TDS/TCS नए नियम: फॉर्म 138 और 140 पुराने फॉर्म 24Q और 26Q की जगह लेंगे – क्या है सब कुछ जो आपको जानना चाहिए
1 अप्रैल 2026 से, भारत सरकार ने टैक्स अनुपालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। इस नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ, आयकर अधिनियम, 1961 को आयकर अधिनियम, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया है, जिससे कर प्रणाली में संरचनात्मक सुधार हुए हैं। इस परिवर्तन का एक प्रमुख हिस्सा स्रोत पर कर कटौती (TDS) और स्रोत पर कर संग्रह (TCS) प्रणालियों का पुनर्गठन है। इन बदलावों का उद्देश्य कर फाइलिंग को सुव्यवस्थित करना, मैन्युअल त्रुटियों को कम करना, विसंगतियों से बचना और कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाना है। इसी क्रम में, सरकार ने पुराने फॉर्म 24Q और 26Q को नए फॉर्म 138 और 140 से बदल दिया है, जो TDS रिटर्न की तिमाही रिपोर्टिंग के लिए उपयोग किए जाते हैं।
TDS और TCS में बड़े बदलाव: नई प्रणाली का उद्देश्य
आयकर विभाग के अनुसार, नए फॉर्म 138 और 140 को ‘सरल, प्रौद्योगिकी-सक्षम और विश्वसनीय’ बनाया गया है। इनका मुख्य उद्देश्य करदाताओं को अपने TDS रिटर्न को आसानी से और समय पर फाइल करने में मदद करना है। इन नए फॉर्मों में ऑटो-प्रीफिल विवरण, रीयल-टाइम सत्यापन, ड्रॉप-डाउन मेनू, डेट-पिकर और चेकबॉक्स सत्यापन जैसी उन्नत सुविधाएँ शामिल हैं। ये सुविधाएँ उपयोगकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगी और फाइलिंग के दौरान होने वाली गलतियों को कम करेंगी। विभाग का मानना है कि ये परिवर्तन कर फाइलिंग प्रक्रिया को अधिक कुशल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाएंगे।
फॉर्म 138: किसके लिए और क्यों?
फॉर्म 138 विशेष रूप से उन नियोक्ताओं के लिए है जो कर्मचारियों को दिए गए वेतन से TDS काटते हैं। यह नए आयकर अधिनियम की धारा 392 के तहत रिपोर्टिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कुछ विशिष्ट बैंक भी निर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिकों को भुगतान किए गए आय पर TDS की रिपोर्ट करने के लिए इस फॉर्म का उपयोग करेंगे। संक्षेप में, फॉर्म 138 उन संस्थाओं के लिए अनिवार्य है जो:
- कर्मचारियों के वेतन से कर काटते हैं (चाहे वह कंपनी हो, फर्म हो, सरकारी निकाय हो या कोई व्यक्ति)।
- किसी निर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिक को पेंशन और ब्याज आय पर कर काटते हैं।
यह फॉर्म, जो पहले फॉर्म 24Q के रूप में जाना जाता था, वेतन से संबंधित TDS की तिमाही रिपोर्टिंग के लिए महत्वपूर्ण है। इसका समय पर फाइल किया जाना यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों को उनके कर का सही क्रेडिट मिले।
फॉर्म 140: गैर-वेतन भुगतानों के लिए
फॉर्म 140 एक त्रैमासिक विवरण है जिसे उन सभी कटौतीकर्ताओं द्वारा फाइल किया जाएगा जो निवासियों को किए गए गैर-वेतन भुगतानों पर स्रोत पर कर (TDS) काटने के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें कमीशन, ब्रोकरेज, पेशेवर शुल्क, या किराया जैसे भुगतान शामिल हो सकते हैं। यह फॉर्म पहले फॉर्म 26Q की जगह लेगा। निम्नलिखित संस्थाओं को फॉर्म 140 फाइल करना होगा यदि वे निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं:
- प्रत्येक इकाई – चाहे वह कंपनी हो, फर्म हो, साझेदारी हो, सरकार हो या व्यक्ति हो – जो किसी निवासी को गैर-वेतन भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है, जिस पर कर कटौती योग्य है।
फॉर्म 140 का उद्देश्य गैर-वेतन भुगतानों से संबंधित TDS कटौती का सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना है। यह सुनिश्चित करता है कि इन भुगतानों पर काटे गए कर को सरकार के पास विधिवत जमा किया जाए और प्राप्तकर्ताओं को इसका उचित श्रेय मिले।
TDS और TCS में अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
नए नियमों के तहत, TDS और TCS से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं:
- TCS दरों में कमी: सरकार ने लोगों पर अग्रिम कर के बोझ को कम करने के उद्देश्य से कुछ TCS दरों में कमी की है। उदाहरण के लिए, विदेशी यात्रा पैकेज पर अब 5% (₹10 लाख तक) और ₹10 लाख से अधिक की राशि पर 20% की पिछली दरों के बजाय 2% की फ्लैट दर से कर लगाया जाएगा। इसी तरह, विदेश में शिक्षा और चिकित्सा के लिए प्रेषण पर TCS को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
- ‘कर वर्ष’ की शुरुआत: ‘मूल्यांकन वर्ष’ (Assessment Year) की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है और अब इसके स्थान पर ‘कर वर्ष’ (Tax Year) का उपयोग किया जाएगा, जो वित्तीय वर्ष के समान होगा। यह कर फाइलिंग में भ्रम को कम करेगा।
- फॉर्म 16 का प्रतिस्थापन: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए वार्षिक TDS प्रमाण पत्र, जो पहले फॉर्म 16 के रूप में जाना जाता था, अब नए नियमों के तहत फॉर्म 130 होगा। इसी तरह, फॉर्म 16A को फॉर्म 131 और फॉर्म 27D को फॉर्म 133 के रूप में जाना जाएगा।
- NRI से संपत्ति खरीद पर TDS: अब, गैर-निवासी भारतीयों (NRIs) से अचल संपत्ति खरीदने वाले खरीदार TAN प्राप्त करने की पिछली आवश्यकता को समाप्त करते हुए, केवल PAN का उपयोग करके TDS काट सकते हैं और जमा कर सकते हैं।
- टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में बदलाव: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फॉर्म 3CD को नए अधिनियम के तहत फॉर्म 26 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।
नए फॉर्म क्यों पेश किए गए?
पुराने फॉर्म 24Q और 26Q का उपयोग दशकों से किया जा रहा था, लेकिन कर प्रणाली के विकास और डिजिटलीकरण की बढ़ती आवश्यकता के साथ, नए फॉर्म पेश किए गए हैं। नए फॉर्म 138 और 140 को आधुनिक बनाने और करदाताओं के लिए फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये फॉर्म न केवल मैन्युअल त्रुटियों को कम करने में मदद करेंगे, बल्कि डेटा की सटीकता और समय पर रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित करेंगे।
आयकर विभाग का लक्ष्य कर अनुपालन को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और करदाताओं के लिए प्रक्रिया को यथासंभव सरल बनाना है। नए फॉर्म और नियम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
TDS/TCS अनुपालन में भविष्य की दिशा
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये परिवर्तन भारतीय कर प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। नए अधिनियम और नियमों का उद्देश्य कर फाइलिंग को अधिक कुशल, सटीक और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। करदाताओं और व्यवसायों को इन परिवर्तनों के अनुसार अपनी प्रणालियों और प्रक्रियाओं को अपडेट करना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि वे नए नियमों का पालन करें और किसी भी दंड से बचें।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 (AY 2026-27) के लिए रिटर्न अभी भी पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत फाइल किए जाएंगे। नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत पहली रिटर्न जुलाई 2027 से कर वर्ष 2026-27 के लिए फाइल की जाएगी।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- नए फॉर्म: 1 अप्रैल 2026 से, TDS रिपोर्टिंग के लिए फॉर्म 24Q और 26Q को क्रमशः फॉर्म 138 और 140 से बदल दिया गया है।
- फॉर्म 138: यह वेतन पर TDS की रिपोर्टिंग के लिए है, जो पहले फॉर्म 24Q द्वारा कवर किया जाता था।
- फॉर्म 140: यह गैर-वेतन भुगतानों पर TDS की रिपोर्टिंग के लिए है, जो पहले फॉर्म 26Q द्वारा कवर किया जाता था।
- उन्नत सुविधाएँ: नए फॉर्म ऑटो-प्रीफिल, रीयल-टाइम सत्यापन और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस जैसी सुविधाओं के साथ आते हैं।
- TCS दरें: विदेशी यात्रा पैकेज और शिक्षा/चिकित्सा प्रेषण पर TCS दरों को घटाकर 2% कर दिया गया है।
- ‘कर वर्ष’: ‘मूल्यांकन वर्ष’ को ‘कर वर्ष’ से बदल दिया गया है, जो वित्तीय वर्ष के समान है।
- फॉर्म 16 का प्रतिस्थापन: वार्षिक TDS प्रमाण पत्र अब फॉर्म 130 होगा।
- NRI से संपत्ति खरीद: TDS कटौती के लिए अब PAN का उपयोग किया जा सकता है, TAN की आवश्यकता समाप्त।
- नई कर प्रणाली: आयकर अधिनियम, 1961 को आयकर अधिनियम, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।
- अनुपालन: करदाताओं को नई प्रणालियों और फॉर्मों के अनुसार अपनी प्रक्रियाओं को अपडेट करना होगा।













