अगरतला: दुर्गा पूजा, विजयादशमी और दीपावली के पावन त्योहारों से ठीक पहले त्रिपुरा सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक और प्रेस वार्ता में राज्य कर्मियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की घोषणा की गई है। Akashvani News (NewsOnAir) आधिकारिक रिपोर्ट और The Sentinel Assam की रिपोर्ट के अनुसार, इस 3% वृद्धि के साथ ही राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स का कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 44 प्रतिशत (44%) हो गया है। इसके साथ ही एक अन्य ऐतिहासिक फैसले में नियमित कर्मचारियों के मकान किराया भत्ते (House Rent Allowance – HRA) को भी 8 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 10 प्रतिशत (10%) कर दिया गया है। वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय की उपस्थिति में घोषित यह संशोधन 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है, जिससे राज्य के 1.88 लाख से अधिक कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है。
3% DA वृद्धि और 10% HRA संशोधन का पूरा वित्तीय गणित
त्रिपुरा सरकार द्वारा लिए गए इस दोहरे फैसले से राज्य के नियमित कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और पेंशनभोगियों को दोतरफा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने जानकारी दी कि 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते में वृद्धि और 2 प्रतिशत मकान किराया भत्ते में बढ़ोतरी के इस संयुक्त पैकेज से राज्य सरकार के राजकोष पर प्रतिवर्ष लगभग ₹300 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। सीमित वित्तीय संसाधनों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण और बढ़ती मुद्रास्फीति के प्रभाव को निष्प्रभावी करने के लिए यह अत्यंत साहसिक और समयोचित कदम उठाया है。
वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के बाद त्रिपुरा के कर्मचारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बीच का अंतर घटकर मात्र 16 प्रतिशत रह गया है। 2018 से पूर्व जब राज्य में 4th और 5th पे कमीशन का ढांचा था, तब राज्य और केंद्र के डीए में 30% से अधिक का भारी अंतर हुआ करता था। वित्त विभाग के अनुसार, अक्टूबर माह का वेतन जो नवंबर के प्रथम सप्ताह में कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा होगा, वह पूरी तरह से 44% डीए और 10% एचआरए की नई संशोधित दरों के साथ क्रेडिट किया जाएगा。
वेतन स्तर के अनुसार मासिक वेतन वृद्धि का विस्तृत विश्लेषण (तालिका)
संशोधित 44% डीए और 10% एचआरए का सीधा सकारात्मक प्रभाव विभिन्न पे लेवल्स पर कार्यरत कर्मचारियों की मासिक सैलरी पर पड़ेगा। नीचे दी गई तालिका में त्रिपुरा सरकार के विभिन्न वेतनमानों के अनुसार वेतन वृद्धि का स्पष्ट तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है:
| वेतन स्तर / पद श्रेणी | मूल वेतन (Basic Pay) | पुराना DA (41%) + पुराना HRA (8%) | नया DA (44%) + नया HRA (10%) | मासिक शुद्ध वेतन वृद्धि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| ग्रुप ‘डी’ (प्रारंभिक स्तर) | ₹18,000 | ₹8,820 (DA: 7,380 + HRA: 1,440) | ₹9,720 (DA: 7,920 + HRA: 1,800) | ₹900 प्रति माह |
| ग्रुप ‘सी’ (क्लर्क / शिक्षक) | ₹28,000 | ₹13,720 (DA: 11,480 + HRA: 2,240) | ₹15,120 (DA: 12,320 + HRA: 2,800) | ₹1,400 प्रति माह |
| ग्रुप ‘बी’ (राजपत्रित / निरीक्षक) | ₹45,000 | ₹22,050 (DA: 18,450 + HRA: 3,600) | ₹24,300 (DA: 19,800 + HRA: 4,500) | ₹2,250 प्रति माह |
| ग्रुप ‘ए’ (प्रशासनिक अधिकारी) | ₹67,700 | ₹33,173 (DA: 27,757 + HRA: 5,416) | ₹36,558 (DA: 29,788 + HRA: 6,770) | ₹3,385 प्रति माह |
| वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर | ₹1,00,000 | ₹49,000 (DA: 41,000 + HRA: 8,000) | ₹54,000 (DA: 44,000 + HRA: 10,000) | ₹5,000 प्रति माह |
पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनभोगियों को मिलने वाले विशेष लाभ
त्रिपुरा सरकार के इस संवेदनशील और कल्याणकारी निर्णय से राज्य के 82,000 से अधिक सेवानिवृत्त सिविल कर्मचारियों, वरिष्ठ नागरिकों और पारिवारिक पेंशनधारकों को बहुत बड़ी प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिली है। पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) को 41% से बढ़ाकर 44% कर दिया गया है। न्यूनतम ₹9,000 की मूल पेंशन प्राप्त करने वाले बुजुर्ग पेंशनर्स को अब प्रतिमाह ₹270 की सीधी बढ़ोतरी मिलेगी, जबकि ₹30,000 की औसत पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मियों को प्रतिमाह ₹900 की अतिरिक्त पेंशन राशि प्राप्त होगी。
त्योहारों से पूर्व यह अतिरिक्त नकद प्रवाह बुजुर्ग पेंशनभोगियों को चिकित्सा व्यय और त्योहारी तैयारियों में संबल प्रदान करेगा। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी जिला ट्रेजरी कार्यालयों, उप-खजाना अधिकारियों और संबंधित अधिकृत बैंकों को विस्तृत परिचालन निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि अक्टूबर माह की पेंशन बिना किसी प्रशासनिक विलंब के नए संशोधित दरों के साथ सीधे बैंक खातों में वितरित की जा सके。
पूर्वोत्तर राज्यों में डीए दरों की तुलना: त्रिपुरा की स्थिति (तालिका)
पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में लागू महंगाई भत्ते की दरों में भिन्नता देखने को मिलती है। त्रिपुरा द्वारा डीए को 44% करने और एचआरए को 10% तक बढ़ाने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में भत्तों की स्थिति नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| राज्य का नाम | वर्तमान लागू DA दर (%) | हालिया संशोधन की तिथि | HRA की लागू दर (%) |
|---|---|---|---|
| सिक्किम (Sikkim) | 60 प्रतिशत | 01 अक्टूबर 2026 | श्रेणी अनुसार 10% से 18% |
| त्रिपुरा (Tripura) | 44 प्रतिशत (संशोधित) | 01 अक्टूबर 2026 | 10 प्रतिशत (संशोधित) |
| असम (Assam) | 50 प्रतिशत | अप्रैल 2026 | शहर वर्गीकरण अनुसार 8% से 16% |
| मेघालय (Meghalaya) | 43 प्रतिशत | जुलाई 2026 | मूल वेतन का 8% से 10% |
| नागालैंड (Nagaland) | 46 प्रतिशत | जुलाई 2026 | मूल वेतन का 8% |
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया और 7वें वेतन आयोग की बकाया मांगें
त्रिपुरा सरकार के इस कल्याणकारी कदम का त्रिपुरा राज्य कर्मचारी महासंघ, संयुक्त कर्मचारी परिषद और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने खुलकर स्वागत किया है। संगठनों का कहना है कि पूजा से पहले डीए और एचआरए दोनों में एक साथ वृद्धि करना सरकार का संवेदनशील फैसला है। हालांकि, कर्मचारी संघों ने यह मांग भी दोहराई है कि राज्य में केंद्र के समान 50% से अधिक डीए का स्तर जल्द से जल्द प्राप्त किया जाना चाहिए ताकि राष्ट्रीय स्तर पर क्रय शक्ति की समानता बनी रहे。
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कर्मचारी संघों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जैसे-जैसे राज्य का आंतरिक राजस्व संग्रह मजबूत होगा, सरकार कर्मचारियों के शेष भत्तों और अन्य सेवा लाभों को केंद्रीय मानकों के बराबर लाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी। दुर्गा पूजा और दीपावली के त्योहारी मौसम से ठीक पहले मिली इस दोहरी सौगात से त्रिपुरा के लाखों सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों में भारी उत्साह, संतुष्टि और राहत का माहौल देखा जा रहा है。













