हरियाणा राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ का आरोप, भाजपा की जीत पर हंगामा
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव ने राजनीतिक गहमागहमी बढ़ा दी है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ‘वोट चोरी’ और ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि क्रॉस-वोटिंग और अवैध मतों के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। हालाँकि, इस हंगामे के बीच, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की है। इस परिणाम ने राजनीतिकBattle को और तेज कर दिया है और पार्टी के भीतर संकट खड़ा कर दिया है।
चुनाव का घटनाक्रम और आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव प्रक्रिया के दौरान, मतगणना में देरी हुई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा ने कांग्रेस के कुछ विधायकों पर वोट की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर वोट चुराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
- कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली की और ‘वोट चोरी’ का प्रयास किया। पार्टी ने अपने उन विधायकों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है जिन्होंने क्रॉस-वोटिंग की। कांग्रेस ने यह भी कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की।
- भाजपा का पलटवार: भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों पर भरोसा नहीं करती और उन्हें हिमाचल प्रदेश के रिसॉर्ट में ले गई थी। भाजपा ने कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा वोट की गोपनीयता भंग करने की शिकायत चुनाव आयोग से की।
- मतों की वैधता: चुनाव आयोग ने भाजपा की शिकायत के बाद कांग्रेस के एक विधायक, परमिंदर सिंह, का वोट अमान्य घोषित कर दिया। इसके अलावा, कांग्रेस के चार अन्य वोटों को भी अमान्य करार दिया गया।
राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया: एक अवलोकन
राज्यसभा सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों (विधायकों) द्वारा चुने जाते हैं। यह चुनाव ‘आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से एकल हस्तांतरणीय वोट’ (Single Transferable Vote – STV) प्रणाली के तहत होता है। इस प्रणाली में, विधायक उम्मीदवारों को अपनी वरीयता के अनुसार वोट देते हैं।
- खुला मतपत्र: राज्यसभा चुनावों में ‘खुले मतपत्र’ (Open Ballot) प्रणाली का उपयोग होता है। इसका मतलब है कि विधायक को अपना मतपत्र अपने पार्टी के अधिकृत एजेंट को दिखाना होता है। ऐसा क्रॉस-वोटिंग को रोकने के लिए किया जाता है।
- क्रॉस-वोटिंग: यदि कोई विधायक अपने पार्टी के निर्देशों के विरुद्ध वोट करता है, तो उसे क्रॉस-वोटिंग कहा जाता है। हालांकि, राज्यसभा चुनावों में एंटी-डिफेक्शन कानून (दल-बदल कानून) सीधे तौर पर लागू नहीं होता है, लेकिन पार्टी ऐसे विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।
- मतों की गणना: उम्मीदवार को जीतने के लिए एक निश्चित ‘कोटा’ या वरीयता वोट प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। यह कोटा कुल वैध वोटों को सीटों की संख्या + 1 से विभाजित करके और फिर 1 जोड़कर निकाला जाता है।
हरियाणा में राजनीतिक परिदृश्य
हरियाणा में 90 सदस्यीय विधानसभा में, भाजपा के 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 37। दो विधायक इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के हैं, जिन्होंने मतदान से परहेज किया। इस चुनाव में कांग्रेस के पाँच विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग की गई, जिसके कारण पार्टी को अपनी एक सीट बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, बी.के. हरिप्रसाद ने कहा है कि पार्टी क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
“यह एक स्पष्ट प्रयास है कि चुनाव की अखंडता में हस्तक्षेप किया जाए और इसे तुरंत रोका/सुधारा जाना चाहिए। इसके अलावा, हमारे वैध मतदाताओं/डाले गए वोटों की कोई अयोग्यता स्वीकार्य नहीं है, जो स्पष्ट रूप से प्रक्रिया को दूषित/पटरी से उतारने का एक पारदर्शी प्रयास है।” – कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का चुनाव आयोग को पत्र।
आगे क्या?
राज्यसभा चुनावों में हुई इस घटना ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस जहाँ अपने विधायकों के क्रॉस-वोटिंग से जूझ रही है, वहीं भाजपा अपनी जीत का जश्न मना रही है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे राज्यसभा चुनाव, जो अक्सर निर्विरोध होते हैं, भी राजनीतिक दांव-पेच और आरोप-प्रत्यारोप का मैदान बन सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट जीती।
- कांग्रेस ने भाजपा पर ‘वोट चोरी’ और ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगाया है।
- चुनाव के दौरान क्रॉस-वोटिंग और मतों की गोपनीयता भंग होने के आरोप लगे।
- कांग्रेस के चार वोट अमान्य घोषित किए गए, जबकि भाजपा का एक वोट भी अमान्य हुआ।
- कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग की गई, जिन पर पार्टी कार्रवाई की बात कह रही है।
- राज्यसभा चुनाव ‘आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से एकल हस्तांतरणीय वोट’ (STV) प्रणाली और ‘खुले मतपत्र’ के तहत होते हैं।
- दल-बदल कानून (Anti-Defection Law) सीधे तौर पर राज्यसभा चुनावों में लागू नहीं होता है।
- इनेलो के दो विधायकों ने मतदान से परहेज किया।
- चुनाव आयोग ने भाजपा की शिकायत पर कांग्रेस के एक विधायक का वोट अमान्य घोषित किया।
- यह घटनाक्रम हरियाणा की राजनीति में जारी राजनीतिकBattle को दर्शाता है।













