नासा का DART मिशन खोलता है अंतरिक्ष का एक नया रहस्य
अंतरिक्ष विज्ञान में एक नई खोज ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। नासा के DART (डबल एस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट) मिशन की तस्वीरों में एक अविश्वसनीय सच्चाई सामने आई है—छोटे चंद्रमा वाले एस्टेरॉयड एक-दूसरे को धीमी गति से ‘कॉस्मिक स्नोबॉल’ (ब्रह्मांडीय हिमगोले) फेंकते हैं। यह खोज साबित करती है कि हमारे सौर मंडल के एस्टेरॉयड बहुत ज्यादा सक्रिय हैं।
DART मिशन: मानवता की एक ऐतिहासिक जीत
सितंबर 2022 में, नासा के DART स्पेसक्राफ्ट ने Dimorphos नामक एक छोटे एस्टेरॉयड से लगभग 22,530 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से टकराया। यह मिशन सफल रहा और Dimorphos की कक्षा में 33 मिनट का बदलाव आया। Dimorphos एक बड़े एस्टेरॉयड Didymos का चंद्रमा है, जो पृथ्वी के लिए कोई खतरा नहीं है।
इस टकराव से पहले, Dimorphos को Didymos के चारों ओर एक पूर्ण परिक्रमा करने में 11 घंटे 55 मिनट का समय लगता था। प्रभाव के बाद, यह समय घटकर 11 घंटे 23 मिनट रह गया। यह परिणाम वैज्ञानिकों की सभी अपेक्षाओं से कहीं अधिक प्रभावशाली था।
एस्टेरॉयड सिस्टम पर वैश्विक प्रभाव
नए विश्लेषण से पता चला है कि DART के टकराव ने पूरे एस्टेरॉयड सिस्टम की सूर्य के चारों ओर की कक्षा को भी बदल दिया। सिस्टम की सौर कक्षा में 0.15 सेकंड का परिवर्तन आया, जबकि सिस्टम की गति में 11.7 माइक्रोन प्रति सेकंड का बदलाव हुआ।
हालांकि ये परिवर्तन बहुत छोटे हैं, लेकिन यह साबित करते हैं कि मानव द्वारा निर्मित अंतरिक्षयान सौर मंडल में खगोलीय पिंडों की गति को वास्तव में बदल सकते हैं।
‘कॉस्मिक स्नोबॉल’ की खोज: नई सच्चाई
DART मिशन से प्राप्त तस्वीरों ने Dimorphos पर फीकी धारियां दिखाईं। ये धारियां धीमी गति से चलने वाले ब्रह्मांडीय मलबे की पहली सीधी दृश्य प्रमाण हैं। ये कण Didymos से अलग होकर उसके चंद्रमा Dimorphos पर गिर रहे हैं।
- सूर्य की भूमिका: सूर्य के विकिरण से एस्टेरॉयड इतनी तेजी से घूमने लगते हैं कि वे अपनी सतह से मलबा उड़ाने लगते हैं
- धीमी गति से गिरना: यह मलबा इतनी धीमी गति से चलता है कि यह एक ‘हिमगोले’ जैसा प्रतीत होता है
- टकराव का संकेत: Dimorphos पर इन कणों के प्रभाव से ही वे धारियां बनती हैं
एस्टेरॉयड की नई सूरत
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि DART के टकराव ने Dimorphos का आकार ही बदल दिया है। पहले यह एक सममित वस्तु था, लेकिन अब यह ‘ट्राइएक्सियल इलिप्साइड’ बन गया है—कुछ अंडाकार तरबूज जैसा दिखता है। नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के नेविगेशन इंजीनियर Shantanu Naidu ने इस अध्ययन का नेतृत्व किया।
पृथ्वी की सुरक्षा के लिए महत्व
यह खोज ग्रहों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर वैज्ञानिकों को सालों या दशकों पहले कोई खतरनाक एस्टेरॉयड मिल जाए, तो एक छोटी-सी अंतरिक्षयान की टक्कर भी उसे पृथ्वी से सुरक्षित रास्ते पर ले जा सकती है।
नासा ने अब तक 8,000 से अधिक ‘नीयर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स’ (NEO) रिकॉर्ड किए हैं। इनमें से कुछ 460 फीट व्यास से भी बड़े हैं। अगर इनमें से कोई एक भी पृथ्वी पर गिरे, तो वह एक पूरे राज्य को तबाह कर सकता है।
गतिज प्रभावकारी तकनीक
DART मिशन में ‘किनेटिक इम्पैक्टर’ तकनीक का उपयोग किया गया था। इसका मतलब है एक अंतरिक्षयान को सीधे एस्टेरॉयड से टकराया जाता है। इस टकराव से निकला मलबा एक प्राकृतिक रॉकेट ईंधन की तरह काम करता है, जो एस्टेरॉयड को और भी अधिक विक्षेपित करता है। इसे ‘मोमेंटम एन्हांसमेंट’ कहते हैं।
भविष्य की संभावनाएं
यह खोज साबित करती है कि नियर-अर्थ एस्टेरॉयड पहले की सोच से कहीं ज्यादा सक्रिय और गतिशील हैं। ये आपस में लगातार सामग्री का आदान-प्रदान करते हैं। DART मिशन की सफलता मानवता के लिए एक ऐतिहासिक पल है—पहली बार हमने सफलतापूर्वक यह साबित किया है कि हम अंतरिक्ष में किसी खगोलीय पिंड की गति को बदल सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- कॉस्मिक स्नोबॉल की खोज: Dimorphos पर फीकी धारियां छोटे एस्टेरॉयड कणों का प्रमाण हैं जो Didymos से धीमी गति से आ रहे हैं
- 33 मिनट का परिवर्तन: DART के टकराव ने Dimorphos की Didymos के चारों ओर कक्षा को 33 मिनट कम कर दिया
- सूर्य की भूमिका: सूर्य का विकिरण एस्टेरॉयड को इतनी गति से घुमाता है कि वे अपना मलबा फेंकने लगते हैं
- ग्रहों की रक्षा: यह तकनीक भविष्य में पृथ्वी को खतरनाक एस्टेरॉयड से बचा सकती है
- एस्टेरॉयड का नया आकार: DART के प्रभाव से Dimorphos का आकार तरबूज जैसा बदल गया है
- ऐतिहासिक सफलता: यह पहली बार है कि मानवता ने अंतरिक्ष में किसी पिंड की गति को सफलतापूर्वक बदला है













