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कैबिनेट फैसले: ₹10,000 करोड़ का SME फंड और ITLA अथॉरिटी मंजूर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की बैठक में भारतीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई नीतिगत फैसलों को स्वीकृति दी गई। केंद्र सरकार ने लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) को सीधे इक्विटी पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ₹10,000 करोड़ के समर्पित ‘एसएमई ग्रोथ फंड’ (SME Growth Fund) की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, देश में एकीकृत राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क विकसित करने और लॉजिस्टिक्स लागत घटाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को भी हरी झंडी दिखाई गई है。

₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड: विनिर्माण इकाइयों को नई ताकत

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित यह ₹10,000 करोड़ की सरकारी प्रतिबद्धता सेबी (SEBI) पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए संचालित होगी। यह फंड उच्च संभावना वाले छोटे और मध्यम उद्यमों को दीर्घकालिक इक्विटी पूंजी प्रदान करेगा। वर्तमान में अधिकांश निजी इक्विटी फंड शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स तक सीमित रहते हैं, जिससे स्थापित मध्यम विनिर्माण इकाइयों को विस्तार के लिए इक्विटी नहीं मिल पाती। सरकार का यह कदम उद्योग जगत के इसी ढांचागत अंतर को दूर करेगा。

स्पष्ट किया गया है कि इस फंड का बड़ा हिस्सा टियर-2 और टियर-3 शहरों में कार्यरत विनिर्माण क्लस्टरों, इंजीनियरिंग इकाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्यात केंद्रित उद्यमों को दिया जाएगा। सरकार के इस निवेश से निजी वित्तीय संस्थानों से अतिरिक्त पूंजी आकर्षित होगी, जिससे कुल कोष 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इससे भारतीय एसएमई को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अग्रणी बनने का सीधा संबल मिलेगा。

केंद्रीय कैबिनेट के प्रमुख फैसलों का तुलनात्मक विवरण

मंत्रिमंडल द्वारा 6 अक्टूबर 2026 को लिए गए दो ऐतिहासिक आर्थिक फैसलों और उनके रणनीतिक प्रभावों का संरचित ब्योरा नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

नीतिगत पहल / प्राधिकरण वित्तीय परिव्यय / संरचना प्राथमिक उद्देश्य लक्षित क्षेत्र व लाभार्थी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
एसएमई ग्रोथ फंड (SME Growth Fund) ₹10,000 करोड़ (सरकारी प्रतिबद्धता, AIF मॉडल) स्थापित एसएमई को दीर्घकालिक विकास इक्विटी पूंजी उपलब्ध कराना टियर-2 और टियर-3 विनिर्माण इकाइयां, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स व निर्यात फर्म्स विकास पूंजी की कमी दूर करना, निजी निवेश को आकर्षित करना और लाखों नए रोजगार
इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV मॉडल) राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करना और मल्टीमॉडल समन्वय सुनिश्चित करना रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, अंतर्देशीय जलमार्ग, प्रमुख बंदरगाह और नागरिक उड्डयन लॉजिस्टिक्स लागत को घटाना, प्रोजेक्ट में देरी और अनावश्यक लागत वृद्धि रोकना
मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट तकनीकी मूल्यांकन केंद्रीकृत डेटा-संचालित मूल्यांकन फ्रेमवर्क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समयबद्ध तकनीकी समीक्षा पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान से जुड़ी सभी मेगा परियोजनाएं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय अवरोधों को समाप्त करना
संस्थागत क्षमता निर्माण अंतर-मंत्रालयी समन्वय प्रकोष्ठ लॉजिस्टिक्स दक्षता और ग्रीन फ्रेट कॉरिडोर का विस्तार सार्वजनिक व निजी लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर और निर्यातक वैश्विक लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक (LPI) में भारत की रैंकिंग में सुधार

इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) का गठन

PIB की अधिसूचना के अनुसार, बुनियादी ढांचा विकास में अलग-थलग काम करने की संस्कृति समाप्त करने के लिए ‘इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी’ (ITLA) को एक विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह प्राधिकरण एक दीर्घकालिक ‘राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान’ तैयार करेगा, जो रेल, सड़क, जलमार्ग, बंदरगाह और विमानन नेटवर्क को एकल ग्रिड में जोड़ेगा。

वर्तमान में भारत की लॉजिस्टिक्स लागत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 12 से 14 प्रतिशत है, जबकि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में यह 8 प्रतिशत से कम है। उच्च परिवहन लागत के कारण भारतीय निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाता है। ITLA का कार्य बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन करना, लॉजिस्टिक्स बाधाओं को दूर करना और मल्टीमॉडल टर्मिनलों के निर्माण में तेजी लाना होगा, जिससे विजन 2047 के तहत भारत वैश्विक विनिर्माण का केंद्र बन सके。

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

आकाशवाणी (News On AIR) की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट निर्णयों के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह कदम छोटे और मध्यम उद्यमियों के सामर्थ्य को नई उड़ान देगा। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक रीढ़ है और नया फंड उद्यमों को वैश्विक कंपनियों के रूप में विकसित होने का आत्मविश्वास देगा। इसी प्रकार, ITLA की स्थापना से देश में आधुनिक माल ढुलाई क्रांति का मार्ग प्रशस्त होगा。

उद्योग संगठनों—फिक्की (FICCI) और सीआईआई (CII)—ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट 2026-27 में एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित तीन-सूत्रीय रणनीति (इक्विटी, तरलता और पेशेवर सहायता) का यह सबसे अहम कदम है। इससे कर्ज पर अत्यधिक निर्भर कंपनियों को अपनी बैलेंस शीट में स्वस्थ इक्विटी अनुपात बनाने में सीधी सहायता मिलेगी。

सुशासन के 25 वर्ष: कैबिनेट ने पारित किया विशेष बधाई प्रस्ताव

The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार की बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूरे करने पर सर्वसम्मति से विशेष बधाई प्रस्ताव पारित किया। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 तक उन्होंने लगातार ढाई दशक तक कार्यकारी सरकार के प्रमुख (13 वर्ष मुख्यमंत्री और 12 वर्ष प्रधानमंत्री) के रूप में सेवा दी है。

कैबिनेट प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि इस 25 वर्षों की यात्रा में जन-कल्याण और पारदर्शी शासन को केंद्र में रखा गया। प्रस्ताव में जन धन योजना, आयुष्मान भारत, पीएम आवास और डिजिटल इंडिया की सफलता को रेखांकित करते हुए बताया गया कि इन पहलों से 25 करोड़ से अधिक नागरिक गरीबी से बाहर निकले हैं। मंत्रिमंडल ने कहा कि गुजरात मॉडल से शुरू होकर आज राष्ट्रव्यापी स्तर पर ‘विकसित भारत’ के संकल्प को अभूतपूर्व गति मिली है。

निष्कर्ष: आत्मनिर्भर भारत और विजन 2047 की ओर ठोस कदम

केंद्रीय मंत्रिमंडल के 6 अक्टूबर 2026 के ये दोनों आर्थिक निर्णय भारत के दीर्घकालिक विकास की दृष्टि से युगांतरकारी हैं। जहां ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड घरेलू विनिर्माण को प्रतिस्पर्धी विकास पूंजी उपलब्ध कराएगा, वहीं ITLA देश की आपूर्ति श्रृंखला को चुस्त और किफायती बनाएगी। सुशासन के 25 वर्षों के अनुभव और इन सुधारों का समन्वय भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेगा。

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