खाद्य नवाचार में क्रांति: CFTRI वैज्ञानिकों को सोशल मीडिया और Gen Z पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश
नई दिल्ली: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को मैसूरु स्थित CSIR-सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) के वैज्ञानिकों से खाद्य प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने और ‘Gen Z’ उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं के अनुरूप नवाचार करने का आग्रह किया। संस्थान के प्लेटिनम जुबली समारोह के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए, डॉ. सिंह ने युवा पीढ़ी की बदलती अपेक्षाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म की शक्ति पर प्रकाश डाला, जो खाद्य उद्योग में नवाचार के भविष्य को आकार दे रहे हैं।
खाद्य नवाचार में Gen Z की भूमिका
Gen Z, जो 1996 और 2012 के बीच पैदा हुए, भारत की 27% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और उपभोग खर्च का लगभग 35% हिस्सा हैं। यह जनसांख्यिकी खाद्य नवाचार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जो स्वास्थ्य, स्थिरता और सामाजिक जागरूकता पर जोर देती है। मिंटेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, Gen Z भारतीय डेसर्ट संस्कृति को नया आकार दे रहा है, जिसमें मैच, कुनाफा और ‘दुबई चॉकलेट’ जैसे सोशल मीडिया-संचालित स्वादों की मांग बढ़ रही है। वे प्रामाणिकता, नवीनता और दृश्य अपील की तलाश करते हैं, जो खाद्य व्यवसायों के लिए नए उत्पाद विकास के अवसर पैदा करते हैं।
CFTRI जैसे संस्थान, जो खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास के लिए जाने जाते हैं, इन युवा उपभोक्ताओं की नब्ज को पकड़ने के लिए अपनी रणनीतियों को अनुकूलित करने की आवश्यकता है। मंत्री ने वैज्ञानिकों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की क्षमता का लाभ उठाएं ताकि वे अपने शोध और प्रौद्योगिकियों को व्यापक दर्शकों, विशेष रूप से युवा पीढ़ी तक पहुंचा सकें।
सोशल मीडिया: नवाचार का एक शक्तिशाली माध्यम
सोशल मीडिया केवल संचार का एक साधन नहीं रह गया है; यह खाद्य उद्योग में रुझानों को आकार देने और उपभोक्ता व्यवहार को प्रभावित करने वाला एक शक्तिशाली उपकरण बन गया है। भारत में, खाद्य उत्पाद कंपनियों के लिए सोशल मीडिया विपणन के लाभों में ब्रांड जागरूकता बढ़ाना, ग्राहकों के साथ सीधे जुड़ना, लागत प्रभावी विज्ञापन चलाना और उपभोक्ता की प्राथमिकताओं में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त करना शामिल है। मंत्री ने CFTRI वैज्ञानिकों को इन प्लेटफार्मों का उपयोग अपने नवाचारों को प्रदर्शित करने, उपभोक्ताओं से जुड़ने और बाजार की मांग के बारे में प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह रणनीति खाद्य नवाचार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, Gen Z की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए,CFTRI विशेष रूप से स्वास्थ्य और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने वाले नए खाद्य उत्पादों को विकसित कर सकता है। चूंकि Gen Z पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों में भी रुचि दिखा रहा है, इस क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।
CFTRI की भूमिका और सरकारी पहल
CSIR-CFTRI, जिसकी स्थापना 1950 में हुई थी, भारत में खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान है। यह खाद्य इंजीनियरिंग, जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान और पोषण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान करता है। संस्थान ने पहले ही 300 से अधिक उत्पादों, प्रक्रियाओं और उपकरण डिजाइनों का विकास किया है, जिन्हें व्यावसायिक अनुप्रयोग के लिए लाइसेंस दिया गया है।
भारत सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से विभिन्न पहलों के माध्यम से समर्थन कर रही है। इनमें प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) और उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना शामिल हैं, जिनका उद्देश्य अवसंरचना, रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ाना है। इसके अतिरिक्त, सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी नई तकनीकों को अपनाने को प्रोत्साहित कर रही है ताकि खाद्य प्रसंस्करण में दक्षता में सुधार हो सके। CFTRI, अपनी विशेषज्ञता के साथ, इन पहलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आगे की राह: नवाचार और जुड़ाव
मंत्री के आह्वान के जवाब में, CFTRI को अपनी अनुसंधान और विकास रणनीतियों में निम्नलिखित पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए:
- सोशल मीडिया उपस्थिति को मजबूत करना: खाद्य प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए सक्रिय रूप से सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करना।
- Gen Z की प्राथमिकताओं को समझना: स्वास्थ्य, स्थिरता, नवीनता और दृश्य अपील पर ध्यान केंद्रित करने वाले उत्पादों का विकास करना।
- सहयोगात्मक नवाचार: युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अन्य तकनीकी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना।
- पारंपरिक ज्ञान का आधुनिकीकरण: ‘नानी-कोर’ जैसे रुझानों का लाभ उठाना, जो Gen Z के बीच पारंपरिक भारतीय व्यंजनों में रुचि को फिर से जगा रहे हैं।
CFTRI के वैज्ञानिक खाद्य नवाचार के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सोशल मीडिया का प्रभावी ढंग से उपयोग करके और Gen Z की बदलती मांगों को पूरा करके, वे न केवल अपने शोध को लोकप्रिय बना सकते हैं, बल्कि भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
“हमारा लक्ष्य केवल नई खाद्य प्रौद्योगिकियों का आविष्कार करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वे समाज के लिए सुलभ और प्रासंगिक हों, खासकर युवा पीढ़ी के लिए। सोशल मीडिया और Gen Z की समझ इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण होगी।”
– एक CFTRI वैज्ञानिक
मुख्य निष्कर्ष
- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने CFTRI वैज्ञानिकों को खाद्य प्रौद्योगिकियों को लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने और Gen Z उपभोक्ताओं को लक्षित करने का निर्देश दिया है।
- Gen Z भारत में खाद्य नवाचार को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर रहा है, जो स्वास्थ्य, स्थिरता और नवीनता पर जोर देता है।
- सोशल मीडिया खाद्य उद्योग में ब्रांड जागरूकता बढ़ाने, ग्राहक जुड़ाव और बाजार अंतर्दृष्टि के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है।
- CFTRI, खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अपनी विशेषज्ञता के साथ, नई खाद्य प्रौद्योगिकियों के विकास और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
- भारत सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का समर्थन करने के लिए PMKSY और PLI जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से सक्रिय रूप से काम कर रही है।
- भविष्य में सफलता के लिए CFTRI को अपनी रणनीतियों को युवा पीढ़ी की बदलती प्राथमिकताओं और डिजिटल प्लेटफार्मों की शक्ति के साथ संरेखित करने की आवश्यकता होगी।













