इजराइल-ईरान युद्ध: तनाव की चौथी घड़ी में तेजी से बढ़ता संकट
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के तीसरे दिन स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ईरानी रक्षा बलों ने मंगलवार को नई मिसाइलें दागीं और अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु दर बढ़कर 6 हो गई है। ट्रम्प प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यह अभियान 5 सप्ताह तक चल सकता है।
28 फरवरी को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन रोयरिंग लायन’ (इजराइल) और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (अमेरिका) के तहत अब तक 2,000 से अधिक बम ईरानी लक्ष्यों पर गिराए जा चुके हैं। इजराइल की वायु सेना ने तेहरान और बेरूत में 500 सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जो अपने इतिहास में सबसे बड़ा हवाई अभियान है।
तेहरान और बेरूत में इजराइली हमले तेज हो गए
इजराइली सेना ने मंगलवार को तेहरान और बेरूत दोनों शहरों में एक साथ सैन्य ठिकानों पर हमले किए। फ्रांसीसी समाचार एजेंसी एएफपी के पत्रकारों ने ईरान की राजधानी में जोरदार विस्फोटों की खबर दी।
- तेहरान में: इजराइली सेना ने मुख्य सैन्य अड्डों और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया
- बेरूत में: हेजबुल्लाह के ठिकानों पर व्यापक बमबारी की गई
- दक्षिणी लेबनान में: इजराइली सेना ने जमीनी सैनिकों को तैनात किया है
इजराइली सेना प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि लेबनान में जमीनी आक्रमण के विकल्प खुले हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सैन्य उद्देश्य ईरानी मिसाइलों, उनके उत्पादन, नौसेना और सुरक्षा ढांचे को नष्ट करना है।
ईरान का जवाबी हमला और खाड़ी देशों पर प्रहार
ईरान ने इजराइल की कार्रवाई के बाद भारी पलटवार किया है। बहरीन, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा। अब तक ईरानी हमलों से इजराइल में 11 लोगों की मौत हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी-इजराइली हमलों को ‘युद्ध का कार्य’ बताया और जवाबी कार्रवाई की घोषणा की।
- ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों को निशाना बना रही हैं
- होर्मुज जलडमरूमध्य का ईरान द्वारा बंद किया जाना वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में बाधा डाल रहा है
- यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में अपने हमले फिर से शुरू करने की घोषणा की
हेजबुल्लाह और यमनी हूतियों का प्रवेश
2 मार्च की सुबह हेजबुल्लाह ने लेबनान से इजराइल के हैफा शहर की ओर रॉकेट दागे। इजराइली सेना के प्रवक्ता ने इसे ‘हेजबुल्लाह द्वारा युद्ध की घोषणा’ बताया। यमनी हूतियों ने भी लाल सागर में अपनी कार्रवाई फिर से शुरू करने की घोषणा कर दी है।
इजराइली सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अयल जामीर ने चेतावनी दी कि बहुमोर्चा अभियान लंबा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले 36 घंटों में ईरान की मिसाइल और वायु रक्षा व्यवस्था को भारी क्षति पहुंची है।
वैश्विक तेल बाजार और आर्थिक प्रभाव
इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जाने वाली विश्व की 20-30% तेल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। ईरान के इस जलडमरूमध्य को बंद करने से कुवैत, यूएई और ओमान के हवाई अड्डों और बंदरगाहों को नुकसान पहुंचा है।
- तेल की कीमत में तेजी आने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को असर पड़ सकता है
- शिपिंग और व्यापार मार्गों में रुकावट से कीमतें बढ़ रही हैं
- खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है
बेंजामिन नेतन्याहू का बयान और शासन परिवर्तन का लक्ष्य
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की कि यह अभियान ईरान के ‘आतंकवादी शासन’ को हटाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व 47 सालों से ‘इजराइल को मौत’ और ‘अमेरिका को मौत’ का नारा दे रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि संयुक्त अभियान ‘ईरानी जनता को अपने भाग्य पर नियंत्रण लेने के लिए’ अनुकूल परिस्थितियां बनाएगा।
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, अब तक 1,000 से अधिक अमेरिकी हमले किए जा चुके हैं। इजराइली वायु सेना ने तेहरान के ऊपर वायु वर्चस्व प्राप्त कर लिया है।
भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इस संघर्ष पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने अपने नागरिकों से उस क्षेत्र से तुरंत निकलने का अनुरोध किया है। यह क्षेत्र विश्व की कई प्रमुख आर्थिक शक्तियों के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत के तेल आयात का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। संघर्ष की स्थिति हर घंटे बिगड़ रही है और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
मुख्य सांख्यिकी:
- 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत (अब तक)
- 11 इजराइली नागरिकों की मौत ईरानी हमलों में
- 2,000+ बम ईरानी लक्ष्यों पर गिराए गए
- 500 सैन्य ठिकानों को नष्ट किया गया
- 200 इजराइली लड़ाकू विमान संचालित
- 5 सप्ताह तक चल सकता है यह अभियान
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- तीसरे दिन तीव्रता: इजराइली और अमेरिकी सेनाओं के संयुक्त अभियान में हर दिन हमलों की तीव्रता बढ़ रही है
- हेजबुल्लाह का प्रवेश: लेबनान स्थित हेजबुल्लाह ने भी इस संघर्ष में प्रवेश कर दिया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है
- आर्थिक प्रभाव: तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है
- भारत पर असर: तेल के आयात से जुड़ी भारत की अर्थव्यवस्था को इस संघर्ष से सीधा नुकसान हो सकता है
- लंबी अवधि: ट्रम्प प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह अभियान कई सप्ताह तक चल सकता है
- शासन परिवर्तन का लक्ष्य: यह केवल सैन्य अभियान नहीं बल्कि ईरान में राजनीतिक परिवर्तन लाने का प्रयास है













