Home / Politics / LPG मूल्य वृद्धि पर ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

LPG मूल्य वृद्धि पर ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

LPG मूल्य वृद्धि पर ममता बनर्जी का कड़ा प्रहार, विरोध प्रदर्शन का आह्वान

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर एलपीजी (LPG) की बढ़ती कीमतों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया वृद्धि को “अस्वीकार्य” करार देते हुए रविवार को कोलकाता में एक विरोध मार्च का आह्वान किया है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस मूल्य वृद्धि से आम आदमी और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा की लागत पहले से ही बढ़ रही है।

बढ़ती कीमतों पर जनता की चिंता और सरकार की प्रतिक्रिया

शनिवार, 7 मार्च 2026 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की वृद्धि की गई, जबकि वाणिज्यिक सिलेंडर ₹115 तक महंगे हो गए। इस वृद्धि ने आम नागरिकों, विशेषकर निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए चिंता बढ़ा दी है, जो पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह बढ़ोतरी उनके मासिक बजट पर सीधा असर डालेगी। यह मूल्य वृद्धि हाल के महीनों में दूसरी बार हुई है, जिससे लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि, जो पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से जुड़ी है, को इस हालिया मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है। तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों, मुद्रा के उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजारों में आपूर्ति की स्थिति जैसे कारकों के आधार पर खाना पकाने की गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं।

ममता बनर्जी का विरोध का तरीका और अन्य मुद्दे

मुख्यमंत्री बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन को और अधिक प्रतीकात्मक बनाने के लिए एक अनूठा तरीका सुझाया है। उन्होंने पार्टी नेताओं और समर्थकों से रविवार को काले कपड़े पहनकर विरोध मार्च में शामिल होने का आग्रह किया है, जबकि वह स्वयं सफेद पोशाक में रहेंगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महिलाओं से रसोई के बर्तनों, जैसे कि करछुल और चमचे, के साथ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि बढ़ती एलपीजी कीमतों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया जा सके।

“कल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है, और मैं यह बताना चाहती हूँ कि कई महिलाओं के वोट एस.आई.आर. (SIR) प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए हैं, इस बहाने कि शादी के बाद उनके उपनाम बदल गए हैं। मैं चंद्रिमा (मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य) से अनुरोध करूंगी कि वह महिलाओं से बर्तनों के साथ विरोध रैलियां (मिचिल) आयोजित करने को कहें, ताकि एलपीजी की कीमतों में वृद्धि और मतदाता सूची से महिलाओं के नाम हटाए जाने का विरोध किया जा सके।”

यह विरोध प्रदर्शन केवल एलपीजी मूल्य वृद्धि तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से महिलाओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे को भी उठाता है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार “बंगाल को तोड़ने” की कोशिश कर रही है, जिसमें बढ़ती गैस की कीमतें और विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया शामिल है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं के वोट हटाए जा रहे हैं, जो एक “बंगाल को तोड़ने” की बड़ी साजिश का हिस्सा है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और गठबंधन की राजनीति

इस मूल्य वृद्धि पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “Inflation Man” (महंगाई मैन) करार दिया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के महिला विंग से विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

इस बीच, राजनीतिक गलियारों में एन. चंद्रबाबू नायडू और भाजपा के बीच गठबंधन की चर्चाएं भी तेज हैं। नायडू, जो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, पहले भी भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा रह चुके हैं। [1] (2024-06-05) हालांकि, ममता बनर्जी ने यह भी संकेत दिया है कि यदि वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया गया तो वे केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने की धमकी भी दे चुकी हैं। [24] (2026-03-07) यह बयान राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है।

एलपीजी मूल्य वृद्धि का प्रभाव और भविष्य का दृष्टिकोण

एलपीजी की बढ़ती कीमतें न केवल घरेलू बजट को प्रभावित करती हैं, बल्कि रेस्तरां और छोटे व्यवसायों जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए भी परिचालन लागत बढ़ाती हैं, जिससे भोजन महंगा हो सकता है। [4] (2026-03-07) भारत में एलपीजी की खपत 2023 में 28 मिलियन मीट्रिक टन के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.3% अधिक है। [16] (2026-03-07) वैश्विक एलपीजी बाजार के 2024 में 144.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने और 2033 तक 197.34 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें 3.33% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की जाएगी। [13] (2025-10-30) यह वृद्धि आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा की बढ़ती खपत से प्रेरित है।

हालांकि, भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं, वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में वृद्धि देखी गई है। [16] (2026-03-07) मार्च 2026 तक, पिछले 12 महीनों में एलपीजी की कीमतों में ₹60 की वृद्धि हुई है, जिसमें मार्च 2026 में सबसे महत्वपूर्ण वृद्धि ₹60 दर्ज की गई। [16] (2026-03-07) इन मूल्य वृद्धि के पीछे वैश्विक बाजार की अस्थिरता और भू-राजनीतिक कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्य बातें

  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
  • घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹60 और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमतों में ₹115 की वृद्धि हुई है, जो आम लोगों के लिए चिंता का विषय है।
  • बनर्जी ने महिलाओं से रसोई के बर्तनों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया है।
  • यह विरोध एलपीजी मूल्य वृद्धि के साथ-साथ मतदाता सूची से महिलाओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे को भी उठाता है।
  • विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की आलोचना की है, कांग्रेस ने पीएम मोदी को “Inflation Man” कहा है।
  • पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा की बढ़ती लागत को मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
  • भारत में एलपीजी की खपत बढ़ रही है, और वैश्विक एलपीजी बाजार में भी वृद्धि की उम्मीद है।
  • एलपीजी की कीमतें शहरों के अनुसार अलग-अलग होती हैं, जो राज्य-स्तरीय करों और मूल्य वर्धित कर (VAT) में अंतर के कारण होती हैं।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *