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एशियन गेम्स: 85 पदकों संग भारत चौथे नंबर पर, नीरू बनीं ध्वजवाहक

नागोया (जापान): जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) का रविवार, 4 अक्टूबर 2026 की रात को भव्य और रंगारंग समापन हो गया। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित ऐतिहासिक समापन समारोह में भारतीय दल ने गर्व और उत्साह के साथ मार्च पास्ट किया। भारत ने इस महाद्वीपीय खेल महाकुंभ में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य) अपने नाम किए और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहकर अपने अभियान का गौरवपूर्ण समापन किया। यह एशियाई खेलों के इतिहास में 2022 हांगझू संस्करण के बाद भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

समापन समारोह में नीरू ढांडा ने शान से लहराया तिरंगा

Olympics.com की रिपोर्ट के मुताबिक, समापन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक बनने का गौरव स्टार ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा को मिला। 27 वर्षीय नीरू ढांडा ने इन खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था। वे एशियाई खेलों के इतिहास में महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बनीं। इसके बाद उन्होंने आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिला टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता तथा कायनन चेनाई के साथ मिलकर ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया।

नीरू ढांडा उन चार चुनिंदा भारतीय एथलीटों में शामिल रहीं जिन्होंने आइची-नागोया 2026 में तीन-तीन पदक जीतकर इतिहास रचा। उनके अलावा तीरंदाज कुमकुम मोहोड, लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह और क्वार्टर-मिलर विथ्या रामराज ने भी तीन-तीन पदक अपने नाम किए। समापन समारोह में जब नीरू हाथ में तिरंगा थामे स्टेडियम के ट्रैक पर आगे बढ़ीं, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न मनाते हुए दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।

एशियन गेम्स 2026: भारत की खेलवार पदक तालिका

भारतीय एथलीटों ने 36 में से 21 विभिन्न खेल विधाओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स और शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा सबसे अधिक देखने को मिला। खेलों के प्रमुख प्रदर्शन का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

खेल विधा (Discipline) स्वर्ण (Gold) रजत (Silver) कांस्य (Bronze) कुल पदक (Total) मुख्य आकर्षण एवं ऐतिहासिक रिकॉर्ड
एथलेटिक्स (Athletics) 7 10 7 24 भारत का सबसे सफल खेल, ट्रैक और फील्ड में दबदबा
शूटिंग (Shooting) 3 8 4 15 नीरू ढांडा का ऐतिहासिक दोहरा स्वर्ण पदक
तीरंदाजी (Archery) 5 2 2 9 कंपाउंड और रिकर्व में 5 स्वर्ण पदक जीते
क्रिकेट (Cricket) 2 0 0 2 पुरुष टीम ने पाक को हराया, महिला टीम भी चैंपियन
कबड्डी (Kabaddi) 2 0 0 2 महिला और पुरुष दोनों टीमों ने जीता स्वर्ण पदक
कुश्ती एवं बॉक्सिंग (Wrestling/Boxing) 1 3 6 10 कांस्य और रजत पदकों में शानदार प्रदर्शन
अन्य खेल विधाएं (Other Sports) 1 4 18 23 बैडमिंटन, स्क्वैश, रोइंग, टेबल टेनिस आदि में पदक
कुल पदक (Overall Tally) 21 27 37 85 पदक तालिका में भारत का चौथा स्थान

टीम स्पर्धाओं में भारत का क्लीन स्वीप और क्रिकेट का रोमांच

NewsOnAIR (आकाशवाणी समाचार) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने प्रमुख टीम खेलों में दबदबा बनाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। खेलों के अंतिम दिनों में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को फाइनल मुकाबले में 19 रनों से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसके अतिरिक्त पारंपरिक खेल कबड्डी में भारत ने एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित किया और पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर दोहरा खिताब हासिल किया।

तीरंदाजी में भारतीय तीरंदाजों ने सटीक निशाने लगाते हुए 5 स्वर्ण पदकों पर कब्जा जमाया। अभिषेक वर्मा और ज्योति सुरेखा वेन्नम के नेतृत्व में भारतीय तीरंदाजी दल ने एशियाई मंच पर विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा पेश की। एथलेटिक्स में लंबी दूरी की दौड़ों, बाधा दौड़ और रिले रेस में भारतीय धावकों ने कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 24 पदक जीतकर भारत को पदक तालिका के शीर्ष चार में बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।

‘वन एशिया’ थीम पर समापन और दोहा 2030 को कमान

आइची-नागोया 2026 का समापन समारोह ‘वन एशिया’ (One Asia) की थीम पर आयोजित किया गया। स्टेडियम में लेजर लाइट शो, जापानी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पार्कोर कलाकारों के हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। एशिया के 45 देशों के एथलीटों ने आपसी मित्रता और खेल भावना का परिचय देते हुए एक साथ मिलकर मंच पर जश्न मनाया। एशियाई ओलंपिक परिषद (OCA) के अध्यक्ष ने आधिकारिक तौर पर खेलों के सफल समापन की घोषणा की।

हस्तांतरण समारोह के दौरान 1951 के पहले एशियाई खेलों (नई दिल्ली) की ऐतिहासिक मशाल और ध्वज को स्टेडियम में लाया गया। इसके बाद आधिकारिक ओसीए ध्वज कतर के प्रतिनिधिमंडल को सौंपा गया। ओलंपिक और तीन बार के विश्व चैंपियन हाई जम्पर मुताज बारशिम ने कतर की ओर से ध्वज ग्रहण किया। इसके साथ ही अब अगला 21वां एशियाई खेल 2030 में कतर की राजधानी दोहा में आयोजित होगा। दोहा 2006 के बाद दूसरी बार इस खेल महाकुंभ की मेजबानी करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई, खेल जगत में उत्साह

भारतीय दल के शानदार प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि भारतीय एथलीटों ने अपने संकल्प, अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल भावना से 140 करोड़ देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नागोया में मिली यह ऐतिहासिक सफलता देश की युवा पीढ़ी को खेलों में आगे आने और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी।

केंद्रीय खेल मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने भी दल के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि 495 एथलीटों के भारतीय दल ने जिस अनुशासन और जज्बे के साथ 21 विभिन्न खेलों में पदक जीते हैं, वह भारत में जमीनी स्तर पर मजबूत हो रही खेल संस्कृति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। विशेष रूप से महिला एथलीटों ने निशानेबाजी, एथलेटिक्स और क्रिकेट में देश का मान बढ़ाया है।

निष्कर्ष: भारतीय खेलों का स्वर्णिम भविष्य और आगे की राह

आइची-नागोया में भारतीय दल की यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत अब केवल गिने-चुने पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि बहु-विषयक प्रतियोगिताओं में वैश्विक महाशक्तियों को कड़ी टक्कर दे रहा है। 85 पदकों की इस ऐतिहासिक कमाई ने लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 (LA28) की तैयारियों को नई ऊर्जा प्रदान की है। अब भारतीय खेल संघों की नजरें आगामी विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालिफाइंग स्पर्धाओं पर टिकी हैं, जहां भारतीय एथलीट नए जोश के साथ देश का झंडा बुलंद करने के लिए तैयार हैं।

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