दिवाली से ठीक पहले केंद्र सरकार ने डाक विभाग के लाखों कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को बड़ा वित्तीय तोहफा दिया है। संचार मंत्रालय के डाक विभाग (Department of Posts) ने राष्ट्रपति की मंजूरी से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 60 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता लिंक्ड बोनस (PLB) का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत नियमित डाक कर्मियों और पात्र ग्रामीण डाक सेवकों को अधिकतम ₹13,816 तक का बोनस मिलेगा। आदेश के विस्तृत दिशा-निर्देशों की पुष्टि लाइव मिंट डाक विभाग बोनस रिपोर्ट और विभागीय सर्कुलर से की जा सकती है。
डाक विभाग का आदेश: 60 दिन का पीएलबी स्वीकृत
डाक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लेखा वर्ष हेतु गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के परिचालन प्रदर्शन को देखते हुए 60 दिनों का पीएलबी स्वीकृत किया गया है। इसमें मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), पोस्टमैन, मेल गार्ड, पोस्टल असिस्टेंट, सॉर्टिंग असिस्टेंट और ग्रुप ‘बी’ के गैर-राजपत्रित पद शामिल हैं। देश भर के 23 पोस्टल सर्किलों में कार्यरत लगभग 3.15 लाख से अधिक डाक कर्मियों और ग्रामीण डाक सेवकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा。
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डाक वितरण की मुख्य धुरी ग्रामीण डाक सेवकों को अनुग्रह बोनस (Ex-gratia) और तीन वर्षों से लगातार कार्यरत पूर्णकालिक आकस्मिक श्रमिकों को तदर्थ बोनस मिलेगा। डाक महानिदेशालय ने सभी पोस्टल सर्किलों को निर्देशित किया है कि इसका वितरण त्योहार से पूर्व प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए。
पात्रता के नियम: किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
आधिकारिक आदेश के अनुसार, बोनस के लिए कर्मचारी का वर्ष 2025-26 में सेवा में सक्रिय होना और न्यूनतम निर्धारित अवधि तक कार्य करना अनिवार्य है। पात्रता को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- नियमित विभागीय स्टाफ: एमटीएस, पोस्टमैन, ग्रुप ‘सी’ के लिपिकीय संवर्ग और गैर-राजपत्रित ग्रुप ‘बी’ सुपरवाइजरी कर्मी।
- ग्रामीण डाक सेवक (GDS): डाकघरों में कार्यरत नियमित शाखा पोस्टमास्टर (BPM) और सहायक शाखा पोस्टमास्टर (ABPM)।
- आकस्मिक श्रमिक: 31 मार्च 2026 तक लगातार 3 वर्षों में प्रति वर्ष न्यूनतम 240 दिन (5 दिवसीय कार्यालय में 206 दिन) कार्य करने वाले श्रमिक।
वर्ष 2025-26 में सेवानिवृत्त या प्रतिनियुक्ति पर गए कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के अनुपात (Pro-rata) में भुगतान मिलेगा। हालांकि, निलंबन या गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे कार्मिकों पर संबंधित विभागीय नियम लागू होंगे。
बोनस गणना का फॉर्मूला: ₹13,816 की राशि कैसे तय हुई?
डाक विभाग में पीएलबी की गणना हेतु मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा ₹7,000 निर्धारित है। यदि किसी कर्मचारी का वास्तविक वेतन इससे अधिक है, तब भी गणना ₹7,000 की सीलिंग पर ही सीमित रखी जाएगी। परिलब्धियों में बेसिक पे, महंगाई भत्ता और विशेष बैंक भत्ता (SB Allowance) शामिल माने जाते हैं。
निर्धारित सूत्र है: (मासिक परिलब्धियां × 60 दिन) ÷ 30.4 (मासिक औसत दिन)। इस आधार पर ₹7,000 × 60 ÷ 30.4 = ₹13,815.78 बनता है, जिसे वित्तीय नियमों में पूर्णांकित करके ₹13,816 तय किया गया है。
विभिन्न श्रेणियों के लिए बोनस गणना की तालिका
डाक विभाग के नियमित कर्मचारियों, ग्रामीण डाक सेवकों और आकस्मिक श्रमिकों के लिए बोनस गणना मापदंडों का विवरण नीचे सारणी में दिया गया है:
| कर्मचारी श्रेणी | मासिक परिलब्धि सीमा | स्वीकृत दिन | गणना सूत्र | अधिकतम देय बोनस |
|---|---|---|---|---|
| नियमित विभागीय स्टाफ (MTS, Group C, B Non-Gazetted) | ₹7,000 प्रतिमाह | 60 दिन | (₹7,000 × 60) ÷ 30.4 | ₹13,816 (पूर्णांकित) |
| ग्रामीण डाक सेवक (GDS – BPM / ABPM) | ₹7,000 (औसत TRCA + DA) | 60 दिन | (औसत TRCA × 60) ÷ 30.4 | ₹13,816 (अधिकतम सीमा) |
| पूर्णकालिक आकस्मिक श्रमिक (Casual Labourers) | ₹1,200 (काल्पनिक मासिक दर) | 60 दिन | (₹1,200 × 60) ÷ 30.4 | ₹2,368 (अधिकतम सीमा) |
ग्रामीण डाक सेवकों और आकस्मिक श्रमिकों के नियम
जीडीएस को अनुग्रह बोनस उनके टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ते के औसत पर दिया जाता है। वर्ष 2025-26 के कुल टीआरसीए व डीए को 12 से विभाजित कर औसत राशि निकाली जाती है, जो अधिकतम ₹7,000 तक सीमित है。
आकस्मिक श्रमिकों को ₹1,200 की काल्पनिक मासिक मजदूरी पर अधिकतम ₹2,368 बोनस तय है। ₹2,368 को 365 से भाग देकर दैनिक दर निकलती है, जिसे वास्तविक कार्य दिवसों से गुणा कर भुगतान किया जाता है。
केंद्रीय विभागों के त्योहारी बोनस की तुलनात्मक समीक्षा
त्योहारी सीजन में विभिन्न मंत्रालयों के कर्मचारियों के लिए जारी बोनस आदेशों में कार्य प्रकृति के आधार पर अंतर होता है। वाणिज्यिक विभागों को पीएलबी तथा सामान्य सिविल मंत्रालयों को 30 दिन का तदर्थ बोनस मिलता है。
विभिन्न बोनस आदेशों की तुलना नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:
| विभाग / संवर्ग | बोनस का प्रकार | स्वीकृत दिन | अधिकतम देय राशि | मंजूरी की स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| भारतीय रेलवे कर्मचारी | उत्पादकता लिंक्ड बोनस (PLB) | 78 दिन | ₹17,951 | कैबिनेट द्वारा 14 अक्टूबर को स्वीकृत |
| डाक विभाग एवं GDS | उत्पादकता लिंक्ड बोनस (PLB) | 60 दिन | ₹13,816 | राष्ट्रपति संस्तुति द्वारा 16/17 अक्टूबर को स्वीकृत |
| केंद्रीय सिविल मंत्रालय (Group C व B) | तदर्थ बोनस (Non-PLB) | 30 दिन | ₹6,908 | व्यय विभाग द्वारा 15 अक्टूबर को स्वीकृत |
| केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CRPF/BSF आदि) | तदर्थ बोनस (Ad-hoc) | 30 दिन | ₹6,908 | वित्त मंत्रालय द्वारा 15 अक्टूबर को स्वीकृत |
कर्मचारी संगठनों की मांग: ₹7,000 की सीलिंग में बदलाव की जरूरत
डाक कर्मचारियों के संगठनों (NFPE व FNPO) ने 60 दिन के बोनस का स्वागत किया है, लेकिन ₹7,000 की पुरानी सीमा पर असंतोष जताया है। यूनियनों का कहना है कि 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 हो चुका है, जबकि बोनस की गणना 2014-15 की ₹7,000 की काल्पनिक सीमा पर ही टिकी है。
यूनियनों ने मांग की है कि बोनस की गणना न्यूनतम ₹18,000 के आधार पर हो, जिससे 60 दिन का बोनस ₹35,500 से अधिक बनेगा। बढ़ती महंगाई को देखते हुए सीलिंग में संशोधन की मांग लंबे समय से की जा रही है。
3% डीए बढ़ोतरी का इंतजार: 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक अहम
बोनस के बाद अब सभी कर्मचारियों की नजरें जुलाई 2026 से देय 3 फीसदी महंगाई भत्ते (DA) पर टिकी हैं। वित्तीय मीडिया, विशेष रूप से लाइव मिंट डीए समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, दशहरा बाद 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में डीए वृद्धि पर फैसला संभव है。
इससे केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 53% से बढ़कर 56% हो जाएगा और तीन माह का एरियर भी मिलेगा। बोनस और डीए का दोहरा लाभ त्योहारी खुशियों में बड़ा इजाफा करेगा。
DDO के लिए भुगतान संबंधी निर्देश
डाक विभाग ने सभी सर्किलों को निर्देश दिए हैं कि बोनस भुगतान का खर्च वित्त वर्ष 2026-27 के ‘रिवार्ड्स’ शीर्ष में बुक किया जाए। सभी डीडीओ को आदेश दिया गया है कि बिना देरी कर्मचारियों और जीडीएस के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाए ताकि धनतेरस से पूर्व सबको राहत मिल सके。













