आईची-नागोया / नई दिल्ली: एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) के 10वें दिन मंगलवार (29 सितंबर 2026) का दिन भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज हो गया। भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में अद्भुत गति, असाधारण तालमेल और अदम्य साहस का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया। विथ्या रामराज, किरण पहल, माचेतिरा पूवम्मा और प्राची की चौकड़ी ने रोमांचक फाइनल में बहरीन और चीन जैसी दिग्गज टीमों को पछाड़ते हुए यह ऐतिहासिक विजय हासिल की। इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक के लंबे चले आ रहे सूखे को समाप्त कर दिया और पूरे देश में इस ऐतिहासिक उपलब्धि की लहर दौड़ गई है।
32 साल बाद दोहराया इतिहास: 1994 के बाद टला बड़ा संकट
India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय एथलेटिक्स दल मौजूदा खेलों में लगातार कई स्पर्धाओं में रजत और कांस्य पदक जीतने के बावजूद पहले स्वर्ण पदक के लिए तरस रहा था। यदि मंगलवार को यह स्वर्ण नहीं आता, तो 1994 के हिरोशिमा एशियाई खेलों के बाद यह पहला मौका होता जब भारतीय एथलेटिक्स टीम बिना किसी स्वर्ण पदक के स्वदेश लौटती। लेकिन भारतीय रिले टीम की चारों धाविकाओं ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए इस ऐतिहासिक संकट को टाल दिया।
भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान प्राप्त किया। अंतिम लैप में अनुभवी धाविका माचेतिरा पूवम्मा और युवा सनसनी विथ्या रामराज की तेज रफ्तार ने बहरीन की टीम को कड़ा मुकाबला देते हुए पीछे छोड़ दिया। बहरीन ने 3:30.21 के समय के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि मेजबान चीन की टीम 3:31.02 के समय के साथ कांस्य पदक पर सिमट गई। जीत की रेखा पार करते ही चारों भारतीय धाविकाएं तिरंगा ओढ़कर ट्रैक पर दौड़ पड़ीं, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो गए।
निशानेबाजी में नीरू ढांडा का ऐतिहासिक डबल धमाका
Olympics.com के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, एथलेटिक्स ट्रैक पर गोल्ड की गूंज से पहले निशानेबाजी रेंज में भी भारत ने स्वर्णिम इतिहास रचा। शॉटगन शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा (Women’s Trap Individual) में एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर अचूक निशाना साधा। दबाव भरे फाइनल राउंड में नीरू ने लगातार सटीक निशाने लगाते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
इतना ही नहीं, नीरू ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की तिकड़ी ने महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में भी 328 अंकों के शानदार कुल स्कोर के साथ रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। एक ही दिन में व्यक्तिगत गोल्ड और टीम सिल्वर जीतकर नीरू ढांडा इन एशियाई खेलों में भारत की सबसे चमकदार सितारा बनकर उभरी हैं। खेल प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ‘गोल्डन गर्ल’ का खिताब देकर सम्मानित किया है।
29 सितंबर 2026: भारत के पदकों का आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड
मंगलवार को भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रैक, फील्ड, शूटिंग और बॉक्सिंग रिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक देश की झोली में डाले। प्रमुख स्पर्धाओं के परिणाम नीचे दी गई तालिका में विस्तार से प्रस्तुत हैं:
| खेल / स्पर्धा | एथलीट / टीम | जीता गया पदक | प्रदर्शन / समय / स्कोर | महत्वपूर्ण उपलब्धि |
|---|---|---|---|---|
| महिला 4x400m रिले | विथ्या, किरण, पूवम्मा, प्राची | स्वर्ण पदक (GOLD) | 3:29.69 सेकंड | एथलेटिक्स में 2026 का पहला गोल्ड, सूखा खत्म |
| महिला ट्रैप (व्यक्तिगत) | नीरू ढांडा (Neeru Dhanda) | स्वर्ण पदक (GOLD) | नया एशियाई रिकॉर्ड | शूटिंग में भारत को मिला ऐतिहासिक व्यक्तिगत सोना |
| महिला ट्रैप (टीम स्पर्धा) | नीरू, आशिमा, मनीषा कीर | रजत पदक (SILVER) | 328 अंक | टीम स्पर्धा में सटीक निशानेबाजी से दूसरा स्थान |
| पुरुष 4x400m रिले | भारतीय पुरुष रिले टीम | कांस्य पदक (BRONZE) | रोमांचक फिनिश | कड़े मुकाबले में पोडियम पर जगह बनाई |
| मिक्स्ड 4x100m रिले | भारतीय मिश्रित रिले टीम | कांस्य पदक (BRONZE) | शानदार गति | पहली बार आयोजित स्पर्धा में पदक पक्का किया |
| पुरुष 5000 मीटर दौड़ | गुलवीर सिंह (Gulveer Singh) | कांस्य पदक (BRONZE) | दमदार अंतिम लैप | लंबी दूरी की दौड़ में भारत को दिलाया सम्मान |
| महिला हाई जंप (ऊंची कूद) | पूजा (Pooja) | कांस्य पदक (BRONZE) | 1.84 मीटर की छलांग | बिना किसी फाउल के 1.84m पार कर कांस्य जीता |
मुक्केबाजी में पदक पक्के: परवीन और अंकुश फाइनल में
ट्रैक और शूटिंग रेंज के अलावा बॉक्सिंग रिंग से भी भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आई। महिलाओं के 65 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में भारतीय मुक्केबाज परवीन ने घरेलू चीनी स्टार ली शू को एकतरफा मुकाबले में धूल चटाकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। परवीन के आक्रामक पंचों और तकनीकी श्रेष्ठता के आगे चीनी मुक्केबाज लाचार नजर आई।
वहीं पुरुषों के 80 किग्रा सेमीफाइनल मुकाबले में अंकुश पंघाल ने उज्बेकिस्तान के दिग्गज बॉक्सर फजलीद्दीन एर्किनबोएव को कड़े संघर्ष के बाद 4-1 के विभाजित निर्णय से पराजित कर स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाई। इन दोनों मुक्केबाजों की जीत से भारत के दो और स्वर्ण अथवा रजत पदक पक्के हो गए हैं, जिससे भारत की पदक तालिका में लंबी छलांग लगना तय माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर ‘गोल्डन गर्ल्स’ का जलवा, बधाइयों का तांता
मंगलवार शाम को महिला रिले टीम की जीत के तुरंत बाद सोशल मीडिया मंचों पर ‘गोल्डन गर्ल्स’ और ‘एशियन गेम्स 2026’ टॉप ट्रेंड बन गए। एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर रिले रेस के अंतिम 100 मीटर के वीडियो क्लिप को लाखों बार देखा गया। खेल मंत्री, प्रमुख राजनेताओं, पूर्व दिग्गज एथलीटों और बॉलीवुड हस्तियों ने भारतीय बेटियों के जज्बे को सलाम किया।
प्रधानमंत्री ने भी अपने संदेश में महिला रिले टीम और नीरू ढांडा की ऐतिहासिक जीत की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय नारी शक्ति ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। पूरे देश में खेल प्रशंसकों ने आतिशबाजी कर इस स्वर्णिम पल का जश्न मनाया। खेल जानकारों का कहना है कि यह जीत आने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय ट्रैक एंड फील्ड दल के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।
निष्कर्ष: भारतीय खेलों के लिए मील का पत्थर
29 सितंबर 2026 का दिन भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। एथलेटिक्स में संभावित निराशा को स्वर्णिम उत्सव में बदलकर महिला रिले टीम ने साबित कर दिया कि भारतीय एथलीट वैश्विक दबाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। नीरू ढांडा के दोहरे पदक, रिले टीमों के कांस्य और मुक्केबाजी के फाइनल प्रवेश ने भारत के अभियान में नई ऊर्जा फूंक दी है। यह दिन न केवल पदकों की संख्या बढ़ाने वाला साबित हुआ, बल्कि इसने पूरे देश को खेल के प्रति नए गौरव और प्रेरणा से भर दिया है।













