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नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में जीता दूसरा गोल्ड: रचा नया इतिहास

आईची-नागोया / नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला निशानेबाज नीरू ढांडा ने स्वर्णिम इतिहास रचते हुए पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। हरियाणा के जींद जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली नीरू ढांडा ने 24 घंटे के भीतर बैक-टू-बैक दो स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में तहलका मचा दिया है। मंगलवार को व्यक्तिगत विमेंस ट्रैप स्पर्धा में ऐतिहासिक पहला गोल्ड जीतने के बाद, बुधवार (30 सितंबर 2026) को उन्होंने अनुभवी ट्रैप शूटर कायनन चेनाई के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम ट्रैप स्पर्धा में भी भारत की झोली में शानदार गोल्ड मेडल डाल दिया। इस अभूतपूर्व दोहरी स्वर्णिम सफलता के साथ ही सोशल मीडिया से लेकर खेल प्रेमियों तक नीरू ढांडा की प्रेरक संघर्ष गाथा जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रही है。

24 घंटे में दो गोल्ड: मिक्स्ड ट्रैप में बना नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड

Indian Express की लाइव कवरेज के मुताबिक, बुधवार को ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। भारतीय जोड़ी नीरू ढांडा और कायनन चेनाई ने शुरुआती राउंड में कुछ शॉट्स चूकने के बाद दूसरे और तीसरे राउंड में अदम्य एकाग्रता दिखाते हुए सटीक निशाने साधे। भारतीय जोड़ी ने कुल 34 सटीक हिट्स के साथ एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड स्थापित किया। फाइनल के निर्णायक पलों में भारतीय टीम ने ईरान की मजबूत चुनौती को पछाड़ते हुए 32 के मुकाबले 34 के स्कोर से शीर्ष स्थान प्राप्त किया और भारत के लिए दिन का सबसे बड़ा गौरव हासिल किया。

गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार को नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप व्यक्तिगत फाइनल में कुवैत और चीन की दिग्गज निशानेबाजों को पीछे छोड़ते हुए भारत को महिला ट्रैप स्पर्धा का पहला व्यक्तिगत एशियाई स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा विमेंस टीम ट्रैप स्पर्धा में भी उन्होंने अपनी साथियों के साथ रजत पदक हासिल किया था। इस प्रकार एशियन गेम्स 2026 के निशानेबाजी वर्ग में नीरू ढांडा ने कुल मिलाकर 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीतकर भारतीय दल की पदक तालिका को ऐतिहासिक ऊंचाई प्रदान की है。

नीरू ढांडा का एशियन गेम्स 2026 में पदक तालिका और स्कोर कार्ड

एशियन गेम्स 2026 में नीरू ढांडा के ऐतिहासिक प्रदर्शन, उनके विभिन्न स्पर्धाओं के परिणाम और पदकों का विस्तृत ब्योरा नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

स्पर्धा का नाम तारीख साझेदार / टीम अंतिम स्कोर / उपलब्धि जीता गया पदक
विमेंस ट्रैप (व्यक्तिगत) 29 सितंबर 2026 एकल स्पर्धा फाइनल में 43 हिट्स का सटीक प्रदर्शन स्वर्ण पदक (Gold)
ट्रैप मिक्स्ड टीम 30 सितंबर 2026 कायनन चेनाई 34 हिट्स (नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड) स्वर्ण पदक (Gold)
विमेंस ट्रैप टीम इवेंट 29 सितंबर 2026 आशिमा अहलावत, प्रीति रजक टीम स्पर्धा में दूसरा स्थान रजत पदक (Silver)
एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप वर्ष 2026 (कजाकिस्तान) राष्ट्रीय टीम गोल्ड मेडल विजेता अंतरराष्ट्रीय पहचान

खेतों से निकलकर पोडियम तक: जींद के किसान की बेटी का संघर्ष

ETV Bharat की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, नीरू ढांडा का यह स्वर्णिम सफर आसान नहीं था। वह हरियाणा के जींद जिले के छोटे से गांव संगतपुरा की रहने वाली हैं। उनके पिता एक साधारण किसान हैं, जिन्होंने अपनी सीमित कृषि आय और आर्थिक तंगियों के बावजूद अपनी बेटी के खेल के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। भारत में शॉटगन ट्रैप शूटिंग एक अत्यंत खर्चीला खेल माना जाता है, जिसमें बंदूकों के रखरखाव, महंगे कारतूस और नियमित पेशेवर प्रशिक्षण के लिए भारी वित्तीय निवेश की जरूरत होती है。

शुरुआती दिनों में अभ्यास के लिए कारतूसों की कमी और स्थानीय स्तर पर आधुनिक शूटिंग रेंज न होने के बावजूद नीरू ने कभी हार नहीं मानी। घंटों धूप और प्रतिकूल मौसम में कड़ा अभ्यास करते हुए उन्होंने अपनी निशानेबाजी तकनीक को धार दी। गांव के बुजुर्गों और परिजनों ने जमीन से जुड़े संस्कारों के साथ उन्हें मानसिक दृढ़ता दी। नीरू की यह सफलता देश के करोड़ों ग्रामीण युवाओं के लिए एक ज्वलंत उदाहरण है कि यदि प्रतिभा और अटूट लगन हो, तो अभावों की जंजीरों को तोड़कर दुनिया के सबसे बड़े मंच पर तिरंगा लहराया जा सकता है。

सोशल मीडिया पर ‘गोल्डन गर्ल’: बधाई देने वालों का लगा तांता

नीरू ढांडा की इस दोहरी स्वर्णिम जीत की खबर जैसे ही आई, वैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #NeeruDhandha और #AsianGames2026 टॉप ट्रेंड में आ गए। देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और खेल मंत्री समेत खेल जगत की जानी-मानी हस्तियों ने उन्हें इस अविश्वसनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। जींद स्थित उनके पैतृक गांव संगतपुरा में बुधवार सुबह से ही ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया जा रहा है और ग्रामीण एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर खुशियां मना रहे हैं。

नेटीजेंस नीरू को भारत की ‘गोल्डन गर्ल’ और ‘नारी शक्ति का प्रतीक’ बता रहे हैं। उनके साधारण पृष्ठभूमि से उठकर एशियन रिकॉर्ड बनाने की यात्रा पर बने वीडियो और पोस्ट्स इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स (ट्विटर) पर लाखों व्यूज बटोर रहे हैं। युवाओं के बीच उनकी इस सफलता ने ट्रैप शूटिंग जैसे गैर-पारंपरिक खेलों के प्रति जबर्दस्त दिलचस्पी और उत्साह पैदा कर दिया है。

एशियन गेम्स 2026 के 12वें दिन भारत का ‘सुपर वेडनसडे’

Olympics आधिकारिक मेडल ट्रैकर के अनुसार, एशियन गेम्स 2026 का 12वां दिन भारत के लिए ऐतिहासिक पदकों की बारिश लेकर आया। निशानेबाजी रेंज में नीरू ढांडा और कायनन चेनाई की जोड़ी द्वारा स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ तीरंदाजी मैदान में भी भारतीय तीरंदाजों ने स्वर्णिम हैट्रिक लगाई। भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने महिला टीम, मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम स्पर्धाओं में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया。

इसके अलावा मुक्केबाजी रिंग में ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने फाइनल में प्रवेश कर एक और पदक पक्का किया, जबकि स्क्वैश में भी भारतीय पुरुष और महिला टीमें सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। भारत की पदक तालिका में इस निरंतर विस्तार ने यह साबित कर दिया है कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं में देश अब एक नई वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है。

निष्कर्ष: भारतीय खेलों में महिलाओं का नया स्वर्णिम युग

नीरू ढांडा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल पदकों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय खेलों में महिला एथलीटों के बढ़ते दबदबे और साहस का सशक्त प्रतीक है। जींद के खेत-खलिहानों से शुरू हुआ उनका सफर अब विश्व स्तरीय निशानेबाजी के इतिहास में हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो चुका है। 24 घंटे के भीतर दो गोल्ड मेडल और एक नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाकर नीरू ढांडा ने साबित कर दिया है कि हौसलों की उड़ान के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं हो सकती। आने वाले समय में 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भी नीरू ढांडा से देश को ऐतिहासिक प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है。

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