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बैंकिंग Q2 नतीजे: ICICI का मुनाफा 20% उछला, HDFC बैंक रहा सुस्त

मुंबई: वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के वित्तीय परिणामों के सुपर सैटरडे को भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख दिग्गजों ने अपने आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड जारी कर दिए हैं। देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank), यस बैंक (Yes Bank) और आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) द्वारा घोषित नतीजों ने ऋण वृद्धि, शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM), संपत्ति गुणवत्ता और ट्रेजरी आय के मोर्चे पर विविधतापूर्ण तस्वीर पेश की है। जहां आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और यस बैंक ने अपने शुद्ध मुनाफे में दोहरे अंकों की जोरदार छलांग लगाई है, वहीं एचडीएफसी बैंक ट्रेजरी आय में आई 67 प्रतिशत की तेज गिरावट के चलते बाजार के अनुमानों से थोड़ा पीछे रह गया है。

बैंकिंग Q2 नतीजों का तुलनात्मक ब्योरा: किसने मारी बाजी?

Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को घोषित नतीजों में मुनाफा वृद्धि के मामले में यस बैंक शीर्ष पर रहा, जबकि संपत्ति गुणवत्ता और एनपीए नियंत्रण में आईडीबीआई बैंक सबसे आगे निकला। दूसरी तिमाही में मजबूत ऋण मांग और डूबे कर्जों के प्रावधानों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है। हालांकि विदेशी मुद्रा अनिवासी जमाराशियों (FCNR-B) के प्रवाह और कासा (CASA) अनुपात में नरमी से मार्जिन पर हल्का दबाव दिखा है。

दूसरी तिमाही में प्रमुख निजी व वाणिज्यिक बैंकों के शुद्ध लाभ, शुद्ध ब्याज आय, प्रावधानों और एनपीए आंकड़ों का आधिकारिक तुलनात्मक विश्लेषण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

बैंक का नाम शुद्ध मुनाफा (PAT) मुनाफा वृद्धि (YoY) शुद्ध ब्याज आय (NII) सकल / शुद्ध एनपीए अहम वित्तीय टिप्पणी
HDFC Bank ₹19,510 करोड़ +4.7% ₹34,619 करोड़ (+10%) 1.11% / 0.37% ट्रेजरी आय 67% घटी; अनुमान से कम रहा लाभ
ICICI Bank ₹14,843 करोड़ +20.1% ₹25,339 करोड़ (+17.7%) 1.20% / 0.30% मजबूत कोर लोन ग्रोथ, प्रोविजनिंग में कमी
Axis Bank ₹7,003 करोड़ +37.6% ₹15,371 करोड़ (+12%) 1.16% / 0.35% क्रेडिट कॉस्ट 0.45% पर, प्रावधानों में कटौती
Yes Bank ₹1,080 करोड़ +65.0% ₹2,822 करोड़ (+23%) 1.20% / 0.20% ऑपरेटिंग मुनाफे में 29.4% की भारी छलांग
IDBI Bank ₹2,205 करोड़ -39.2% ₹4,228 करोड़ (+29%) 2.12% / 0.17% सबसे कम शुद्ध एनपीए; कोर मुनाफा 14% बढ़ा
Central Bank of India ₹1,469 करोड़ +21.1% ₹4,145 करोड़ (+26%) 2.39% / 0.31% सरकारी बैंक में मजबूत रिकवरी व मार्जिन सुधार

HDFC Bank: ट्रेजरी लाभ घटने से अनुमान से चूका दिग्गज बैंक

NDTV Profit के अनुसार, देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत बढ़कर ₹19,510 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष समान अवधि में ₹18,641 करोड़ था। विश्लेषकों ने ₹19,727 करोड़ के लाभ का अनुमान लगाया था। बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के चलते ट्रेजरी ट्रेडिंग लाभ 67 प्रतिशत घटकर मात्र ₹780 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष समान तिमाही में ₹2,390 करोड़ था。

कोर बैंकिंग गतिविधियों में बैंक की गति ठोस रही। शुद्ध ब्याज आय (NII) 10 प्रतिशत बढ़कर ₹34,619 करोड़ पर पहुंच गई, जबकि परिचालन लाभ 5.6 प्रतिशत बढ़कर ₹29,483 करोड़ दर्ज हुआ। संपत्ति गुणवत्ता में सुधार हुआ है। सकल एनपीए 1.17 प्रतिशत से घटकर 1.11 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.41 प्रतिशत से सुधरकर 0.37 प्रतिशत पर आ गया। एचडीएफसी बैंक का शाखा नेटवर्क बढ़कर 9,706 शाखाओं और 20,881 एटीएम तक पहुंच चुका है, जिसमें आधी शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं。

ICICI Bank: कोर लोन ग्रोथ और कम प्रोविजनिंग से चमका प्रदर्शन

निजी क्षेत्र के दूसरे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा है। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा दूसरी तिमाही में 20.1 प्रतिशत उछलकर ₹14,843 करोड़ पर पहुंच गया, जो विश्लेषकों के ₹14,366 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 17.7 प्रतिशत बढ़कर ₹25,339 करोड़ रही, जो पिछले साल समान अवधि में ₹21,529 करोड़ दर्ज हुई थी。

बैंक का ग्रॉस एनपीए तिमाही आधार पर 1.38 प्रतिशत से सुधरकर 1.20 प्रतिशत पर आ गया, जबकि नेट एनपीए घटकर 0.30 प्रतिशत रह गया। प्रोविजनिंग खर्च घटकर ₹851 करोड़ पर आ गए। बैंक प्रबंधन ने बताया कि कृषि लोन पोर्टफोलियो की जांच पूरी हो चुकी है और आरबीआई की मंजूरी के बाद अगले दो तिमाहियों में कृषि प्रावधानों की वापसी (Reversal) हो सकेगी, जिससे आगामी तिमाहियों में लाभप्रदता को अतिरिक्त सहारा मिलेगा。

Axis Bank और Yes Bank: रिकवरी और ऑपरेटिंग मुनाफे में उछाल

एक्सिस बैंक ने दूसरी तिमाही में 37.6 प्रतिशत का जोरदार वार्षिक शुद्ध लाभ दर्ज करते हुए ₹7,003 करोड़ का आंकड़ा हासिल किया। बैंक के प्रावधान ₹3,547 करोड़ से घटकर मात्र ₹1,694 करोड़ रह गए। एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने बताया कि रिटेल लोन वितरण गति मजबूत रही है और डिजिटल तथा एआई-आधारित बैंकिंग पहलों से परिचालन लागत में गिरावट आई है。

संकट से बाहर आ रहे यस बैंक ने दूसरी तिमाही में 65 प्रतिशत की वार्षिक छलांग लगाते हुए ₹1,080 करोड़ का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। यस बैंक की शुद्ध ब्याज आय 23 प्रतिशत बढ़कर ₹2,822 करोड़ रही और ऑपरेटिंग मुनाफा 29.4 प्रतिशत बढ़कर ₹1,678 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक ने अपना नेट एनपीए 0.20 प्रतिशत के निचले स्तर पर स्थिर रखा है。

IDBI Bank के नतीजों में हाई बेस प्रभाव और कासा जमाओं का रुख

आईडीबीआई बैंक का शुद्ध मुनाफा 39.2 प्रतिशत घटकर ₹2,205 करोड़ रहा। विश्लेषकों के मुताबिक पिछले साल बैंक को एनएसडीएल में हिस्सेदारी बिक्री से ₹1,699 करोड़ का एकमुश्त लाभ हुआ था। इस प्रभाव को छोड़ दें, तो बैंक का कोर मुनाफा 14 प्रतिशत बढ़ा है। आईडीबीआई बैंक ने पूरे उद्योग में सबसे कम नेट एनपीए (0.17%) दर्ज किया。

बैंकिंग उद्योग की साझा चुनौतियों पर गौर करें तो विदेशी मुद्रा अनिवासी जमाराशियों (FCNR-B) और घरेलू बचत में बदलाव से कासा (CASA) अनुपात में हल्का दबाव दिखा है। हालांकि एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक दोनों ने तीसरी और चौथी तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में क्रमिक सुधार की उम्मीद जताई है。

निष्कर्ष: बैंकिंग सेक्टर के लिए आगे की राह और बाजार का रुझान

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे साबित करते हैं कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली की बैलेंस शीट मजबूत, स्वच्छ और लचीली बनी हुई है। ऋण मांग में टिकाऊ मजबूती और एनपीए का सर्वकालिक निचले स्तरों पर रहना अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित शक्ति को दर्शाता है। सोमवार को बाजार खुलने पर बैंक निफ्टी (Bank Nifty) पर इन नतीजों का सीधा असर दिखेगा। आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक अपने मजबूत नतीजों के दम पर बाजार की अगुआई कर सकते हैं, जबकि एचडीएफसी बैंक में निचले स्तरों पर संस्थागत खरीदारी लौटने की संभावना है。

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