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मैसूर विश्वविद्यालय और KSOU ने होम साइंस पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया – विज्ञान और समाज का पुल

मैसूर विश्वविद्यालय और KSOU ने होम साइंस पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया

एक रोमांचक दो‑दिन के कार्यक्रम में मैसूर विश्वविद्यालय और कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (KSOU) ने “Ecological Approaches for Resilient and Transformative Home Science: Empowering Sustainability through Science and Community Engagement” शीर्षक से होम साइंस पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन न केवल अकादमिक जगत के लिए, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक प्रेरणा बन गया, जहाँ विज्ञान और दैनिक जीवन के बीच की खाई को पाटने का प्रयास किया गया।

समारोह की शुरुआत और मुख्य अतिथि

समारोह की शान्दार शुरुआत शिवरथ्री देशिकेंद्र स्वामी ने की, जो सुत्तुर मठ के प्रमुख हैं। उनके बाद वाइस‑चांसलर प्रो. एन.के. लोकनाथ ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कहा, “होम साइंस विज्ञान और समाज के बीच एक पुल है, जो प्रयोगशाला के शोध को घर‑परिवार की वास्तविकताओं से जोड़ता है।”

“सस्टेनेबिलिटी अब विकल्प नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। लचीलापन अब एक अवधारणा नहीं, बल्कि आवश्यकता है। और परिवर्तन अब दूर का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर प्रक्रिया है,” प्रो. एन.के. लोकनाथ ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा।

सम्मेलन के प्रमुख विषय और सत्र

दो दिन के कार्यक्रम में पाँच प्रमुख थीम पर गहन चर्चा हुई। प्रत्येक थीम को विशेषज्ञ पैनल, तकनीकी प्रस्तुतियों और पोस्टर सत्रों के माध्यम से उजागर किया गया। नीचे प्रमुख बिंदुओं का सारांश दिया गया है:

  • मानव विकास और परिवार अध्ययन – जीवन कौशल, बाल विकास, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी पर फोकस।
  • भोजन विज्ञान और पोषण – सतत खाद्य प्रणाली, पोषक तत्वों की सुरक्षा, और समुदाय‑आधारित पोषण कार्यक्रम।
  • परिवार संसाधन प्रबंधन – जल, ऊर्जा और कचरा प्रबंधन में नवाचार, तथा घर‑परिवार में सर्कुलर इकोनॉमी के मॉडल।
  • कपड़ा विज्ञान और परिधान डिजाइन – इको‑फ्रेंडली टेक्सटाइल, बायोडिग्रेडेबल फाइबर और स्थानीय कारीगरों का सशक्तिकरण।
  • विस्तार शिक्षा और संचार प्रबंधन – डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, सामुदायिक सहभागिता और विज्ञान संचार की नई रणनीतियाँ।

उल्लेखनीय प्रतिभागी और सहयोगी संस्थाएँ

सम्मेलन में KSOU के वीसी शरणप्पा वी. हॉल्से, पूर्व CFTRI निदेशक डॉ. वी. प्रकाश, रजिस्ट्रार एम.के. सविता और कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया। साथ ही होम साइंस के क्षेत्र में अग्रणी संस्थाएँ, जैसे कि होम साइंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

अंतर्राष्ट्रीय मंच का शुभारंभ

सम्मेलन के दौरान International Confederation and Academy for Human, Family and Community Scientists का लोगो भी लॉन्च किया गया। यह मंच वैश्विक स्तर पर होम साइंस के शोधकर्ताओं, संस्थानों और पेशेवरों को जोड़ने का लक्ष्य रखता है, जिससे अंतर‑विषयक सहयोग को बढ़ावा मिले।

भविष्य की दिशा और अपेक्षित प्रभाव

इस सम्मेलन ने कई महत्वपूर्ण संदेश दिए:

  • होम साइंस को स्थिरता और समुदाय सहभागिता के मुख्य स्तंभ के रूप में स्थापित करना।
  • शिक्षा, अनुसंधान और नीति‑निर्माण में विज्ञान‑आधारित समाधान को प्राथमिकता देना।
  • छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना, जिससे नवाचार को गति मिले।

इन पहलों के माध्यम से, भारत में होम साइंस को एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है।

समापन टिप्पणी

समापन में प्रो. एन.के. लोकनाथ ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल ज्ञान का उत्पादन नहीं, बल्कि उसे समाज के हर कोने तक पहुँचाना है।” इस भावना के साथ, सम्मेलन ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे अपने‑अपने क्षेत्रों में स्थायी और लचीले समाधान विकसित करें, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त समाज का निर्माण हो सके।

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