जयपुर / नई दिल्ली: केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन पुनरीक्षण की दिशा में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की प्रक्रिया अब पूर्ण गति पकड़ चुकी है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को आयोजित आयोग की पहली दो-दिवसीय आधिकारिक राज्य स्तरीय परामर्श बैठक आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस ऐतिहासिक बैठक में उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR), डाक विभाग, रक्षा सिविलियन प्रतिष्ठानों और पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोग के अध्यक्ष व विशेषज्ञ सदस्यों के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से अपने विस्तृत मांग पत्र (Memorandums) सौंपे। जयपुर में परामर्श पूरा करने के बाद आयोग का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अब अपने अगले पड़ाव के रूप में 7 और 8 सितंबर को चेन्नई (तमिलनाडु) तथा 9 सितंबर को पुडुचेरी में दक्षिण भारतीय कर्मचारी संघों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेगा。
जयपुर परामर्श सत्र के मुख्य बिंदु: किन मांगों पर हुआ सबसे अधिक जोर?
Livemint की आधिकारिक रिपोर्ट और The Sunday Guardian के विशेष विश्लेषण के अनुसार, जयपुर बैठक के दौरान कर्मचारी यूनियनों ने 5 प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर विस्तृत साक्ष्य और वित्तीय आंकड़े पेश किए:
1. 2.86 गुना फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन: यूनियनों ने 7वें वेतन आयोग के 2.57 फिटमेंट फैक्टर को अपर्याप्त बताते हुए 8वें वेतन आयोग के लिए न्यूनतम 2.86 से लेकर 3.83 तक का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की, जिससे लेवल-1 का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹51,480 से ₹68,940 हो सके。
2. 5% से 7% वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment): कर्मचारी महासंघों ने तर्क दिया कि वर्तमान 3% की वार्षिक वेतन वृद्धि बढ़ती महंगाई को संतुलित करने में असमर्थ है। यदि इंक्रीमेंट दर को 5% से 7% किया जाता है, तो कर्मचारियों की संचयी आय में दीर्घकालिक स्थायित्व आएगा。
3. कम्यूटेड पेंशन की 12 वर्ष में बहाली: पेंशनर एसोसिएशनों ने मांग की कि पेंशन कम्यूटेशन की 40% राशि की मासिक कटौती को मौजूदा 15 वर्ष के बजाय 11 से 12 वर्ष में समाप्त किया जाए, क्योंकि वर्तमान ब्याज दरों के अनुसार मूलधन व ब्याज 12 वर्ष में पूरी तरह चुकता हो जाता है。
4. प्री-2026 पेंशन समानता (Pension Parity): 1 जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के लिए भी नॉशनल पे फिक्सेशन के माध्यम से पूर्ण पेंशन समानता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया。
5. भत्तों का समयबद्ध संशोधन: मकान किराया भत्ता (HRA) को 30%, 20% और 10% के स्लैब में संशोधित करने और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) को वर्तमान ईंधन दरों से जोड़ने की पैरवी की गई。
8वें वेतन आयोग का आगामी राष्ट्रव्यापी परामर्श शेड्यूल (कैलेंडर)
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का आधिकारिक पोर्टल (8cpc.gov.in) और The Economic Times के अनुसार, जयपुर के बाद आयोग का आगामी बैठकों का विस्तृत शेड्यूल इस प्रकार निर्धारित है:
| परामर्श शहर / केंद्र | निर्धारित तारीखें | प्रमुख हितधारक एवं संगठन | मुख्य विचारणीय विषय |
|---|---|---|---|
| जयपुर (राजस्थान) | 31 अगस्त एवं 01 सितंबर 2026 | उत्तर-पश्चिम रेलवे, रक्षा सिविलियन व डाक संगठन | राज्य स्तरीय प्रारंभिक मांगें एवं न्यूनतम वेतन |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | 07 एवं 08 सितंबर 2026 | दक्षिण रेलवे, ICF चेन्नई, आयकर व सीमा शुल्क स्टाफ | तकनीकी कैडरों का पे-स्केल एवं फिटमेंट फैक्टर |
| पुडुचेरी (UT) | 09 सितंबर 2026 | केंद्र शासित प्रदेश कर्मचारी एवं स्वायत्त संस्थान | यूटी कर्मचारियों के विशेष भत्ते व विसंगतियां |
| चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा) | 16 से 18 सितंबर 2026 | उत्तरी रेलवे, PGIMER, रक्षा उत्पादन व पेंशनर मंच | ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), कम्यूटेशन व स्वास्थ्य लाभ |
| बेंगलुरु (कर्नाटक) | 07 एवं 08 अक्टूबर 2026 | इसरो (ISRO), डीआरडीओ (DRDO), एचएएल (HAL) वैज्ञानिक | वैज्ञानिक एवं रिसर्च संवर्गों के लिए विशेष पे-मैट्रिक्स |
प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर और पे-मैट्रिक्स लेवल 1 से 14 का तुलनात्मक विश्लेषण
NDTV Profit के वित्तीय विश्लेषण के अनुसार, यदि वेतन आयोग कर्मचारी यूनियनों द्वारा प्रस्तावित 2.86 के फिटमेंट फैक्टर को स्वीकार करता है, तो विभिन्न पे-लेवल्स के मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होगी। नीचे दी गई तालिका में 7वें वेतन आयोग की मौजूदा बेसिक पे और 8वें वेतन आयोग के संभावित विकल्पों का तुलनात्मक विवरण दिया गया है:
| पे मैट्रिक्स लेवल | पद / संवर्ग का उदाहरण | 7वें CPC में बेसिक पे | 8वें CPC में अनुमानित बेसिक (2.0x) | 8वें CPC में प्रस्तावित बेसिक (2.86x) |
|---|---|---|---|---|
| लेवल 1 (GP 1800) | एमटीएस / रेलवे ट्रैक मेंटेनर | ₹18,000 | ₹36,000 | ₹51,480 |
| लेवल 2 (GP 1900) | लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) | ₹19,900 | ₹39,800 | ₹56,914 |
| लेवल 4 (GP 2400) | अपर डिवीजन क्लर्क / टैक्स असिस्टेंट | ₹25,500 | ₹51,000 | ₹72,930 |
| लेवल 6 (GP 4200) | सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) / सब-इंस्पेक्टर | ₹35,400 | ₹70,800 | ₹1,01,244 |
| लेवल 8 (GP 4800) | सीनियर सेक्शन इंजीनियर / AAO | ₹47,600 | ₹95,200 | ₹1,36,136 |
| लेवल 10 (GP 5400) | ग्रुप ‘A’ एंट्री लेवल (SDM / DSP / असिस्टेंट डायरेक्टर) | ₹56,100 | ₹1,12,200 | ₹1,60,446 |
| लेवल 14 (Apex / JS) | संयुक्त सचिव / वरिष्ठ वैज्ञानिक | ₹1,44,200 | ₹2,88,400 | ₹4,12,412 |
जुलाई 2026 AICPIN 153.2 पर पहुंचा: जनवरी 2027 डीए गणना शुरू
IGECorner की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के लेबर ब्यूरो ने 31 अगस्त 2026 को जुलाई 2026 का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) जारी कर दिया है। जुलाई में सूचकांक 1.3 अंक की बड़ी छलांग लगाकर 153.2 अंक पर पहुंच गया है। इसके साथ ही 1 जनवरी 2027 से देय अगले महंगाई भत्ते की गणना भी आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। वहीं 1 जुलाई 2026 से प्रभावी 3% डीए वृद्धि (कुल 63% डीए) की कैबिनेट मंजूरी सितंबर माह के भीतर होने की पूरी संभावना है。
चेन्नई बैठक को लेकर दक्षिण भारतीय यूनियनों की रणनीति
जयपुर परामर्श के सफल समापन के बाद अब सबकी नजरें 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में होने वाली बैठक पर टिक गई हैं। दक्षिण रेलवे मजदूर यूनियन (SRMU) और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के तकनीकी कर्मचारी संगठनों ने घोषणा की है कि वे चेन्नई सत्र में रेलवे में चल रही सुरक्षा श्रेणियों (Safety Categories) के रिक्त पदों, रनिंग स्टाफ के माइलेज भत्ते और तकनीकी कर्मचारियों के लिए विशेष जोखिम भत्ते (Risk Allowance) के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे。
निष्कर्ष
8वें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा राज्यों का दौरा कर सीधे कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करना एक स्वागत योग्य कदम है। जयपुर से प्रारंभ हुआ यह परामर्श चक्र कर्मचारियों की वास्तविक आर्थिक समस्याओं और सेवा विसंगतियों को आयोग के समक्ष सीधे रखने का एक मजबूत मंच बन गया है, जो 2027 में आने वाली अंतिम रिपोर्ट की ठोस आधारशिला तैयार करेगा。













