मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को शुरुआती सत्र के मामूली उतार-चढ़ाव के बाद जोरदार तेजी लौट आई। दिग्गज आईटी कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों, रिलायंस इंडस्ट्रीज में भारी खरीदारी और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के दम पर दलाल स्ट्रीट पर बुल्स ने शानदार वापसी की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) सुबह के निचले स्तरों से 400 से अधिक अंक उछलकर 74,720 के पार पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty 50) 115 अंक की बढ़त के साथ 23,110 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। गुरुवार को 1,533 अंकों की छलांग लगाने के बाद शुक्रवार को आई इस निरंतर तेजी ने घरेलू निवेशकों के विश्वास को नई मजबूती दी है。
शुरुआती मुनाफावसूली के बाद बाजार ने पकड़ी तेज रफ्तार
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह बाजार में हल्की सुस्ती और मुनाफावसूली देखी गई थी। गुरुवार को चार महीने की सबसे बड़ी रैली दर्ज करने के बाद शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 130 अंक टूटकर 74,185 पर और निफ्टी 27 अंक फिसलकर 22,967 के स्तर पर आ गया था। वैश्विक स्तर पर कोरवीव (CoreWeave) के कर्ज संकट को लेकर एआई कंपनियों में पैदा हुई अनिश्चितता ने कुछ देर के लिए धारणा को प्रभावित किया था。
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत लिवाली और एशियाई बाजारों में लौटी स्थिरता ने गिरावट को तेजी से थाम लिया। सुबह 10:20 बजे के बाद चौतरफा खरीदारी शुरू हुई, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान से निकलकर हरे निशान में आ गए। इसके साथ ही अंतरबैंकिंग विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 20 पैसे मजबूत होकर 94.79 के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों के स्थिर होने से रुपये और इक्विटी दोनों को दोहरा संबल मिला。
मार्केट का मुख्य डेटा: प्रमुख सूचकांक, मुद्रा और कमोडिटी
शुक्रवार को सुबह 11:00 बजे तक प्रमुख वित्तीय संकेतकों, शेयर सूचकांकों और मुद्रा बाजार में दर्ज की गई हलचल का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| वित्तीय संकेतक / सूचकांक | वर्तमान स्तर (16 अक्टूबर 2026) | पिछला बंद (15 अक्टूबर 2026) | शुद्ध बदलाव (अंक / %) | बाजार की प्रमुख दिशा |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 74,725.40 | 74,315.61 | +409.79 अंक (+0.55%) | 74,700 का अहम स्तर पार |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 23,112.80 | 22,997.35 | +115.45 अंक (+0.50%) | 23,100 के ऊपर मजबूती |
| भारतीय रुपया (USD / INR) | ₹94.79 प्रति डॉलर | ₹94.99 प्रति डॉलर | +20 पैसे की मजबूती | डॉलर इंडेक्स में नरमी का लाभ |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $88.40 / बैरल | $89.20 / बैरल | -0.90% की गिरावट | ऊर्जा लागत में राहत का असर |
| टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) | ₹1,771.40 प्रति शेयर | ₹1,648.75 प्रति शेयर | +₹122.65 (+7.44%) | Q2 मुनाफा 33% उछला |
| रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) | ₹3,124.50 प्रति शेयर | ₹3,033.50 प्रति शेयर | +₹91.00 (+3.00%) | जियो आईपीओ चर्चा से तेजी |
| इंडिया विक्स (India VIX) | 11.95 अंक | 12.38 अंक | -3.47% की कमी | बाजार में अस्थिरता में कमी |
टेक महिंद्रा के दमदार Q2 नतीजों से पूरे IT सेक्टर में बहार
The Times of India के लाइव मार्केट अपडेट के अनुसार, शुक्रवार की तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। टेक महिंद्रा के शुद्ध लाभ में दूसरी तिमाही में 33 प्रतिशत की छलांग दर्ज की गई, जिसके बाद कंपनी का शेयर 7.44 प्रतिशत चढ़कर ₹1,771.40 के स्तर पर पहुंच गया। इस शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर निवेशकों ने अन्य आईटी शेयरों में भी आक्रामक खरीदारी की。
निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती सत्र में 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। इंफोसिस, विप्रो, टीसीएस और एचसीएल टेक के शेयरों में 1.5 से 3 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद भारतीय तकनीकी कंपनियों के ऑर्डर बुक में सुधार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डील्स में तेजी से आईटी सेक्टर के मूल्यांकन को दोबारा समर्थन मिलने लगा है。
रिलायंस इंडस्ट्रीज में 3% का उछाल: जियो आईपीओ की चर्चाएं तेज
बाजार के दिग्गज हेवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में शुक्रवार को 3 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई। बाजार में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि कंपनी अपनी डिजिटल शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए मूल्यांकन और प्राइस बैंड तय करने के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जियो के संभावित आईपीओ से समूह के मूल्यांकन में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है。
रिलायंस के अलावा बैंकिंग शेयरों ने भी सूचकांक को मजबूती प्रदान की। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में 1 से 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निजी बैंकों में बढ़ते क्रेडिट ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी के चलते घरेलू और विदेशी फंड्स लगातार निवेश बढ़ा रहे हैं。
मैक्रो मोर्चे पर मिली खुशखबरी: निर्यात और टैक्स संग्रह में उछाल
HDFC Sky की ओपनिंग रिपोर्ट के मुताबिक, अर्थव्यवस्था के बुनियादी आंकड़ों ने भी दलाल स्ट्रीट की तेजी को पंख लगाए हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, सितंबर में भारत का वस्तु निर्यात 23.04 प्रतिशत उछलकर 44.40 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वैश्विक व्यापारिक मंदी की चिंताओं के बीच यह उछाल विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की मजबूती को साबित करता है。
इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.21 प्रतिशत बढ़कर ₹13.38 लाख करोड़ हो गया है। सरकार के राजस्व में वृद्धि राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने में मददगार होगी। इसके अलावा सेबी द्वारा क्लोजिंग ऑक्शन सेशन फ्रेमवर्क की समीक्षा के बाद एनएसई, बीएसई और ग्रो जैसे पूंजी बाजार से जुड़े शेयरों में भी 3 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली。
विशेषज्ञों की राय और खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के 23,100 के स्तर को पार करने के बाद अब अगला तकनीकी प्रतिरोध 23,250 से 23,300 के दायरे में होगा। वहीं नीचे की तरफ 22,950 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। विश्लेषकों का सुझाव है कि मौजूदा बाजार में सेक्टर-विशिष्ट रणनीति अपनाना सबसे फायदेमंद रहेगा। नतीजों के दम पर मजबूत दिख रहे आईटी, बैंकिंग और कैपिटल गुड्स सेक्टर में गिरावट पर खरीदारी की जा सकती है。
संक्षेप में कहें तो 16 अक्टूबर 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए आत्मविश्वास से भरा साबित हुआ है। शुरुआती सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों ने भारत की आंतरिक आर्थिक मजबूती, बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों और रुपये की मजबूती पर भरोसा जताया है। खुदरा निवेशकों को ऊंचे मूल्यांकन वाले पेनी स्टॉक्स से बचते हुए केवल मजबूत बैलेंस शीट और निरंतर लाभ कमाने वाली क्वालिटी कंपनियों में ही व्यवस्थित रूप से निवेश जारी रखना चाहिए。













