मुंबई / नई दिल्ली: लगातार सात हफ्तों की तेज बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन कुछ राहत देखने को मिली। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को बैंकिंग, ऑयल एंड गैस और ऑटो सेक्टर के दिग्गज शेयरों में निचले स्तरों पर आई वैल्यू बाइंग के दम पर प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,895.74 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,140.50 के स्तर पर पहुंच गया। अब रविवार, 27 सितंबर 2026 को निवेशक और ट्रेडर्स सोमवार की सुबह बाजार खुलने से पहले प्रमुख वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की घटती कीमतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं।
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बाजार में निचले स्तरों से आई रिकवरी का लेखा-जोखा
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Livemint की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सेंसेक्स 73,525.92 पर शुरुआत के बाद 73,477.77 तक फिसला था, लेकिन दोपहर बाद तेज खरीदारी आने से यह 73,968.05 के स्तर तक पहुंचा। सत्र के दौरान सेंसेक्स में 490 अंकों का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयर लाभ के साथ बंद हुए, जबकि निफ्टी के 50 में से 34 शेयर बढ़त में रहे।
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बाजार जानकारों का मानना है कि भारी गिरावट के चलते कई गुणवत्तापूर्ण लार्ज-कैप शेयर ओवरसोल्ड स्थिति में पहुंच गए थे। ब्रेंट क्रूड में आई नरमी ने घरेलू बाजार को तात्कालिक सहारा दिया। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर लगातार सातवें सप्ताह बाजार लाल निशान में रहा, जो दर्शाता है कि व्यापक स्तर पर सतर्कता अभी भी जरूरी है।
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बाजार संकेत और प्रमुख वित्तीय डेटा: वर्तमान स्थिति
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सप्ताह के अंत में भारतीय शेयर बाजार, मुद्रा और वैश्विक कमोडिटी बाजार के प्रमुख संकेतकों का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
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| वित्तीय संकेतक / सूचकांक | शुक्रवार का स्तर (25 सितंबर 2026) | साप्ताहिक रुख | महत्वपूर्ण स्तर (सपोर्ट / रेजिस्टेंस) | बाजार पर प्रमुख प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 73,895.74 (+315.20 अंक) | निचले स्तर पर रिकवरी | सपोर्ट: 73,200–73,450 | रेजिस्टेंस: 74,000–74,500 | ब्लूचिप शेयरों में मूल्य खरीदारी |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 23,140.50 (+77.40 अंक) | 23,000 का बेस कायम | सपोर्ट: 23,000 | रेजिस्टेंस: 23,200–23,300 | शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू पिकिंग |
| गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) | 23,237.50 (+49.00 अंक) | +0.21% की बढ़त पर | सोमवार के लिए सकारात्मक संकेत | घरेलू बाजार में गैप-अप की उम्मीद |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $104.32 / बैरल (-2.1%) | $108+ से फिसलकर राहत | सपोर्ट: $100 | रेजिस्टेंस: $108 | आयात बिल और महंगाई पर राहत |
| डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) | $92.41 / बैरल (-2.3%) | साप्ताहिक 8% की गिरावट | सपोर्ट: $90 | रेजिस्टेंस: $98 | वैश्विक ईंधन लागत में कमी |
| अमेरिकी बाजार (S&P 500 / Dow) | 7,743.41 / 51,828.62 | शुक्रवार को बढ़त में बंद | नैस्डैक नए रिकॉर्ड स्तर पर | टेक शेयरों में मजबूती का भरोसा |
| भारत जीडीपी अनुमान (ADB / OECD) | 7.0% – 7.1% (FY27) | 40 आधार अंक का अपग्रेड | वैश्विक एजेंसियों का भरोसा | मजबूत घरेलू मांग का प्रमाण |
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सोमवार को बाजार की दिशा तय करने वाले 5 प्रमुख ट्रिगर
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सोमवार, 28 सितंबर 2026 को जब दलाल स्ट्रीट पर दोबारा कारोबार शुरू होगा, तब निवेशकों का ध्यान निम्नलिखित पांच बड़े वैश्विक और घरेलू कारकों पर रहेगा:
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1. कच्चे तेल में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड गिरकर 104.32 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 92.41 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की उम्मीदों और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य जहाजरानी के प्रस्ताव से तेल में नरमी आई है। यदि कच्चा तेल 100 डॉलर की ओर आता है, तो यह भारतीय बाजार के लिए बड़ा संबल होगा।
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2. गिफ्ट निफ्टी और वैश्विक बाजार: सप्ताहांत पर गिफ्ट निफ्टी 23,237.50 के स्तर पर 49 अंक ऊपर बंद हुआ है। अमेरिकी बाजारों में डाउ जोंस और नैस्डैक में टेक शेयरों के दम पर अच्छी तेजी रही। जापान का निक्केई इंडेक्स भी 1.3 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों के यह सकारात्मक संकेत सोमवार को भारतीय बाजार में बेहतर शुरुआत की उम्मीद जगा रहे हैं।
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3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों के बाद ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बॉन्ड यील्ड में नरमी से उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी का प्रवाह लौट सकता है, जिससे भारतीय रुपये को सहारा मिलेगा।
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4. संस्थागत निवेशकों का रुख: विदेशी निवेशकों की बिकवाली के मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को निरंतर सहारा दे रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स में मासिक एसआईपी इनफ्लो ने लार्जकैप शेयरों को भारी गिरावट से बचाया है। सोमवार को एफआईआई बिकवाली की गति पर नजर रहेगी।
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5. आर्थिक आंकड़े: आगामी सप्ताह में जारी होने वाले व्यापक आर्थिक आंकड़े वैश्विक जोखिम धारणा को प्रभावित करेंगे। विकास दर और मुद्रास्फीति के आंकड़ों से केंद्रीय बैंकों के भविष्य के रुख का संकेत मिलेगा।
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भारतीय अर्थव्यवस्था में 10% वृद्धि संभव: वित्त मंत्री
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The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेंगलुरु में आयोजित ‘संगम 2026’ में कहा कि भारत 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर हासिल करने में सक्षम है, बशर्ते स्टार्टअप्स, तकनीक, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों में अधिक संगठित प्रयास किए जाएं।
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वित्त मंत्री ने कहा कि उच्च विकास दर से आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तेजी से हासिल होगा। भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। बैंकिंग सुधारों और अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोलने से नए अवसर बने हैं। एशियाई विकास बैंक (ADB) और ओईसीडी (OECD) ने भी भारत के विकास दर अनुमान को बढ़ाकर 7.0 और 7.1 प्रतिशत कर दिया है, जो मजबूत बुनियादी स्थिति को दर्शाता है।
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तकनीकी स्तर और निवेशकों के लिए रणनीति
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चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के सचिन गुप्ता के अनुसार, सेंसेक्स के लिए 73,200 से 73,450 का दायरा मजबूत सपोर्ट है। यदि सेंसेक्स 74,000 के ऊपर टिकता है, तो यह 74,500 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी 50 के लिए 23,000 का स्तर अहम सपोर्ट है। ऊपर की ओर 23,200 से 23,300 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस रहेगा। 23,300 के पार निकलने पर ही बाजार में निरंतर तेजी देखने को मिलेगी।
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निष्कर्ष और आगामी कारोबारी आउटलुक
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संक्षेप में कहें तो 28 सितंबर 2026 से शुरू होने वाला नया कारोबारी सप्ताह सतर्क आशावाद लेकर आ रहा है। कच्चे तेल में आई नरमी और गिफ्ट निफ्टी के सकारात्मक संकेत सोमवार को शुरुआती मजबूती का भरोसा दे रहे हैं। लंबी अवधि के खुदरा निवेशकों के लिए बाजार का यह सुधारात्मक दौर घबराने का नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण लार्जकैप शेयरों में व्यवस्थित तरीके से संचय करने का अवसर है। ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस और अनुशासित जोखिम प्रबंधन के साथ सीमित एक्सपोजर बनाए रखना चाहिए।













