केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान शुरू: पीएम मोदी ने ‘हर वोट मायने रखता है’ कहकर मतदाताओं से की भारी भागीदारी की अपील
नई दिल्ली: आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सभी मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘हर वोट मायने रखता है’ और यह लोकतंत्र की आत्मा को मजबूत करता है।
लोकतंत्र का पर्व: हर वोट कीमती है
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी एक संदेश में कहा, “आज केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान का दिन है। मैं इन राज्यों के सभी मतदाताओं से, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से, रिकॉर्ड संख्या में मतदान करके हमारे लोकतंत्र के इस पर्व को और भी भव्य बनाने का आग्रह करता हूँ। आपका वोट न केवल आपके क्षेत्र के भविष्य को आकार देगा, बल्कि हमारे राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से केरल के मतदाताओं से आग्रह किया कि वे बड़ी संख्या में भाग लें, ताकि राज्य की लोकतांत्रिक भावना को और अधिक मजबूती मिले। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड भागीदारी केरलम की लोकतांत्रिक भावना को और मजबूत करेगी। मैं विशेष रूप से राज्य के युवाओं और महिलाओं से आगे बढ़कर बड़ी संख्या में मतदान करने का अनुरोध करता हूँ।”
इसी तरह, पुडुचेरी के मतदाताओं से अपील करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “जैसे ही पुडुचेरी विधानसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं, मैं हर मतदाता से आग्रह करता हूँ कि वे रिकॉर्ड संख्या में बाहर आएं और भाग लें। मैं विशेष रूप से हमारे युवाओं और महिला मतदाताओं से लोकतंत्र की प्रक्रिया को मजबूत करने का आग्रह करता हूँ। पुडुचेरी के भविष्य को आकार देने में हर वोट मायने रखता है।”
असम के मतदाताओं के लिए, प्रधानमंत्री ने कहा, “असम विधानसभा चुनावों 2026 के लिए मतदान शुरू होने पर, मैं असम के लोगों से बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करता हूँ। मुझे उम्मीद है कि राज्य के युवा और महिला मतदाता उत्साहपूर्वक भाग लेंगे और इस चुनाव को लोकतंत्र और सार्वजनिक कर्तव्य का उत्सव बनाएंगे।”
चुनाव का महत्व और मतदान की प्रक्रिया
भारत, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते, चुनावों को अत्यधिक महत्व देता है। मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक नागरिक कर्तव्य है, जो देश के भविष्य को आकार देने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करता है। यह नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने और सरकार की नीतियों को प्रभावित करने का अवसर प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु:
- लोकतंत्र की नींव: मतदान वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से नागरिक अपनी सरकार चुनते हैं और शासन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
- जवाबदेही: वोटिंग नेताओं को जनता के प्रति जवाबदेह बनाती है। यदि वे अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो मतदाता उन्हें अगले चुनाव में बदल सकते हैं।
- समावेशिता: मतदान यह सुनिश्चित करता है कि समाज के सभी वर्गों, विशेषकर हाशिए पर पड़े समुदायों की आवाज़ सुनी जाए।
- परिवर्तन का माध्यम: यदि नागरिक वर्तमान सरकार से असंतुष्ट हैं, तो वे वोट के माध्यम से परिवर्तन ला सकते हैं।
केरल, असम और पुडुचेरी में चुनावी परिदृश्य
केरल: केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2.69 करोड़ से अधिक मतदाता 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। यहाँ मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF), कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF), और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच है। 2021 के चुनावों में LDF ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, और इस बार भी वह सत्ता में बने रहने की उम्मीद कर रही है।
असम: असम में 126-सदस्यीय विधानसभा के लिए 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता 722 उम्मीदवारों के बीच से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। यहाँ भी मुख्य मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले NDA और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। 2021 के चुनावों में NDA ने सत्ता बरकरार रखी थी। इस बार के चुनाव में विकास, पहचान की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं।
पुडुचेरी: पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों के लिए 10.14 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यहाँ मुख्य मुकाबला ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस (AINRC) के नेतृत्व वाले NDA और कांग्रेस-DMK गठबंधन के बीच है। राज्य का दर्जा, बेरोजगारी और जल प्रदूषण जैसे मुद्दे यहाँ चुनावी बहस का केंद्र बने हुए हैं।
मतदान प्रतिशत और उच्च भागीदारी की उम्मीद
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और तीनों क्षेत्रों में मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखी जा रही है। दोपहर 3 बजे तक, असम में 75.91%, केरल में 62.71%, और पुडुचेरी में 72.40% मतदान दर्ज किया गया था। शाम 5 बजे तक, असम में 84.42%, केरल में 75.01% और पुडुचेरी में 86.92% मतदान हुआ। यह उच्च मतदान प्रतिशत लोकतंत्र में जनता के विश्वास और भागीदारी को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के ‘हर वोट मायने रखता है’ के संदेश ने मतदाताओं को मतदान के महत्व को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सुनिश्चित करता है कि हर नागरिक की आवाज़ सुनी जाए और देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को और मजबूत किया जा सके।
“मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। यह हमारे राष्ट्र के भविष्य को आकार देने का सबसे शक्तिशाली साधन है। हर वोट गिनती है, और हर नागरिक की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को जीवंत बनाती है।”
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मतदाताओं से, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से, भारी संख्या में मतदान करने की अपील की है।
- प्रधानमंत्री ने ‘हर वोट मायने रखता है’ पर जोर दिया, जो लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है।
- केरल में 140 सीटों पर, असम में 126 सीटों पर और पुडुचेरी में 30 सीटों पर मतदान हो रहा है।
- मतदान प्रतिशत शुरू से ही मजबूत रहा है, जो जनता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
- मतदान को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है, जो नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने और सरकार को जवाबदेह ठहराने का अधिकार देता है।
- चुनावों में प्रमुख मुद्दे क्षेत्रीय विकास, पहचान, रोजगार और शासन से संबंधित हैं।
- मतदाताओं की उच्च भागीदारी राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।













