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सोमालिया में भुखमरी का संकट: सूखा लाखों को विस्थापित कर रहा है

सोमालिया में भुखमरी का संकट गहराया: सूखा लाखों को विस्थापित कर रहा है

सोमालिया एक गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है, जहाँ लगातार सूखे की मार ने लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया है। समुदाय भुखमरी और अभाव से जूझ रहे हैं, जबकि मानवीय सहायता के लिए धन में कमी ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया है। यह संकट न केवल जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों को उजागर करता है, बल्कि तत्काल अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता पर भी जोर देता है।

सूखे का बढ़ता प्रभाव और विस्थापन

सोमालिया में सूखे की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत से ही लगभग 62,000 लोग केवल पांच जिलों में सूखे के कारण विस्थापित हुए हैं। यह आंकड़ा चिंताजनक है क्योंकि यह दर्शाता है कि विस्थापन का तीन-चौथाई कारण सूखा ही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22% की वृद्धि है। अनुमान है कि यदि वर्षा का मौसम सामान्य भी रहा, तो भी अप्रैल से जून 2026 के बीच लगभग 125,000 और लोग विस्थापित हो सकते हैं।

यह केवल कुछ जिलों का हाल है; पूरे देश में स्थिति और भी गंभीर है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) का अनुमान है कि देश भर में विस्थापितों की कुल संख्या लगभग 300,000 तक पहुँच सकती है। पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखें तो, 2021-2023 के दौरान आए सबसे गंभीर सूखे ने 7.8 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित किया था, जो सोमालिया की आधी आबादी है। 2022 में एक मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हुए थे, और 2023 में भी 300,000 से अधिक लोग विस्थापित रहे। 2025-2026 के सूखा आपातकाल की स्थिति रिपोर्ट बताती है कि 4.6 मिलियन लोग सूखे से प्रभावित हैं, और दिसंबर 2025 तक 120,000 लोग विस्थापित हो चुके थे।

गहराता भुखमरी संकट

सूखे के कारण न केवल लोग विस्थापित हो रहे हैं, बल्कि भुखमरी का संकट भी गहराता जा रहा है। सितंबर 2025 की विफल डेयर वर्षा ने आजीविका को नष्ट कर दिया है, पशुधन की मौत हुई है, और फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, विस्थापित परिवार भुखमरी के उच्चतम जोखिम का सामना कर रहे हैं। 2026 के सोमालिया मानवीय आवश्यकताओं और प्रतिक्रिया योजना के अनुसार, लगभग 4.6 मिलियन लोग भुखमरी से जूझ रहे हैं, और 1.8 मिलियन बच्चों में गंभीर कुपोषण का खतरा है।

खाद्य असुरक्षा की स्थिति गंभीर है, जहाँ 4 मिलियन लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। 2025-2026 की सूखा आपातकाल की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 2 मिलियन सोमाली नागरिक तीव्र भुखमरी (IPC 4) का सामना कर रहे हैं, और 1.8 मिलियन से अधिक 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे तीव्र कुपोषण से पीड़ित हैं, जिनमें 483,000 गंभीर रूप से कुपोषित हैं।

मानवीय सहायता में कमी और इसके परिणाम

इस गंभीर मानवीय संकट के बावजूद, मानवीय सहायता के लिए धन में भारी कमी देखी जा रही है। 2025 के लिए मानवीय आवश्यकताओं और प्रतिक्रिया योजना (Humanitarian Needs and Response Plan) को केवल 23.7% धन प्राप्त हुआ है, जबकि $1.42 बिलियन का अनुरोध किया गया था। 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र की सहायता योजना $852 मिलियन की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40% कम है और केवल 2.4 मिलियन लोगों का समर्थन करने का लक्ष्य रखती है। यह कमी जीवन रक्षक सहायता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है, जिससे कई स्वास्थ्य सुविधाओं को बंद करना पड़ रहा है और खाद्य व जल सेवाओं को कम करना पड़ रहा है।

“मानवीय सेवाएं उन कुछ चीजों में से एक हैं जिन पर हम भरोसा कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से खत्म हो गई है।”

– एक व्यक्ति जो बाखोल से विस्थापित हुआ है

धन की कमी के कारण, मानवीय सहायता एजेंसियां अपनी गतिविधियों को कम करने या बंद करने के लिए मजबूर हो गई हैं। इससे लाखों लोग जीवन-रक्षक सहायता के बिना रह गए हैं। यह स्थिति विशेष रूप से बच्चों और कमजोर समूहों के लिए विनाशकारी है, जो पहले से ही कुपोषण और बीमारियों से जूझ रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन का गहराता प्रभाव

सोमालिया में यह संकट जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों का एक ज्वलंत उदाहरण है। लगातार चार असफल वर्षा के मौसमों ने देश की पहले से ही कमजोर कृषि और पशुधन पर आधारित अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। 2020-2023 का सूखा, जिसे चार दशकों में सबसे गंभीर माना गया, देश को अकाल की कगार पर ले आया और अनुमानित 43,000 लोगों की जान ले ली।

सूखे के साथ-साथ, बाढ़ जैसी चरम मौसम की घटनाएं भी सोमालिया को प्रभावित कर रही हैं। 2023 के अंत में आई विनाशकारी बाढ़ ने खेतों को डुबो दिया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया। यह जलवायु झटके, संघर्ष के साथ मिलकर, 2023 में रिकॉर्ड 2.9 मिलियन लोगों को विस्थापित करने का कारण बने।

आगे का रास्ता: तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता

सोमालिया का मानवीय संकट जटिल है, जो जलवायु झटकों, संघर्ष और आर्थिक अस्थिरता से प्रेरित है। लाखों लोग तत्काल सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अपर्याप्त धन और संसाधनों के कारण सहायता उन तक नहीं पहुँच पा रही है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठन तत्काल और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय सहायता का आह्वान कर रहे हैं ताकि भुखमरी को रोका जा सके और विस्थापित समुदायों को राहत प्रदान की जा सके।

इस संकट से निपटने के लिए केवल तत्काल सहायता ही काफी नहीं है; दीर्घकालिक समाधानों की भी आवश्यकता है। इसमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति लचीलापन बढ़ाना, स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और संघर्ष को समाप्त करने के प्रयास शामिल हैं। सोमालिया के लोगों को आशा और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर देने के लिए वैश्विक समुदाय को एकजुट होकर कार्रवाई करनी होगी।

मुख्य बिंदु

  • सोमालिया एक गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है, जो मुख्य रूप से सूखे के कारण बिगड़ रहा है।
  • इस वर्ष की शुरुआत से ही लगभग 62,000 लोग सूखे के कारण विस्थापित हुए हैं, और यह संख्या बढ़कर सैकड़ों हजारों तक पहुँच सकती है।
  • देश भर में लगभग 4.6 मिलियन लोग भुखमरी से जूझ रहे हैं, और 1.8 मिलियन बच्चों में गंभीर कुपोषण का खतरा है।
  • मानवीय सहायता के लिए धन में भारी कमी देखी जा रही है, जिससे जीवन रक्षक सहायता प्रभावित हो रही है।
  • जलवायु परिवर्तन सोमालिया में सूखे और बाढ़ जैसी चरम मौसम की घटनाओं को बढ़ा रहा है, जिससे स्थिति और खराब हो रही है।
  • तत्काल अंतरराष्ट्रीय सहायता और दीर्घकालिक समाधान, जैसे कि लचीलापन बढ़ाना और संघर्ष का समाधान, सोमालिया के लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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