भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में युद्ध केवल ज़मीन, समुद्र या हवा तक सीमित नहीं रहेंगे। अब लड़ाइयाँ साइबर, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कॉग्निटिव डोमेन में लड़ी जाएंगी, जहाँ फैसले सेकंडों में लेने होंगे।
IIT बॉम्बे के Techfest में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए जनरल चौहान ने कहा कि मल्टी-डोमेन वॉरफेयर अब विकल्प नहीं, बल्कि ज़रूरत बन चुका है। उन्होंने बताया कि भविष्य के संघर्ष तेज़, तकनीक-आधारित और बेहद जटिल होंगे।
Operation Sindoor: आधुनिक युद्ध का उदाहरण

CDS ने मई 2025 में हुए Operation Sindoor को भारत की नई सैन्य रणनीति का ब्लूप्रिंट बताया। चार दिन चले इस ऑपरेशन में थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर आतंकवादी ठिकानों और दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को सटीक हमलों से निष्क्रिय किया।
यह ऑपरेशन दिखाता है कि कैसे अलग-अलग डोमेन्स में एक साथ कार्रवाई करके निर्णायक बढ़त हासिल की जा सकती है।
छोटे और लंबे युद्ध—दोनों के लिए तैयारी
जनरल चौहान ने कहा कि भारत को एक ओर कम समय के, उच्च तीव्रता वाले संघर्षों के लिए तैयार रहना होगा, वहीं दूसरी ओर लंबे समय तक चलने वाले युद्धों की संभावना को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, खासकर परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसियों के संदर्भ में।
IITs और डिफेंस का बढ़ता सहयोग
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर ज़ोर देते हुए बताया कि सरकार ने कई IITs के साथ रक्षा अनुसंधान को लेकर समझौते किए हैं।
IIT बॉम्बे में हाल ही में स्थापित Centre for Defence Technology Innovation and Strategy ने मात्र 10 महीनों में करीब 20 रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।
✍️ 3. “पराग प्रश” स्टाइल – विश्लेषणात्मक राय
सवाल यह नहीं है कि युद्ध बदलेगा या नहीं—
सवाल यह है कि क्या हम समय रहते खुद को बदल पाएंगे?
आज का युद्ध सीमा पर खड़े सैनिक से ज़्यादा उस इंजीनियर, साइबर विशेषज्ञ और रिसर्च स्कॉलर पर निर्भर करता है, जो लैब या सिस्टम के पीछे बैठा है। अगर भारत को भविष्य की लड़ाइयाँ जीतनी हैं, तो सिर्फ़ हथियार नहीं, दिमाग, डेटा और डिसीजन स्पीड में भी बढ़त बनानी होगी।
Operation Sindoor ने साफ दिखा दिया कि भारत अब पुरानी सोच से आगे निकल चुका है। अब ज़रूरत है कि नीति, शिक्षा और तकनीक—तीनों एक साथ आगे बढ़ें।
युद्ध का मैदान बदल चुका है, अब तैयारी भी उसी हिसाब से होनी चाहिए।













