नागोया / नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) के 14वें दिन शुक्रवार, 2 अक्टूबर को भारतीय एथलीटों ने इतिहास रचते हुए देश को स्वर्णिम सौगात दी है। भारत की प्रतिभाशाली महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में पेरिस ओलंपिक की पदक विजेता मुक्केबाज को 3-2 के विभाजित फैसले (Split Decision) से हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। रिंग में शुरुआती दौर से ही आक्रामक और सटीक मुक्कों का प्रदर्शन करते हुए परवीन ने अपना दबदबा बनाए रखा और अंतिम पलों में संयम दिखाते हुए भारत की झोली में बॉक्सिंग का एक और चमकता गोल्ड डाल दिया।
3-2 के रोमांचक मुकाबले में परवीन हुड्डा का स्वर्णिम पंच
Times of India की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल मुकाबला बेहद कांटे की टक्कर वाला साबित हुआ। परवीन के सामने मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी की चुनौती थी, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने बेहतरीन फुटवर्क और सटीक काउंटर अटैक की रणनीति अपनाई। पहले राउंड में परवीन ने तेज जैब और हुक का इस्तेमाल कर बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में प्रतिद्वंद्वी ने वापसी की कोशिश की, मगर परवीन ने शानदार डिफेंस और जवाबी मुक्कों से जजों को प्रभावित किया। अंतिम राउंड में दोनों ओर से जोरदार प्रहार हुए, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के अंतर से मुकाबला जीत लिया।
परवीन की यह जीत भारतीय महिला मुक्केबाजी में उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम की मिसाल है। राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद एशियन गेम्स के पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल करना उनके करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर है। रिंग से बाहर आते ही भारतीय दल के कोचों और प्रशंसकों ने तिरंगा लहराकर उनका जोरदार स्वागत किया और सोशल मीडिया पर उनकी इस उपलब्धि की वीडियो क्लिप तेजी से वायरल होने लगी।
लवलीना बोरगोहेन का भी कमाल: बॉक्सिंग में भारत का दोहरा जलवा
Indian Express की लाइव कवरेज के मुताबिक, भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए शुक्रवार का दिन दोहरी खुशियां लेकर आया। टोक्यो ओलंपिक की पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने भी महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्वर्णिम विजय के साथ लवलीना साल 2014 में महान मुक्केबाज मैरी कॉम के बाद एशियाई खेलों की महिला मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला बन गई हैं।
लवलीना ने अपने फाइनल मुकाबले में शानदार तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। उनकी लंबी रीच और शक्तिशाली पंचों के सामने विपक्षी खिलाड़ी लाचार नजर आई। भारतीय मुक्केबाजी संघ (BFI) और खेल विशेषज्ञों ने परवीन और लवलीना की इस दोहरी स्वर्णिम सफलता को भारतीय मुक्केबाजी का पुनर्जागरण करार दिया है। इस दोहरे प्रहार ने भारत की पदक तालिका में उल्लेखनीय उछाल ला दिया है।
एशियन गेम्स 2026: 14वें दिन के प्रमुख परिणाम और पदक तालिका
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स के 14वें दिन भारतीय दल द्वारा अर्जित की गई प्रमुख उपलब्धियों और पदकों का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में संकलित है:
| खेल एवं स्पर्धा | भारतीय एथलीट / टीम | प्रतिद्वंद्वी / देश | परिणाम / पदक | महत्वपूर्ण उपलब्धि एवं रिकॉर्ड |
|---|---|---|---|---|
| महिला मुक्केबाजी (65kg) | परवीन हुड्डा | ओलंपिक पदक विजेता | स्वर्ण पदक (Gold) | 3-2 के रोमांचक स्प्लिट फैसले में शानदार जीत |
| महिला मुक्केबाजी (75kg) | लवलीना बोरगोहेन | शीर्ष एशियाई मुक्केबाज | स्वर्ण पदक (Gold) | मैरी कॉम (2014) के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला |
| तीरंदाजी (मेंस रिकर्व टीम) | धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान, यशदीप भोगे | दक्षिण कोरिया (Korea) | रजत पदक (Silver) | 10 बार के ओलंपिक चैंपियन कोरिया को अंतिम सेट तक कड़ी टक्कर |
| तीरंदाजी (मिक्स्ड रिकर्व टीम) | धीरज बोम्मदेवरा और कुमकुम मोहोड़ | दक्षिण कोरिया (Korea) | रजत पदक (Silver) | एशियाई खेलों में ऐतिहासिक दूसरा टीम रजत पदक |
| सेलिंग (महिला डिंगी) | नेत्रा कुमानन | एशियाई प्रतिभागी | कांस्य पदक (Bronze) | भारतीय नौकायन में ऐतिहासिक कांस्य पदक |
| महिला हॉकी (फाइनल) | भारतीय महिला हॉकी टीम | चीन (China) | स्वर्ण पदक का मुकाबला | गिफू स्टेडियम में फाइनल मुकाबले में पदक पक्का |
तीरंदाजी में धीरज का जलवा: कोरियाई दिग्गजों को दी टक्कर
India Today की खेल रिपोर्ट के अनुसार, मुक्केबाजी के अलावा तीरंदाजी के मैदान से भी भारत के लिए गौरवशाली परिणाम सामने आए। तीरंदाजी के वैश्विक महाबली दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारतीय तीरंदाजों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। 10 बार के ओलंपिक चैंपियन कोरिया के सामने मेंस रिकर्व टीम फाइनल में धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान और यशदीप भोगे की तिकड़ी ने शानदार 10 और 9 के सटीक निशाने साधते हुए कोरियाई टीम को बराबरी की टक्कर दी।
हालांकि कोरियाई टीम अंतिम पलों में कुछ अंकों से बाजी मारने में सफल रही, लेकिन भारतीय पुरुषों ने ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किया। इसके तुरंत बाद मिक्स्ड रिकर्व टीम स्पर्धा में भी धीरज बोम्मदेवरा और कुमकुम मोहोड़ की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक और रजत पदक भारत के खाते में जोड़ दिया। एक ही दिन में दो रजत पदक जीतकर भारतीय तीरंदाजों ने साबित कर दिया कि वे दुनिया की सबसे मजबूत टीमों से मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
हॉकी और कुश्ती में भी पदक की गूंज: फैंस में उत्साह
एशियन गेम्स के 14वें दिन भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम पर टिकी हैं, जहां भारतीय महिला हॉकी टीम स्वर्ण पदक के लिए मजबूत चीनी टीम से मुकाबला करने उतरी है। सेमीफाइनल में शानदार जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाने वाली सविता पूनिया की टीम से देश को एक और स्वर्ण पदक की पूरी उम्मीद है।
वहीं कुश्ती के मैट पर भी भारतीय पहलवानों ने मेडल राउंड में जगह बनाकर देश की पदक संख्या में इजाफा करने की तैयारी कर ली है। एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह अब तक का सबसे संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन माना जा रहा है, जहां विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने एक साथ पोडियम फिनिश हासिल किए हैं। गांधी जयंती के राष्ट्रीय पर्व पर भारतीय एथलीटों की यह अभूतपूर्व उपलब्धि पूरे देश में सोशल मीडिया पर शीर्ष ट्रेंड बन गई है।
निष्कर्ष: ऐतिहासिक ऊंचाइयों की ओर भारतीय खेल जगत
समापन की ओर बढ़ रहे एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर का दिन भारतीय खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुका है। परवीन हुड्डा की 65 किलोग्राम वर्ग में जादुई जीत, लवलीना बोरगोहेन का ऐतिहासिक दोहरा पंच, और तीरंदाजी में युवा निशानेबाजों का कोरियाई टीम से टकराकर रजत जीतना यह दर्शाता है कि भारत अब बहु-खेल वैश्विक मंचों पर एक महाशक्ति बनकर उभर रहा है। इस स्वर्णिम सफलता ने आने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए देश के विश्वास को नई उड़ान दी है। भारतीय समर्थकों को अब महिला हॉकी फाइनल और कुश्ती से और अधिक पदकों की आस है।













