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सेंसेक्स हाई से 900 अंक टूटा, निफ्टी 22,370 नीचे: IT शेयर लुढ़के

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह सकारात्मक वैश्विक संकेतों के दम पर जोरदार बढ़त के साथ खुले घरेलू बेंचमार्क सूचकांक शुरुआती कारोबार के बाद अचानक बिकवाली के दबाव में आ गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक बीएसई सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर 72,800 से करीब 900 अंक गोता लगाकर 71,891.34 अंक के निचले स्तर पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक एनएसई निफ्टी 22,611 के उच्च स्तर से 230 अंक फिसलकर 22,372.30 अंक पर पहुंच गया। इस अचानक आई गिरावट से निवेशकों की पूंजी प्रभावित हुई है और बाजार का सेंटिमेंट सतर्क हो गया है।

शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली का यू-टर्न: क्या हैं मुख्य कारण?

The Economic Times की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह की शुरुआत उत्साहजनक रही थी। गिफ्ट निफ्टी के मजबूत संकेतों के चलते सेंसेक्स 300 से अधिक अंक चढ़कर खुला, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती ने घरेलू धारणा बदल दी। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.24 प्रतिशत के उच्च स्तर पर टिकी है, जिससे विदेशी फंड्स भारतीय इक्विटी से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं।

इसके अलावा पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें घरेलू बाजार पर दबाव बना रही हैं। सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.4 प्रतिशत गिरकर 103.30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, लेकिन युद्ध पूर्व स्तरों से यह अब भी काफी ऊंचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की महंगाई से भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति पर असर पड़ रहा है, जिससे नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं पर अनिश्चितता बनी हुई है।

मार्केट का मुख्य डेटा: प्रमुख सूचकांकों और संकेतकों की स्थिति

सोमवार को शुरुआती और मध्य सत्र के दौरान प्रमुख वित्तीय संकेतकों, बेंचमार्क सूचकांकों और मुद्रा बाजार में दर्ज उतार-चढ़ाव का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

वित्तीय संकेतक / सूचकांक वर्तमान स्तर (12 अक्टूबर 2026) दिन का उच्चतम स्तर शुद्ध बदलाव (अंक / %) बाजार का प्रमुख प्रभाव
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 71,891.34 72,800.00+ -580.99 अंक (-0.80%) दिन के उच्च स्तर से 900+ अंकों का तेज गोता
एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) 22,372.30 22,611.30 -148.16 अंक (-0.66%) 22,450 और 22,500 के अहम सपोर्ट टूटे
इंडिया विक्स (India VIX) 15.16 अंक 15.20 अंक +5.47% की तेज उछाल ट्रेडर्स और निवेशकों में बढ़ती घबराहट
भारतीय रुपया (USD / INR) ₹95.76 प्रति डॉलर ₹95.70 प्रति डॉलर +1% मजबूत (RBI कदम) सप्ताहांत पर आरबीआई के हस्तक्षेप से सुधार
ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) $103.30 / बैरल $104.80 / बैरल -1.40% (दिन का बदलाव) उच्च स्तरों से हल्की नरमी, पर तनाव बरकरार
अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड 5.24% 5.25% मजबूत स्तर पर बरकरार विदेशी फंड्स की निकासी का बड़ा कारण
विदेशी निवेशक (FII बिकवाली) -₹3,568.90 करोड़ शुद्ध निकासी लगातार आउटफ्लो जारी घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) कर रहे खरीदारी

सेक्टरवार प्रदर्शन: आईटी और बैंकिंग शेयरों में तेज गिरावट

The Financial Express की मार्केट समीक्षा के अनुसार, सोमवार के कारोबार में सबसे ज्यादा मार आईटी और निजी बैंकिंग शेयरों पर पड़ी। तकनीकी क्षेत्र में टेक महिंद्रा का शेयर 4.48 प्रतिशत का भारी गोता लगाकर 1,449.10 रुपये पर आ गया और सेंसेक्स का सबसे बड़ा लूजर बना। इसके साथ ही टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो में भी मुनाफावसूली हावी रही। बाजार को आज शाम जारी होने वाले एचसीएल टेक के नतीजों का भी इंतजार है।

बैंकिंग क्षेत्र में एक्सिस बैंक 1.01 प्रतिशत गिरकर 1,246.30 रुपये पर आ गया, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। एफएमसीजी दिग्गज आईटीसी 0.94 प्रतिशत और भारती एयरटेल 0.95 प्रतिशत टूटे। एवेन्यू सुपरमार्ट्स (DMart) में 3.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि कंपनी ने Q2 में मुनाफे में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई थी। इसके अलावा लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में 1,985 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के बाद 5 प्रतिशत की तेज गिरावट देखने को मिली।

चुनिंदा ऑटो, डिफेंस और एनबीएफसी शेयरों में दिखा दम

चौतरफा बिकवाली के बीच कुछ क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी रही। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बजाज ऑटो 2.7 प्रतिशत की छलांग के साथ निफ्टी का शीर्ष गेनर बना, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) में 1.29 प्रतिशत की तेजी आई। रक्षा क्षेत्र की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) के शेयर 1.36 प्रतिशत चढ़कर 373.50 रुपये पर पहुंच गए। टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस में भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली।

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में पूनावाला फिनकॉर्प के शेयर 7 प्रतिशत उछले। कंपनी का Q2 मुनाफा पांच गुना बढ़कर 374.85 करोड़ रुपये रहा। आभूषण निर्माता पीसी ज्वैलर ने कर्ज-मुक्त होने की घोषणा की, जिससे इसका शेयर 5 प्रतिशत चढ़कर 52-सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। प्राथमिक बाजार में प्राथमिक बाजार में भी हलचल रही, जहां ज़ेटवर्क और टोंबो इमेजिंग सहित आठ आईपीओ इस सप्ताह 11,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं।

आरबीआई के कदमों से रुपये को सहारा और वैश्विक बाजार

मुद्रा बाजार के मोर्चे पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए नीतिगत कदमों का असर दिखा। केंद्रीय बैंक ने सट्टेबाजी पर लगाम लगाने और डॉलर मांग नियंत्रित करने के उपाय किए, जिससे रुपया एक प्रतिशत मजबूत होकर 95.76 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। शुक्रवार को रुपया 96.73 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच यह मजबूती कितनी टिकेगी, इस पर विश्लेषकों की नजर रहेगी। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जबकि जापानी बाजार अवकाश के चलते बंद रहे।

बाजार विश्लेषकों की राय और निवेशकों के लिए रणनीति

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी के विजयकुमार का कहना है कि वर्तमान में बाजार पर बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियां हावी हैं। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें विदेशी निवेशकों की निकासी का मुख्य कारण हैं। हालांकि, भारत की 7.1 प्रतिशत की अनुमानित जीडीपी विकास दर और कंपनियों के मुनाफे में सुधार बुनियादी मजबूती प्रदान करते हैं। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह तेज गिरावट गुणवत्तापूर्ण लार्ज-कैप शेयरों को आकर्षक मूल्यांकन पर जमा करने का बेहतरीन अवसर है।

तकनीकी परिदृश्य और आगामी निष्कर्ष

कोटक नियो के हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,300 का स्तर अत्यंत महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है। जब तक सूचकांक इस स्तर से ऊपर बना रहता है, 22,600 तक पुलबैक रैली की उम्मीद रहेगी। यदि निफ्टी 22,300 के नीचे टूटता है, तो बिकवाली इसे 22,150 तक धकेल सकती है। संक्षेप में कहें तो 12 अक्टूबर का दिन निवेशकों के लिए सतर्कता और अनुशासन का है। खुदरा निवेशकों को घबराहट में शेयर बेचने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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