उत्तर प्रदेश सरकार की श्रम कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: श्रमिकों और कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के श्रमिकों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना, उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और समाज के वंचितों को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने श्रम कल्याण के क्षेत्र में एक नया दृष्टिकोण अपनाया है, जो योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर केंद्रित है।
श्रम कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की पहलें
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) के माध्यम से, सरकार ने शिक्षा, मातृत्व, विवाह, चिकित्सा और आवास जैसी आवश्यक सहायता प्रदान की है। इन योजनाओं का सीधा लाभ श्रमिकों तक पहुँच रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
मुख्य कल्याणकारी योजनाएं और उनके लाभ:
- कन्या विवाह सहायता योजना: इस योजना के तहत, अब तक 84,891 श्रमिक बेटियों के विवाह के लिए योगी सरकार द्वारा 440 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। यह योजना गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक संबल प्रदान करती है।
- मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना: इस योजना के तहत 1,09,841 महिलाओं को 364 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है। यह योजना माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करती है।
- निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांग सहायता योजना: यदि किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु हो जाती है या वह दिव्यांग हो जाता है, तो उसके आश्रित परिवार को 5.25 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है। इसमें 25,000 रुपये अंत्येष्टि के लिए और शेष राशि 5 साल तक मासिक किस्तों में दी जाती है।
- अटल आवासीय विद्यालय योजना: इस योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालयों के समान आवासीय शिक्षा सुविधा प्रदान की जाएगी। राज्य भर में 18 आवासीय विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों को कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा देंगे।
सामाजिक सुरक्षा कवच: एक व्यापक पहल
उत्तर प्रदेश सरकार ने 90 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान किया है, जिससे राज्य देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पांच लाख रुपये तक का सुरक्षा कवच पाने वाले लाभार्थियों की संख्या अब 14 प्रतिशत आबादी तक पहुँच चुकी है। यह पहल राज्य के नागरिकों को विभिन्न जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करती है।
दिव्यांगजन और कमजोर वर्गों के लिए सहायता
सरकार दिव्यांगजनों और कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के सशक्तिकरण के लिए भी प्रतिबद्ध है।
- दिव्यांग पेंशन योजना: इस योजना के तहत, 40% या उससे अधिक विकलांगता वाले पात्र दिव्यांग व्यक्तियों को प्रति माह ₹1,000 की पेंशन दी जाती है।
- कुष्ठ पेंशन योजना: कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को प्रति माह ₹3,000 की पेंशन प्रदान की जाती है।
- कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना: इस योजना के तहत दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए जाते हैं, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं:
- मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना: यह एक निःशुल्क कोचिंग पहल है जो यूपीएससी, राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों की सहायता करती है।
- उत्तर प्रदेश बेरोजगारी भत्ता योजना: इस योजना का उद्देश्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलने तक ₹1,000 से ₹1,500 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
- आयुष्मान कार्ड योजना: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्रमिक पंजीकरण और लाभ
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) का पोर्टल (upbocw.in) श्रमिकों को विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन प्रदान करता है। इसके माध्यम से श्रमिक पंजीकरण, नवीनीकरण, योजनाओं के लिए आवेदन और श्रमिक प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान, 5,57,567 श्रमिकों को बोर्ड की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला, जिस पर 710.96 करोड़ रुपये खर्च किए गए। बोर्ड के गठन के बाद से अब तक कुल 1.84 करोड़ से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें 63 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं।
सरकार ने श्रमिकों के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र भी स्थापित किए हैं, जो शौचालय, पंजीकरण और डिजिटल सेवाओं से सुसज्जित होंगे। विश्वकर्मा श्रमिक सराय योजना के तहत प्रवासी श्रमिकों को शहरों में सुरक्षित हॉस्टल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
“श्रमिकों को मजबूती प्रदान कर रही यूपी सरकार, 5.50 लाख से अधिक श्रमिकों को मिला बोर्ड का लाभ।”
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू कर रही है।
- कन्या विवाह सहायता योजना और मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
- निर्माण श्रमिकों की मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में उनके परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- अटल आवासीय विद्यालय योजना के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा मिलेगी।
- राज्य में 90 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान किया गया है।
- दिव्यांगजन और कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के लिए पेंशन और सहायक उपकरण जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
- मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और बेरोजगारी भत्ता योजना युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करती है।
- UPBOCW पोर्टल के माध्यम से श्रमिक ऑनलाइन पंजीकरण और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
- सरकार महिला श्रमिकों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है, जैसा कि श्रम क्षेत्र में उनकी बढ़ी हुई भागीदारी से स्पष्ट है।










