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सेंसेक्स 809 अंक उछला, निफ्टी 22,500 पार: TCS नतीजों से भारी तेजी

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को सुबह के कारोबारी सत्र में जोरदार तेजी दर्ज की गई। देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शानदार दूसरी तिमाही नतीजों और एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के दम पर बेंचमार्क सूचकांकों ने लंबी छलांग लगाई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 11:00 बजे तक 809.27 अंक यानी 1.13 प्रतिशत उछलकर 72,402.51 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 279.75 अंक यानी 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,511.55 के स्तर को पार कर गया। इस चौतरफा खरीदारी से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ और बाजार की घबराहट मापने वाला इंडिया विक्स (India VIX) 5 प्रतिशत टूट गया。

TCS के नतीजों ने भरी नई जान: 15% बढ़ा शुद्ध मुनाफा

Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टीसीएस ने गुरुवार शाम वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 14.9 प्रतिशत बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 12,075 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही राजस्व में 11.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई और शेयरधारकों के लिए 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश का एलान हुआ。

शानदार नतीजों के बाद शुक्रवार सुबह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर टीसीएस का शेयर 4.7 प्रतिशत उछलकर 2,174 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। टीसीएस की तेजी ने पूरे आईटी पैक में जान फूंक दी। इसके साथ ही हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के शेयरों में एंथ्रोपिक के साथ एआई साझेदारी की घोषणा के बाद 12 प्रतिशत का उछाल देखा गया। इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक में भी तेज लिवाली रही, जिससे निफ्टी आईटी दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बना。

मार्केट रैली का पूरा डेटा: प्रमुख सूचकांक और सेक्टोरल रुझान

शुक्रवार 9 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:00 बजे तक भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों और सेक्टर्स का तुलनात्मक विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

वित्तीय संकेतक / सूचकांक वर्तमान स्तर (9 अक्टूबर 2026) दैनिक बदलाव (अंक / %) रैली का मुख्य कारण / प्रभाव
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 72,402.51 +809.27 अंक (+1.13%) आईटी और हॉस्पिटल्स शेयरों में भारी खरीदारी
एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) 22,511.55 +279.75 अंक (+1.26%) 22,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर की सफल वापसी
निफ्टी आईटी (Nifty IT) 34,890.30 +1,120.45 अंक (+3.32%) TCS का 15% मुनाफा और AI डील्स का सहारा
निफ्टी मिडकैप 100 48,650.10 +261.80 अंक (+0.54%) ब्रॉडर मार्केट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों की मांग
निफ्टी स्मॉलकैप 100 15,320.40 -26.10 अंक (-0.17%) छोटे शेयरों में मुनाफावसूली से मिला-जुला रुख
इंडिया विक्स (India VIX) 11.25 अंक -0.59 अंक (-4.98%) बाजार में घबराहट घटी, ट्रेडर्स में भरोसा लौटा
ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) $88.40 / बैरल -1.25 डॉलर (-1.39%) एशियाई सत्र में नरमी से भारत के लिए राहत

अस्पताल और हेल्थकेयर शेयरों में 5% तक का जबर्दस्त उछाल

Business Standard की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, आईटी के अलावा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी शुक्रवार को अभूतपूर्व तेजी देखी गई। अपोलो हॉस्पिटल्स, मैक्स हेल्थकेयर, फोर्टिस हेल्थकेयर और यथार्थ हॉस्पिटल के शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की तीव्र बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे केंद्र सरकार की वह नीतिगत पहल रही जिसके तहत गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित करने का प्रस्ताव सामने आया है。

विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं के मार्जिन नियमन से अस्पताल शृंखलाओं की आय में स्थिरता आएगी और वॉल्यूम बढ़ने से परिचालन मुनाफे को सहारा मिलेगा। अपोलो हॉस्पिटल्स और मैक्स हेल्थकेयर निफ्टी 50 के शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक और पीएनबी में मजबूत खरीदारी रही, जिससे सरकारी बैंकिंग इंडेक्स 1.5 प्रतिशत से अधिक उछल गया。

कच्चे तेल में नरमी और आरबीआई ब्याज दरों का असर

Livemint के बाजार विश्लेषण के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को नरमी आई। ब्रेंट क्रूड फिसलकर 88.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल के सस्ते होने से भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर चिंताएं घटीं, जिससे इक्विटी बाजार को राहत मिली。

हालांकि, इसी सप्ताह आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने महंगाई के जोखिमों को देखते हुए रेपो रेट को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया था। आम तौर पर ब्याज दर वृद्धि से बाजार पर दबाव बनता है, लेकिन मजबूत कॉरपोरेट नतीजों ने बाजार को सहारा दिया। जेएसडब्ल्यू स्टील ने भी दूसरी तिमाही में अपने भारतीय उत्पादन में 10 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि दर्ज की, जिससे मेटल शेयरों को मजबूती मिली。

वैश्विक बाजारों से मिले अनुकूल संकेत

घरेलू बाजार की इस तेजी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी पूरा समर्थन मिला। गिफ्ट निफ्टी ने सुबह 150 अंकों के गैप-अप का संकेत दिया था। अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक बढ़त के साथ बंद हुआ। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 लगभग 0.8 प्रतिशत मजबूत रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी भी हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की प्रवृत्ति लौटने से विदेशी निवेशकों की आक्रामक बिकवाली भी थमी है。

बाजार दिग्गजों की राय: खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति

मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 22,500 का स्तर पार होना तकनीकी रूप से अहम ब्रेकआउट है। टीसीएस के शेयर में 2,250 से 2,330 रुपये के स्तर पर तात्कालिक प्रतिरोध हो सकता है, लेकिन आईटी सेक्टर में सुधार का चक्र मजबूत हो रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि खुदरा निवेशक तेजी में अंधाधुंध खरीदारी से बचें और आईटी, हेल्थकेयर तथा बैंकिंग शेयरों में किस्तों में व्यवस्थित निवेश (SIP) की रणनीति अपनाएं。

निष्कर्ष: त्योहारी सीजन से पहले बाजार में उत्साह

कुल मिलाकर, 9 अक्टूबर 2026 का सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत और मजबूती लेकर आया है। जहां ब्याज दरों और कच्चे तेल की अनिश्चितता ने निवेशकों को परेशान कर रखा था, वहीं टीसीएस के नतीजों ने कंपनियों की मूल आय क्षमता को साबित किया है। त्योहारी सीजन के करीब आने से मांग में सुधार की उम्मीद बंधी है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करेगी。

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