बना रहे हैं, जिनका कोई असली बिजनेस नहीं है। ये सिर्फ फर्जी बिल बनाने के लिए हैं।

3. राजस्व में सुधार की जरूरत

सरकार को अपने टारगेट पूरे करने हैं और टैक्स चोरी रोकना जरूरी है।

4. डिजिटल ट्रैकिंग

अब तकनीक की मदद से गड़बड़ियां पकड़ना आसान हो गया है। GST Network के डेटा से मिलान करके विभाग को पता चल जाता है कि कहां कुछ गलत है।


कंपनियों का रुख: लड़ेंगे कोर्ट में

दिलचस्प बात यह है कि लगभग सभी कंपनियां जिन्हें नोटिस मिले हैं, वे कह रही हैं:

✓ हम इसे चुनौती देंगे ✓ हमारे पास मजबूत केस है ✓ इसका कोई material impact नहीं होगा ✓ हमारे ऑपरेशन सामान्य रूप से चलते रहेंगे

लेकिन सवाल यह है – क्या सभी कंपनियां सही हैं, या विभाग की जांच में दम है? यह तो समय ही बताएगा।


आम लोगों के लिए क्या मायने रखता है?

अगर आप सोच रहे हैं कि “मुझसे क्या लेना-देना,” तो ये बातें ध्यान दीजिए:

1. कीमतों पर असर: अगर बड़ी कंपनियों को भारी टैक्स चुकाना पड़ा, तो वे इसे कंज्यूमर्स पर डाल सकती हैं। सीमेंट, चाय, और दूसरे प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं।

2. छोटे कारोबारियों के लिए चेतावनी: अगर आप बिजनेस करते हैं, तो अपने GST रिटर्न और Input Tax Credit के records सही रखिए। अब सरकार गंभीर है।

3. नौकरियों पर संभावित असर: अगर कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा, तो वे कॉस्ट कटिंग कर सकती हैं।


विशेषज्ञों की राय

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि यह enforcement drive अचानक नहीं है। पिछले कुछ महीनों से संकेत मिल रहे थे कि सरकार GST compliance पर सख्त होने वाली है।

कुछ विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि कई मामलों में interpretation का मुद्दा है – यानी कंपनी को लगता है वे सही हैं, लेकिन विभाग की अलग व्याख्या है। ऐसे मामले आखिरकार कोर्ट में ही सुलझेंगे।


आगे क्या होगा?

अभी यह तो साफ है कि GST विभाग ने अपनी पकड़ मजबूत की है। आने वाले महीनों में:

🔍 और ज्यादा छापेमारी हो सकती है 📊 बड़े-बड़े डिमांड नोटिस आ सकते हैं ⚖️ कोर्ट में लंबी लड़ाई चलेगी 💼 कंपनियां अपनी compliance टीम मजबूत करेंगी


निष्कर्ष

UltraTech से लेकर McLeod Russel तक, Radio City से लेकर ठाणे के फर्जी फर्मों तक – यह सिर्फ इत्तेफाक नहीं है। भारत सरकार ने GST compliance को लेकर एक clear message भेजा है: “हम गंभीर हैं और कोई छूट नहीं है।”

चाहे आप एक बड़ी कंपनी हों या छोटे कारोबारी, अब समय आ गया है कि अपने टैक्स मामलों को पूरी तरह से साफ रखें। क्योंकि GST विभाग की नजर अब हर जगह है।


अपडेट के लिए जुड़े रहें

यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। जैसे-जैसे ये मामले कोर्ट में आगे बढ़ेंगे और नए खुलासे होंगे, हम आपको अपडेट करते रहेंगे।

अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं – क्या आपको लगता है कि यह सख्ती जरूरी है, या यह कंपनियों पर ज्यादा बोझ है?


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