‘कर दिया काम’ बयान पर गरमाई सियासत: BJP ने AI समिट में यूथ कांग्रेस के ‘नग्न’ विरोध पर राहुल गांधी को घेरा
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और भविष्य को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन, ‘AI Impact Summit’ में भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए ‘नग्न’ विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस घटना ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक को जन्म दिया है, खासकर तब जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस विरोध का समर्थन करते हुए इसे ‘शेरों’ का काम बताया है। इस बयान ने बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का एक और मौका दे दिया है, जिससे यह मामला और भी गरमा गया है।
AI समिट में ‘नग्न’ विरोध: क्या है पूरा मामला?
यह घटना 20 फरवरी 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘AI Impact Summit’ के दौरान हुई। इस अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में दुनिया भर से प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, नेता और निवेशक शामिल हुए थे। इसी दौरान, भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप अपने कपड़े उतार दिए और सरकार तथा भारत-अमेरिका व्यापार सौदे के खिलाफ नारे लगाए। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य किसानों के अधिकारों की रक्षा और कथित तौर पर ‘समझौता किए गए’ प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठाना था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन कार्यकर्ताओं ने पहले से योजना बनाकर टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिस पर सरकार विरोधी नारे लिखे थे। उन्होंने सम्मेलन परिसर में प्रवेश के लिए वैध क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया और बाद में विरोध के लिए अपनी टी-शर्ट उतार दीं। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए, क्योंकि यह एक उच्च-सुरक्षा वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थल पर हुई थी।
राहुल गांधी का ‘शेरों’ वाला बयान और BJP का पलटवार
युवा कांग्रेस के इस ‘नग्न’ विरोध प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इन कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘बब्बर शेर’ (शेर) कहा। उन्होंने कहा, “हाल ही में, हमारे पास एक AI समिट थी। कर दिया काम यूथ कांग्रेस वालों ने।” राहुल गांधी का यह बयान बीजेपी के लिए एक बड़ा हमलावर बिंदु बन गया। बीजेपी के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन राहुल गांधी के इशारे पर आयोजित किया गया था और इसने वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल किया है।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राहुल गांधी का यह बयान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह विरोध उनके निवास पर सोची-समझी योजना का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक मंच पर शर्मिंदा करना था।” उन्होंने इस घटना की तुलना जवाहरलाल नेहरू के समय की एक कथित घटना से करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला।
कानूनी कार्रवाई और अदालती हस्तक्षेप
इस विरोध प्रदर्शन के बाद, दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की। शुरुआत में कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, और बाद में उनकी संख्या बढ़कर 14 हो गई, जिसमें युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल थे। इन पर दंगा, लोक सेवक को चोट पहुंचाना और ड्यूटी में बाधा डालना जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
“यह कृत्य केवल वैध असहमति के दायरे से परे है, जो सार्वजनिक व्यवस्था पर एक स्पष्ट हमला बन जाता है। यह न केवल आयोजन की पवित्रता को खतरे में डालता है, बल्कि गणराज्य की राजनयिक छवि को भी विदेशी हितधारकों के सामने धूमिल करता है।”
मामला अदालतों तक पहुंचा। एक दिल्ली अदालत ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हित और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि से समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे कृत्य, जो विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण आयोजनों को बाधित कर सकते हैं, उनकी गंभीर जांच की जानी चाहिए। हालांकि, बाद में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध को ‘राजनीतिक असहमति’ का कार्य करार देते हुए जमानत दे दी, जिसे दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा।
AI समिट का महत्व और विरोध का संदर्भ
AI Impact Summit 2026, जो 16 से 20 फरवरी 2026 तक दिल्ली में आयोजित हुआ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और वैश्विक सहयोग को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच था। इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेताओं, प्रमुख तकनीकी कंपनियों के सीईओ और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य AI के विकास, उपयोग और शासन पर चर्चा करना था, जिसमें भारत अपनी नेतृत्वकारी भूमिका स्थापित करना चाहता था।
इस संदर्भ में, युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन कई कारणों से विवादास्पद रहा:
- अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग: आलोचकों का कहना है कि एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, जहां भारत अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा था, का उपयोग घरेलू राजनीतिक एजेंडे के लिए किया गया।
- छवि पर प्रभाव: बीजेपी और कुछ शिक्षाविदों ने तर्क दिया कि इस तरह के विरोध ने वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
- लोकतंत्र बनाम अव्यवस्था: जहां कांग्रेस इसे ‘लोकतांत्रिक असहमति’ का एक रूप बता रही है, वहीं बीजेपी और कुछ अन्य लोगों ने इसे ‘अराजकता’ और ‘नग्न राजनीति’ करार दिया है।
आर्थिक और सामरिक महत्व
AI Impact Summit केवल एक तकनीकी सम्मेलन नहीं था, बल्कि यह भारत के आर्थिक और सामरिक भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण था। इस सम्मेलन में AI के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई, जैसे कि कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा, स्टार्टअप्स के लिए वित्तपोषण और सुरक्षित AI का विकास। भारत का लक्ष्य AI क्रांति में एक प्रमुख खिलाड़ी बनना है, न कि केवल दर्शक।
सम्मेलन के दौरान, कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुईं और वैश्विक कंपनियों ने भारत में निवेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस तरह के आयोजनों में व्यवधान, जैसा कि युवा कांग्रेस के विरोध ने किया, संभावित निवेशकों और भागीदारों के बीच भारत की स्थिरता और व्यवस्थापन क्षमताओं पर संदेह पैदा कर सकता है।
विभिन्न दृष्टिकोण और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना पर विभिन्न राजनीतिक दलों और वर्गों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): बीजेपी ने इस विरोध को ‘शर्मनाक’ और ‘भारत की छवि को खराब करने वाला कृत्य’ बताया। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को कांग्रेस की ‘नग्न राजनीति’ का प्रमाण करार दिया।
- भारतीय युवा कांग्रेस (IYC): युवा कांग्रेस ने अपने विरोध का बचाव करते हुए कहा कि यह बेरोजगार युवाओं के गुस्से को व्यक्त करने का एक तरीका था और वे ‘संवैधानिक मूल्यों’ और ‘राहुल गांधी के सैनिक’ हैं।
- शिक्षाविद: कई शिक्षाविदों ने इस विरोध की निंदा करते हुए कहा कि यह ‘अदूरदर्शी’ और ‘खेदजनक’ था, जिसने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया।
- न्यायपालिका: अदालतों ने शुरुआत में विरोध की गंभीरता को स्वीकार किया, लेकिन बाद में जमानत याचिकाओं पर विचार करते हुए इसे ‘राजनीतिक असहमति’ के रूप में भी देखा।
निष्कर्ष: ‘कर दिया काम’ या ‘बिगाड़ दिया काम’?
राहुल गांधी का ‘कर दिया काम’ वाला बयान, जिसे युवा कांग्रेस के विरोध के समर्थन में कहा गया, बीजेपी के लिए एक शक्तिशाली राजनीतिक हथियार बन गया है। जहाँ कांग्रेस इसे सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने और किसानों तथा युवाओं के मुद्दों को उठाने के रूप में पेश कर रही है, वहीं बीजेपी इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को शर्मिंदा करने की सोची-समझी साजिश के तौर पर देख रही है।
AI Impact Summit जैसे आयोजन भारत के लिए तकनीकी और आर्थिक विकास के बड़े अवसर लाते हैं। ऐसे में, किसी भी तरह का व्यवधान, चाहे वह राजनीतिक विरोध के रूप में ही क्यों न हो, इन अवसरों को खतरे में डाल सकता है। यह घटना भारत के राजनीतिक विमर्श में एक और अध्याय जोड़ती है, जहां विरोध के तरीके और उसके प्रभाव पर बहस जारी है।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में AI Impact Summit के दौरान ‘नग्न’ विरोध प्रदर्शन किया।
- यह विरोध किसानों के मुद्दों और कथित तौर पर ‘समझौता किए गए’ प्रधानमंत्री के खिलाफ था।
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस विरोध का समर्थन करते हुए कार्यकर्ताओं को ‘बब्बर शेर’ कहा और BJP ने इसे ‘कर दिया काम’ बयान से जोड़ा।
- BJP ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने का प्रयास बताया।
- दिल्ली पुलिस ने कई IYC कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और उन पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
- अदालतों ने विरोध की गंभीरता पर टिप्पणी की, लेकिन बाद में कई कार्यकर्ताओं को जमानत भी दी गई।
- AI Impact Summit 2026 भारत के लिए AI क्षेत्र में नेतृत्व स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच था।
- विवादों के बावजूद, इस घटना ने भारत की घरेलू राजनीति में AI और विरोध के तरीकों पर बहस को तेज कर दिया है।













