नागोया / नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 के 14वें दिन, शुक्रवार 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के पावन अवसर पर भारतीय दल ने स्वर्णिम इतिहास रच दिया। भारत के जांबाज खिलाड़ियों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में रिकॉर्ड 6 गोल्ड मेडल, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 10 पदक अपनी झोली में डाले। यह एशियन गेम्स के संपूर्ण इतिहास में भारत का संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ एकल-दिवसीय प्रदर्शन बन गया है। इस स्वर्णिम अभियान की शुरुआत महिला तीरंदाजी टीम द्वारा दक्षिण कोरिया को हराकर हासिल किए गए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक से हुई और इसका समापन भारतीय महिला हॉकी टीम द्वारा चीन को हराकर 44 वर्षों बाद जीते गए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक के साथ हुआ。
गांधी जयंती पर खेलों का महाकुंभ: भारत का स्वर्णिम अभियान
Hindustan Times की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, एशियन गेम्स 2026 के 14वें दिन भारतीय एथलीटों ने तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती और हॉकी में अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की। इस जबरदस्त प्रदर्शन के साथ ही भारत की कुल पदक संख्या अब 76 तक पहुंच गई है। तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम ने विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर वैश्विक खेल जगत में सनसनी मचा दी। इसके बाद बॉक्सिंग रिंग और कुश्ती मैट पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा पूरी मजबूती से कायम रखा。
भारतीय खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एशियाई खेलों में ऐसा दमदार प्रदर्शन भारतीय खेलों में आई संरचनात्मक मजबूती और वैज्ञानिक प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। गांधी जयंती के राष्ट्रीय पर्व पर पूरे देश में जब उत्सव का माहौल था, तब नागोया के खेल मैदानों से आ रही स्वर्णिम खबरों ने 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया。
एशियन गेम्स 14वां दिन: भारत के 6 ऐतिहासिक गोल्ड मेडल की तालिका
2 अक्टूबर 2026 को भारत द्वारा जीते गए सभी 6 स्वर्ण पदकों, संबंधित खिलाड़ियों और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| खेल स्पर्धा | विजेता खिलाड़ी / टीम | इवेंट वर्ग | फाइनल में प्रतिद्वंद्वी | ऐतिहासिक महत्व एवं परिणाम |
|---|---|---|---|---|
| महिला तीरंदाजी | अंकिता भकत, कुमकुम महोद, कीर्ति शर्मा | रिकर्व टीम स्पर्धा | दक्षिण कोरिया | रिकर्व में भारत का पहला ऐतिहासिक एशियन गेम्स गोल्ड |
| महिला मुक्केबाजी | लवलीना बोरगोहेन | 75 किग्रा भार वर्ग | कजाकिस्तान | जन्मदिन पर गोल्ड; मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला |
| महिला मुक्केबाजी | परवीन हुड्डा | 57 किग्रा भार वर्ग | उज्बेकिस्तान | रिंग में तकनीकी श्रेष्ठता और एकतरफा जीत |
| पुरुष मुक्केबाजी | अंकुश पांघल | 63.5 किग्रा भार वर्ग | थाईलैंड | आक्रामक बॉक्सिंग का मास्टरक्लास प्रदर्शन |
| पुरुष कुश्ती | सुजीत कलकल | 65 किग्रा फ्रीस्टाइल | कुदिएव (तजाकिस्तान) | 2-9 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी कर गोल्ड जीता |
| महिला हॉकी | भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम | टीम स्पर्धा | चीन (मेजबान टीम) | 44 साल बाद गोल्ड; 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक का सीधा टिकट |
महिला हॉकी में 44 साल का सूखा खत्म: चीन को हराकर ओलंपिक का टिकट
The Indian Express के अनुसार, दिन का सबसे गौरवशाली पल महिला हॉकी फाइनल में देखने को मिला। हाईवे पर हुए सड़क हादसे के चलते मुकाबला 45 मिनट की देरी से शुरू हुआ, लेकिन भारतीय टीम का ध्यान बिल्कुल नहीं भटका। भारत ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पहले ही क्वार्टर में बढ़त बना ली। अंतिम पलों तक चले कड़े मुकाबले में भारत ने एशियाई दिग्गज चीन को पराजित कर 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स का स्वर्ण अपने नाम किया। इस शानदार जीत से भारत ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया。
अंतिम हूटर बजते ही स्टेडियम भारतीय समर्थकों के नारों से गूंज उठा। भारतीय कप्तान और मुख्य कोच ने तिरंगा लहराते हुए कहा कि यह जीत भारतीय महिला हॉकी के नए स्वर्णिम युग का आरंभ है। टीम ने जिस जुझारूपन का परिचय दिया, उसने भारतीय खेलों में नया इतिहास रच दिया है。
लवलीना बोरगोहेन का ‘गोल्डन बर्थडे’ और मुक्केबाजों का पंच
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता। आज ही लवलीना का जन्मदिन भी था, जिसे उन्होंने एशियन गेम्स गोल्ड के साथ यादगार बना दिया। इस स्वर्णिम जीत के साथ लवलीना दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली भारत की केवल दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं。
महिला वर्ग में परवीन हुड्डा ने 57 किग्रा में सटीक मुक्कों और जबरदस्त रक्षात्मक खेल से स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं पुरुष वर्ग में युवा सनसनी अंकुश पांघल ने 63.5 किग्रा वर्ग में आक्रामक मुक्केबाजी का प्रदर्शन कर सोना जीता। मुक्केबाजी रिंग से आए इन तीन पदकों ने भारतीय मुक्केबाजी का परचम पूरे एशिया में लहरा दिया。
सुजीत कलकल का कुश्ती में करिश्मा: 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता सोना
कुश्ती मैट पर 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में सुजीत कलकल ने अद्भुत करिश्मा दिखाया। फाइनल में एक समय सुजीत अपने प्रतिद्वंद्वी पहलवान कुदिएव से 2-9 के भारी अंतर से पीछे चल रहे skip चल रहे थे। इसके बावजूद सुजीत ने अदम्य साहस दिखाते हुए अंतिम मिनटों में लगातार अंक बटोरे और 2-9 के विशाल घाटे को पाटते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया。
सुजीत ने सेमीफाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन को भी शिकस्त दी थी। लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले जीतने वाले सुजीत का यह प्रदर्शन उनके फौलादी हौसले और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है। खेल विशेषज्ञों ने इसे भारतीय कुश्ती इतिहास की सबसे रोमांचक और यादगार वापसी माना है。
तीरंदाजी, सेलिंग और सेपकटकरा में भी चमका भारत
दिन की स्वर्णिम शुरुआत तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम—अंकिता भकत, कुमकुम महोद और कीर्ति शर्मा—ने दक्षिण कोरिया को हराकर की थी। रिकर्व तीरंदाजी में भारत का यह पहला एशियन गेम्स स्वर्ण है। इसके अतिरिक्त तीरंदाजी मिश्रित युगल और पुरुष रिकर्व टीम ने रजत पदक अपने नाम किए。
जलक्रीड़ा में नेत्रा कुमानन ने सेलिंग में कांस्य पदक जीता, जबकि सेपकटकरा पुरुष क्वाड्रैथलॉन टीम ने भी ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल किया। 14वें दिन भारत ने 6 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 10 पदक जीते, जिससे भारत की पदक संख्या 76 पर पहुंच गई。
निष्कर्ष: भारतीय खेलों के लिए युगांतरकारी मील का पत्थर
एशियन गेम्स 2026 का 14वां दिन भारतीय खेलों के आत्मविश्वास का नया अध्याय है। हॉकी, कुश्ती, तीरंदाजी और मुक्केबाजी में भारतीय एथलीटों ने साबित कर दिया कि वे विश्वस्तरीय दबाव में भी स्वर्ण जीतने का पूरा माद्दा रखते हैं। 44 साल बाद महिला हॉकी का स्वर्ण और तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया का दबदबा तोड़ना भारतीय खेलों के स्वर्णिम युग की शुरुआत है। गांधी जयंती पर मिला यह अनुपम उपहार पूरे देश के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक है。













