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एलपीजी उत्पादन 25% बढ़ा: सरकार ने घबराहट खरीदारी से कहा दूर रहें

रसोई गैस की चिंता दूर करने के लिए सरकार का बड़ा कदम

भारत में घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) का उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ गया है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि खाना पकाने वाली गैस को लेकर घबराने की कोई बात नहीं है। पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने 12 मार्च 2026 को नई दिल्ली में एक अंतर-मंत्रिस्तरीय ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को प्रोपेन, ब्यूटेन, प्रोपिलीन और ब्यूटीन की धाराओं को एलपीजी पूल में डालने का आदेश जारी किया।

सरकारी उपायों से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि

8 मार्च 2026 के सरकारी आदेश के बाद घरेलू एलपीजी का उत्पादन लगभग एक-चौथाई (25 प्रतिशत) बढ़ गया है। सरकार ने पूरा घरेलू उत्पादन घर-घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। यह कदम पश्चिम एशिया के संकट के समय भारत के ऊर्जा संकट को हल करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

  • 25 प्रतिशत बढ़ोतरी: घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है
  • घरेलू प्राथमिकता: सभी घरेलू उत्पादन परिवारों को दिया जाएगा
  • गैर-घरेलू सेवाएं: अस्पताल, स्कूल-कॉलेज जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता
  • तेल मार्केटिंग कंपनियां: आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल को पूरे उत्पादन की जिम्मेदारी

घबराहट खरीदारी की घटना और सरकारी नियंत्रण

देश भर में कुछ जगहों पर एलपीजी सिलेंडर के लिए घबराहट से खरीदारी देखी गई। लोग यह सोचकर अतिरिक्त सिलेंडर खरीद रहे थे कि कहीं आपूर्ति बाधित न हो जाए। सरकार ने इस स्थिति का सामना करने के लिए नई नीति अपनाई है।

सरकार ने नए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए प्रतीक्षा अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। यह कदम खराब आचरण को रोकने और घरेलू एलपीजी आपूर्ति के दुरुपयोग को रोकने के लिए लिया गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू किया गया है ताकि एलपीजी की उचित वितरण सुनिश्चित हो सके।

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, रोज लगभग 60 लाख सिलेंडर का वितरण हो रहा है। कोई भी एलपीजी वितरक अभाव की स्थिति में नहीं है।

क्रूड ऑयल आपूर्ति को लेकर भारत का मजबूत रुख

पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित रही है। भारत की कच्चे तेल की खपत रोज लगभग 55 लाख बैरल है। सरकार ने 40 देशों से कच्चा तेल आयात करके अपनी आपूर्ति विविध बनाई है।

  • 70 प्रतिशत विविध मार्ग: भारत का 70 प्रतिशत कच्चा तेल अब हार्मुज जलडमरूमध्य के बाहर से आ रहा है (पहले 55 प्रतिशत था)
  • सुरक्षित आपूर्ति: सरकार द्वारा सुरक्षित कच्चे तेल की मात्रा, सामान्य समय में हार्मुज के माध्यम से आने वाली मात्रा से अधिक है
  • विभिन्न स्रोत: तेल मार्केटिंग कंपनियों ने विभिन्न स्रोतों से कच्चे तेल के कार्गो सुरक्षित किए हैं

प्राकृतिक गैस का नियंत्रित वितरण

सरकार ने 9 मार्च 2026 को एक प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया। इसके तहत पाइप द्वारा दी जाने वाली गैस (पीएनजी) और सीएनजी को पूरी आपूर्ति दी जाएगी। चाय की फैक्ट्रियों, विनिर्माण इकाइयों को पिछले छह महीने की औसत आपूर्ति का 80 प्रतिशत मिलेगा।

भारत की कुल प्राकृतिक गैस खपत रोज लगभग 189 मिलियन मानक घन मीटर है। इसमें से 97.5 मिलियन घन मीटर देश में ही उत्पादित होता है। बाकी आयात पर निर्भर करना पड़ता है।

एलपीजी की मांग में बदलाव

सरकारी सूत्रों के अनुसार, रसोई गैस की मांग का पैटर्न बदल गया है। अब लोगों ने घबराहट खरीदारी करना शुरू कर दिया है। सरकार का मानना है कि यह एक अस्थायी परिघटना है और जल्द ही सामान्य हो जाएगी।

सरकार ने तीन तेल मार्केटिंग कंपनियों (आईओसीएल, एचपीसीएल, बीपीसीएल) के कार्यकारी निदेशकों का एक तीन सदस्यीय समिति गठित किया है। यह समिति रेस्तरां, होटलों और अन्य वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को एलपीजी का आवंटन देखेगी।

अंतर्राष्ट्रीय समर्थन और एलएनजी आपूर्ति

पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की गैस कंपनियों ने नए स्रोतों से एलएनजी की खरीदारी की है। दो एलएनजी कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं। भारत अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के आपातकालीन तेल भंडार जारी करने के निर्णय का भी स्वागत कर रहा है।

मुख्य बातें (Key Takeaways)

  • उत्पादन वृद्धि: घरेलू एलपीजी उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है
  • कोई घबराहट नहीं: सरकार ने साफ कर दिया है कि एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है और घबराहट खरीदारी की कोई जरूरत नहीं है
  • घरेलू प्राथमिकता: सरकार ने सभी घरेलू एलपीजी उत्पादन परिवारों को देने का निर्णय लिया है
  • विविध आयात: भारत 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे आपूर्ति सुरक्षित रहती है
  • नियमन उपाय: सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है और बुकिंग की प्रतीक्षा अवधि बढ़ाई है
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: नई एलएनजी आपूर्ति और अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भारत की ऊर्जा आवश्यकता पूरी करने में मदद कर रहा है

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