पाकिस्तान के हवाई हमलों के बाद अफगानिस्तान में बढ़ती तनाव
एक रात में दो देशों के बीच फिर से सीमा पर रक्तरंजित संघर्ष छिड़ गया। पाकिस्तान की वायु सेना ने अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में कई लक्ष्य पर सटीक हवाई हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप नागरिकों की बड़ी संख्या में मौत और घायल हुए। यह कार्रवाई हाल के आत्मघाती बम विस्फोटों के जवाब में की गई, जिन्हें पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में स्थित आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार ठहराया।
मुख्य घटनाक्रम
22 फरवरी 2026 को रात के मध्य, पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उसके सहयोगियों के खिलाफ सात कैंपों को निशाना बनाया। हमले नंगरहार और पक्तिका के ग्रामीण इलाकों में हुए, जहाँ एक स्कूल, कई घर और एक धार्मिक स्कूल (मदरसा) भी लक्ष्य बन गया।
हिंसा के आँकड़े
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक पाकिस्तान के हवाई हमलों में 70 अफगान नागरिक मारे गए।
- अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस बार कम से कम 18 नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं।
- स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, एक घर में 23 परिवार के सदस्य मारे गए, जबकि पाँच घायल लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
- हवाई हमलों के बाद कई घरों के ध्वस्त होने के कारण हजारों लोग बेघर हो गए।
अफगान सरकार की प्रतिक्रिया
“यह एक स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और अफगान राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ एक कुख्यात कृत्य है,” अफगान रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा।
काबुल ने इस हमले को “उचित प्रतिक्रिया” का वादा किया, जिससे दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध की संभावना बढ़ गई।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई मानवाधिकार संगठनों ने दोनों पक्षों से शांति और संयम बरतने का आग्रह किया। अल जज़ीरा और बीबीसी ने इस घटना को “नागरिकों के खिलाफ एक कुख्यात हमला” कहा।
भौगोलिक और राजनैतिक पृष्ठभूमि
2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद तीव्र हो गया है। दोनों देशों ने कई बार स्थगित युद्ध और मध्यस्थता के प्रयास किए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। इस बीच, सऊदी अरब और क़तर ने मध्यस्थता की कोशिशें कीं, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है।
भविष्य की संभावनाएँ
- काबुल की संभावित जवाबी कार्रवाई से सीमा पर फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव हो सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी के कारण शांति वार्ता में प्रगति धीमी रह सकती है।
- स्थानीय आबादी के लिए मानवीय संकट बढ़ता रहेगा, जिससे शरणार्थी प्रवाह और मानवीय सहायता की आवश्यकता में इजाफा होगा।
निष्कर्ष
पाकिस्तान के हवाई हमलों ने अफगानिस्तान में न केवल मानवीय त्रासदी को बढ़ाया, बल्कि दो देशों के बीच पहले से ही जटिल सीमा विवाद को और गहरा कर दिया। यदि इस तनाव को कूटनीतिक उपायों से हल नहीं किया गया, तो क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।













