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सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,140 पर बंद: बाजार में लौटी रौनक

मुंबई: सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में भारी उठापटक और पिछले सत्र की तीखी बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजारों में निचले स्तरों से जोरदार वापसी दर्ज की गई। शुक्रवार के कारोबार में घरेलू बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में पूरी तरह कामयाब रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत उछलकर 73,895.74 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 73,477.77 का निचला स्तर छुआ था, जिसके बाद दिग्गज बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर शेयरों में आई चुनिंदा वैल्यू बाइंग के दम पर इसने 73,968.05 का इंट्राडे हाई बनाया。

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,140.50 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 34 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 15 में गिरावट रही और एक शेयर अपरिवर्तित रहा। पिछले सत्र में सेंसेक्स में आई 1,247 अंकों और निफ्टी में आई 383 अंकों की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार की यह रिकवरी निवेशकों को बड़ी राहत देने वाली रही है। 23,000 के बेहद अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को सफलतापूर्वक बचाए रखना घरेलू बाजार की आंतरिक मजबूती और तरलता के समर्थन को दर्शाता है。

मार्केट क्लोजिंग का मुख्य डेटा: प्रमुख सूचकांक और वित्तीय संकेतक

DD India की मार्केट रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सत्र के भारी नुकसान के बाद प्रमुख ब्लू-चिप कंपनियों में आई खरीदारी ने सूचकांकों को मजबूत सहारा दिया। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को संभालने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख वित्तीय संकेतकों, कमोडिटी और सूचकांकों का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में संकलित है:

वित्तीय संकेतक / सूचकांक क्लोजिंग स्तर (25 सितंबर 2026) पिछला बंद (24 सितंबर 2026) शुद्ध बदलाव (अंक / %) बाजार का प्रमुख रुख
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 73,895.74 73,580.54 +315.20 अंक (+0.43%) दिन के निचले स्तर से 418 अंकों की तेज रिकवरी
एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) 23,140.50 23,063.10 +77.40 अंक (+0.34%) 23,000 का अहम मनोवैज्ञानिक सपोर्ट कायम
ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) $105.40 / बैरल $106.57 / बैरल -1.10% की नरमी कच्चे तेल में गिरावट से राहत की उम्मीद
एक्सिस बैंक (Axis Bank) ₹1,184.50 ₹1,152.00 +2.82% की छलांग सेंसेक्स का शीर्ष गेनर शेयर साबित हुआ
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ₹2,845.00 ₹2,782.65 +2.24% की बढ़त ऑटो सेक्टर में मजबूत खरीदारी से सपोर्ट
ट्रेंट लिमिटेड (Trent Ltd) ₹6,890.00 ₹6,988.50 -1.41% की गिरावट सेंसेक्स पैक में सबसे बड़ा लूजर शेयर
विदेशी निवेशक (FII बिकवाली) -₹5,027.36 करोड़ शुद्ध बिकवाल बिकवाली जारी उभरते बाजारों से विदेशी फंड्स की निकासी

सेक्टरवार प्रदर्शन: किन शेयरों में आई सबसे बड़ी तेजी?

Business Standard की लाइव बाजार समीक्षा के मुताबिक, शुक्रवार को बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे अधिक मजबूती देखी गई। सेंसेक्स पैक में निजी क्षेत्र का दिग्गज एक्सिस बैंक 2.82 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाकर टॉप गेनर बना। इसके साथ ही महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) में 2.24 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। वहीं आगामी त्योहारी मांग में सुधार की उम्मीद से एशियन पेंट्स में 1.93 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस में 1.21 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई。

आईटी और लाइफस्टाइल कंपनियों में भी चुनिंदा लिवाली का रुझान रहा, जहां एचसीएल टेक 1.17 प्रतिशत और टाइटन 1.01 प्रतिशत चढ़कर बंद हुए। दूसरी तरफ कुछ चुनिंदा हेवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली रही। टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड 1.41 प्रतिशत फिसलकर सेंसेक्स का सबसे बड़ा लूजर रही। इसके अतिरिक्त इंफोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा स्टील के शेयरों में भी मामूली गिरावट देखी गई, जिसने सूचकांक की कुल बढ़त को एक सीमित दायरे में बनाए रखा。

आरबीआई बुलेटिन और एडीबी ग्रोथ अपग्रेड से मिला संबल

शेयर बाजार में आई इस रिकवरी को घरेलू वृहद आर्थिक मोर्चे से भी बड़ा नीतिगत समर्थन मिला है। Economic Times में प्रकाशित RBI बुलेटिन के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक टकरावों के बावजूद भारत का वित्तीय और बाह्य क्षेत्र पूरी तरह लचीला बना हुआ है। घरेलू उपभोग, निजी निवेश और बैंकों की स्वस्थ बैलेंस शीट के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार सुदृढ़ विकास की राह पर अग्रसर है。

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। Outlook Business की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और पूंजीगत निवेश के अप्रत्याशित मजबूत प्रदर्शन के कारण यह अपग्रेड किया गया है, जिससे विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू वित्तीय बाजार में निवेशकों का विश्वास फिर से लौटा है。

विशेषज्ञों की राय और खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, हालिया तीव्र गिरावट के बाद चुनिंदा दिग्गज शेयरों में आई बारगेन हंटिंग ने बाजार को सकारात्मक रुख प्रदान किया। बेंचमार्क सूचकांकों का 23,000 के स्तर से ऊपर टिके रहना दर्शाता है कि घरेलू तरलता बाजार को मजबूत सुरक्षा चक्र प्रदान कर रही है। वहीं रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने कहा कि शुक्रवार को रिकवरी जरूर आई है, लेकिन निवेशकों को कच्चे तेल की चाल और विदेशी फंड्स की निकासी पर लगातार कड़ी नजर रखनी होगी。

मार्केट जानकारों की स्पष्ट राय है कि मौजूदा दौर में खुदरा निवेशकों को अत्यधिक आक्रामक ट्रेडिंग से बचना चाहिए। मौजूदा माहौल में ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट में खरीदारी) की रणनीति अपनाना सबसे सुरक्षित माना जा रहा है। विशेष रूप से बैंकिंग, ऑटो, फार्मा और घरेलू उपभोग जैसे सेक्टर्स में एसआईपी या किस्तों के जरिए पूंजी लगाना मध्यम से लंबी अवधि के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है。

निष्कर्ष और आगामी सप्ताह के लिए कारोबारी दृष्टिकोण

संक्षेप में कहें तो 25 सितंबर 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लचीलेपन और वैल्यू बाइंग की ताकत का प्रत्यक्ष उदाहरण है। गुरुवार के 1,247 अंकों के क्रैश के बाद शुक्रवार की 315 अंकों की बढ़त ने बाजार की धारणा को काफी हद तक संभाला है। आगामी सप्ताह में बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल, अमेरिकी डॉलर और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। यदि निफ्टी 23,200 के पार निकलता है, तो बाजार में नई तेजी की उम्मीद बनेगी। निवेशकों को सख्त स्टॉप-लॉस के साथ सतर्क और अनुशासित रहने की सलाह दी जाती है。

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