भाजपा का असम घोषणापत्र: विकास, सुरक्षा और रोज़गार पर केंद्रित वादे
गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है, जिसमें राज्य के विकास, सुरक्षा और रोज़गार सृजन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में जारी किए गए इस घोषणापत्र में कई महत्वपूर्ण वादों को शामिल किया गया है, जो राज्य के भविष्य को आकार देने का वादा करते हैं।
प्रमुख वादे और योजनाएं
रोज़गार सृजन: 2 लाख सरकारी नौकरियों का वादा
भाजपा ने अपने घोषणापत्र में अगले पांच वर्षों में 2 लाख युवाओं को सरकारी रोज़गार प्रदान करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस वादे को दोहराते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में भी सरकार ने सफलतापूर्वक रोज़गार सृजन किया है और इस बार यह लक्ष्य और भी बड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ये भर्तियां बिना किसी भ्रष्टाचार के, पूरी तरह से योग्यता के आधार पर की जाएंगी। यह वादा उन लाखों युवाओं के लिए आशा की किरण है जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं।
समान नागरिक संहिता (UCC) और ‘लव जिहाद’ पर कानून
घोषणापत्र में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लागू करने का वादा भी शामिल है। इस संबंध में, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा है कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम भी इस दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही, ‘लव जिहाद’ के ख़िलाफ़ कड़े कानून बनाने का भी वादा किया गया है। हाल ही में, असम सरकार ने ‘लव जिहाद’ के मामलों में अभियुक्तों के माता-पिता को भी गिरफ़्तार करने के प्रावधान वाले कानून लाने की घोषणा की है। यह कदम राज्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
बाढ़-मुक्त असम का सपना
असम, जो अक्सर विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित होता है, के लिए भाजपा ने ‘बाढ़-मुक्त असम’ बनाने का वादा किया है। घोषणापत्र में बाढ़ नियंत्रण उपायों के लिए 18,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य को बार-बार आने वाली बाढ़ से मुक्ति दिलाना है। यह योजना ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के प्रबंधन पर केंद्रित होगी, जिसमें जलाशयों का निर्माण भी शामिल हो सकता है ताकि अतिरिक्त पानी को संग्रहीत किया जा सके ।
अन्य महत्वपूर्ण वादे:
- भूमि पट्टे: सभी भूमिहीन भारतीय नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से भूमि पट्टे वितरित किए जाएंगे।
- ‘लैंड जिहाद’ पर कानून: ‘लव जिहाद’ के साथ-साथ ‘लैंड जिहाद’ की घटनाओं से निपटने के लिए भी उपयुक्त कानून बनाए जाएंगे।
- डे-रेडिकलाइजेशन नीति: सांप्रदायिक अलगाव और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले संगठनों और व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें सख्ती से कुचलने के लिए एक ‘असम डे-रेडिकलाइजेशन नीति’ तैयार की जाएगी।
- सीमा सुरक्षा: बांग्लादेश सीमा से घुसपैठ पर अंकुश लगाने के लिए सीमा निगरानी में प्रौद्योगिकी को जोड़ा जाएगा।
- नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC): भाजपा एक ‘सुधारित NRC’ जारी करने का वादा करती है, जिसका उद्देश्य वास्तविक भारतीय नागरिकों की रक्षा करना और अवैध प्रवासियों की पहचान करना है।
- महिलाओं का सशक्तिकरण: 40 लाख महिलाओं को 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, और मासिक सहायता भी बढ़ाई जाएगी।
- मुफ्त शिक्षा: प्री-प्राइमरी से विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा मुफ्त कर दी जाएगी।
- बुनियादी ढांचा: परिवहन प्रणालियों और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
- गरीब परिवारों को सहायता: गरीब परिवारों को चावल, दाल और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुएं मुफ्त में प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “हमारा घोषणापत्र असम के लोगों के लिए विकास, कल्याण और मजबूत शासन का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप है। हम असम के हितों की रक्षा करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यह घोषणापत्र असम के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर भाजपा के रुख को दर्शाता है। इन वादों का क्रियान्वयन राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
प्रमुख बातें (Key Takeaways)
- भाजपा ने असम चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया है।
- राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कड़े कानून बनाने का प्रस्ताव है।
- बाढ़-मुक्त असम बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।
- ‘लैंड जिहाद’ पर भी कानून बनाने और डे-रेडिकलाइजेशन नीति लागू करने का वादा किया गया है।
- भूमिहीन लोगों को भूमि पट्टे और महिलाओं को वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की गई है।
- शिक्षा को प्री-प्राइमरी से विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त करने का भी वादा है।
- भाजपा ने ‘सुधारित NRC’ जारी करने और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का भी संकल्प लिया है।













