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बीजेपी का राष्ट्रव्यापी विरोध: कांग्रेस की ‘टॉपलेस’ AI समिट प्रदर्शन पर

बीजेपी ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शनिवार को कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया, जब भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 को ‘टॉपलेस’ (शर्ट‑लेस) तरीके से बाधित किया। इस कार्रवाई को बीजेपी ने ‘राष्ट्रविरोधी’ और ‘शर्मनाक’ कहा, और कांग्रेस पर सार्वजनिक माफी की माँग की।

AI समिट का महत्व और पृष्ठभूमि

बहारत मंडप में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन में 80 से अधिक देशों के प्रमुख तकनीकी कंपनियों, शोध संस्थानों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। भारत की AI रणनीति, स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम और भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा होने वाली थी। इस मंच पर भारत को विश्व तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही थी।

कांग्रेस का ‘टॉपलेस’ विरोध प्रदर्शन

IYC के लगभग दस कार्यकर्ताओं ने QR‑कोड पास के माध्यम से समिट के हॉल में प्रवेश किया और अचानक अपनी शर्टें उतार कर सफेद टी‑शर्ट पर मोदी, ट्रम्प और भारत‑अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ नारे दिखाए। प्रमुख नारे थे:

  • “PM Modi Compromised”
  • “India‑US Trade Deal Bad for India”
  • “Stop the Compromise”

प्रदर्शन केवल कुछ मिनटों तक चला, लेकिन उपस्थित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और भारतीय मीडिया ने इसे बड़े पैमाने पर कवरेज दिया।

बीजेपी का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया

समिट के बाद, बीजेपी ने देश के प्रमुख शहरों – दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर और कोलकाता – में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। दिल्ली में, बीजेपी अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा और लोकसभा सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस मुख्यालय के सामने मार्च किया, काले झंडे लहराते हुए कांग्रेस को ‘देशद्रोही’ कहा। मुंबई में, राहुल गांधी के आगमन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और उन्हें ‘अँधविश्वासी’ कहा।

बीजेपी के राष्ट्रीय IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर (X) पर कहा, “जब भारत विश्व AI मंच पर चमक रहा है, कांग्रेस ने राष्ट्रीय गरिमा को धूमिल करने के लिए इस तरह का ‘शर्मनाक’ प्रदर्शन किया। यह राष्ट्रीय शरम है, न कि लोकतांत्रिक विरोध।”

गिरफ्तारी और कानूनी कदम

दिल्ली पुलिस ने चार IYC नेताओं – कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव – को गिरफ्तार किया। उन्हें ‘राष्ट्रद्रोह’ और ‘सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा’ के आरोपों में हिरासत में लिया गया। कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, “यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन पुलिस को उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।”

राजनीतिक प्रभाव और आगे की दिशा

यह घटना भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि, तकनीकी नीति और आगामी चुनावी माहौल पर असर डाल सकती है। बीजेपी इस मुद्दे को ‘राष्ट्रविरोधी’ करार देकर अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के एजेंडे को मजबूत कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के रूप में बचाव कर रही है। दोनों पक्षों के बीच यह टकराव आगामी राज्य चुनावों में भी एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है।

निष्कर्ष

‘टॉपलेस’ AI समिट विरोध ने भारत की तकनीकी मंच पर एक अनपेक्षित राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। जबकि बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय शरम के रूप में उजागर किया, कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक आवाज़ कहा। इस संघर्ष का परिणाम भविष्य में भारत की तकनीकी नीति और राजनीतिक समीकरणों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

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