केरल में भीषण गर्मी का प्रकोप: 12 जिलों में येलो अलर्ट जारी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
केरल भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 12 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जो अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस भरी परिस्थितियों के बने रहने का संकेत देता है। इस चेतावनी के साथ, अधिकारियों ने लोगों से दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच सीधे सूर्य के प्रकाश के संपर्क से बचने की सलाह दी है।
गर्मी का बढ़ता प्रकोप और तापमान की स्थिति
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में, पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर, 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर, विशेष रूप से पालक्काड़ जिले में, अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, कोल्लम में 39 डिग्री सेल्सियस और कोट्टायम में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया जा सकता है। तिरुवनंतपुरम, अलप्पुझा, पत्तनमतिट्टा, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जैसे जिलों में तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यह सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन कोट्टायम और कोल्लम जैसे जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। कोझिकोड, पालक्काड़ और तिरुवनंतपुरम में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है, जबकि अन्य जिलों में यह सामान्य स्तर पर है। पालक्काड़ ने 39.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सर्वाधिक तापमान दर्ज किया।
उच्च यूवी (पराबैंगनी) विकिरण का खतरा
गर्मी के साथ-साथ, कई जिलों में उच्च पराबैंगनी (UV) सूचकांक भी दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने पथनमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, पालक्काड़ और मलप्पुरम जिलों में नारंगी अलर्ट जारी किया है, जहाँ यूवी सूचकांक 8 दर्ज किया गया था। वहीं, कोल्लम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड और वायनाड जिलों को 6 से 7 के बीच यूवी सूचकांक स्तर के साथ येलो अलर्ट पर रखा गया है।
उच्च यूवी विकिरण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से सनबर्न, त्वचा और आंखों की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, सार्वजनिक स्थानों पर छतरियों या टोपी का उपयोग करने और पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां
अधिकारियों ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- सीधे धूप से बचें: दोपहर 11 बजे से शाम 3 बजे के बीच सीधे सूर्य के प्रकाश के संपर्क से बचें।
- हाइड्रेटेड रहें: खूब पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। नमकीन चावल का पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
- हल्के कपड़े पहनें: ढीले-ढाले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें जो हवादार हों।
- सिर को ढकें: बाहर जाते समय छाता, टोपी या दुपट्टे का इस्तेमाल करें।
- बाहरी गतिविधियों को सीमित करें: यदि संभव हो तो सुबह या शाम को ही बाहर निकलें और बाहरी गतिविधियों को इन ठंडे समय में करने की योजना बनाएं।
- संवेदनशील समूहों का ध्यान रखें: बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- खाद्य पदार्थों का सेवन: ऐसे फल और सब्जियां खाएं जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, खीरा।
- शराब और कैफीन से बचें: दिन के दौरान शराब, चाय, कॉफी और मीठे पेय पदार्थों के सेवन से बचें, क्योंकि ये निर्जलीकरण को बढ़ा सकते हैं।
विशेष निर्देश और चेतावनी
स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को पीने के पानी की उपलब्धता और उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बाहरी गतिविधियों, जैसे असेंबली, को चरम गर्मी के घंटों के दौरान टाला जाना चाहिए। स्थानीय निकायों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों को अत्यधिक गर्मी से बचाने का निर्देश दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, बाजारों, इमारतों और कचरा डंपिंग साइटों में आग लगने के जोखिमों के बारे में भी चेतावनी दी गई है। जंगल की आग की संभावना को देखते हुए, जंगल के पास रहने वाले निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने और वन विभाग के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक केरल में तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहने की उम्मीद है। गर्म और उमस भरी परिस्थितियां पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर इन जिलों में बनी रहेंगी।
भविष्यवाणी और राहत की उम्मीद
IMD ने 22 अप्रैल तक केरल में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की भविष्यवाणी की है, जो मौजूदा गर्मी से कुछ हद तक राहत प्रदान कर सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ला नीना की स्थिति के कारण इस वर्ष केरल में लू की स्थिति की संभावना कम है, और महीने के अंत तक ग्रीष्मकालीन वर्षा बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- केरल के 12 जिलों में भीषण गर्मी और उमस भरी परिस्थितियों के कारण ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- पालक्काड़, कोल्लम और कोट्टायम जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है, जो सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
- उच्च पराबैंगनी (UV) विकिरण का स्तर भी चिंताजनक है, जिससे सनबर्न और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- लोगों को दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप से बचने, खूब पानी पीने और हल्के, सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों जैसे संवेदनशील समूहों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
- स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर गर्मी से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं, और आग के जोखिमों के प्रति भी सतर्क रहने को कहा गया है।
- 22 अप्रैल तक हल्की बारिश की संभावना है, जो गर्मी से कुछ राहत दे सकती है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि ला नीना की स्थिति के कारण इस वर्ष लू की स्थिति की संभावना कम है।












