नागोया (जापान): 20वें एशियाई खेल 2026 (Aichi-Nagoya Asian Games) के आठवें दिन, रविवार 27 सितंबर को भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। ‘सुपर संडे’ साबित हुए इस दिन भारत की झोली में कुल 7 पदक आए, जिनमें 4 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही मुक्केबाजी में तीन और पदक पक्के हो गए। भारतीय दल ने एथलेटिक्स, स्क्वैश, मुक्केबाजी और महिला हॉकी में शानदार खेल दिखाया। इस प्रदर्शन की बदौलत भारत की कुल पदक संख्या 37 तक पहुंच गई है, जिससे देश भर में जबरदस्त उत्साह है।
स्क्वैश में ऐतिहासिक दोहरे रजत: अनाहत और अभय का कमाल
NDTV Sports की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार का दिन भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक रहा। भारत ने पहली बार एशियाई खेलों के एक ही संस्करण में महिला और पुरुष दोनों एकल स्पर्धाओं के फाइनल में प्रवेश किया। 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने महिला एकल फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा। फाइनल में उन्हें मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम से 4-11, 4-11, 7-11 से हारकर रजत पदक मिला। इसके साथ अनाहत महिला एकल का रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
वहीं पुरुष एकल में अभय सिंह ने रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल में मलेशिया के एनजी ईन यो के खिलाफ अभय 9-11, 5-11, 5-11 से हारे। सौरव घोषाल के बाद फाइनल में पहुंचने वाले अभय दूसरे भारतीय बने हैं। दोनों खिलाड़ियों का यह रजत पदक लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आठवें दिन के पदकों और उपलब्धियों का विवरण
रविवार 27 सितंबर 2026 को भारतीय खिलाड़ियों द्वारा जीते गए पदकों और पक्के किए টান का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| खिलाड़ी / टीम | खेल एवं स्पर्धा | जीता गया पदक | प्रदर्शन / स्कोर | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| अनाहत सिंह | स्क्वैश (महिला एकल) | रजत पदक | उपविजेता (0-3) | रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला |
| अभय सिंह | स्क्वैश (पुरुष एकल) | रजत पदक | उपविजेता (0-3) | फाइनल खेलने वाले दूसरे भारतीय पुरुष |
| अंसी सोजन | एथलेटिक्स (लंबी कूद) | रजत पदक | 6.53 मीटर | लगातार दूसरे एशियाड में रजत पदक |
| सर्वेश कुशारे | एथलेटिक्स (ऊंची कूद) | रजत पदक | 2.25 मीटर | बारिश के बीच ऐतिहासिक रजत पदक जीता |
| तेजस्विन शंकर | एथलेटिक्स (डेकाथलन) | कांस्य पदक | 7,934 अंक | लगातार दूसरा एशियाई खेलों का पदक |
| पारुल चौधरी | एथलेटिक्स (स्टीपलचेज) | कांस्य पदक | व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ | शानदार पोडियम स्थान हासिल किया |
| हारिता भद्रा | एथलेटिक्स (200 मीटर) | कांस्य पदक | 23.20 सेकंड | फोटो-फिनिश में कांस्य पदक पक्का किया |
| नरेंद्र, अंकुश, परवीन | मुक्केबाजी | 3 पदक पक्के | क्वार्टर फाइनल में जीत | तीन कांस्य पदक सुरक्षित किए |
| महिला हॉकी टीम | हॉकी (पूल बी) | सेमीफाइनल में जगह | सिंगापुर को 7-0 से हराया | 5 मैचों में 5 जीत के साथ शीर्ष स्थान |
एथलेटिक्स में पदकों की झड़ी: सर्वेश, अंसी, पारुल और तेजस्विन का दबदबा
Olympics.com की रिपोर्ट के मुताबिक, नागोया के स्टेडियम में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। बारिश के बीच पुरुषों की ऊंची कूद में सर्वेश अनिल कुशारे ने 2.25 मीटर की बाधा पार कर रजत पदक अपने नाम किया। सर्वेश ने 2.22 मीटर तक की सभी ऊंचाइयां पहले प्रयास में पार कीं और प्रतिकूल मौसम में पदक जीता।
महिला लंबी कूद में केरल की अंसी सोजन एडप्पिल्ली ने 6.53 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। वह स्वर्ण जीतने वाली चीन की हुआंग यिंगयिंग (6.55 मीटर) से मात्र 2 सेंटीमीटर पीछे रहीं। अंसी का यह लगातार दूसरा एशियाई खेलों का रजत है। इसी स्पर्धा में शैली सिंह 6.42 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं। वहीं डेकाथलन में तेजस्विन शंकर ने 7,934 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। तेजस्विन ने 1500 मीटर दौड़ 4 मिनट 33.09 सेकंड में जीतकर पहला स्थान लिया और अपना दूसरा पदक पक्का किया।
महिलाओं की 200 मीटर दौड़ के फाइनल में हारिता भद्रा ने 23.20 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने चौथे स्थान की धाविका को 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़कर फोटो-फिनिश में पदक पक्का किया। इसके अलावा 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में अनुभवी धाविका पारुल चौधरी ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य पदक जीतकर एथलेटिक्स दल की झोली में एक强 एक और पदक डाला।
मुक्केबाजी में 3 पदक पक्के: नरेंद्र, अंकुश और परवीन का रिंग में जलवा
रविवार का दिन भारतीय मुक्केबाजी के लिए अत्यंत गौरवशाली रहा। रिंग में उतरे तीन मुक्केबाजों ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर पदक पक्के किए। सुपर हेवीवेट (+90 किग्रा) में नरेंद्र बेरवाल ने थाईलैंड के अद्थापॉन्ग सेंगतेप के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन किया और रेफरी को पहले ही राउंड में मुकाबला रोकना पड़ा (RSC)। नरेंद्र ने विपक्षी को दो बार नॉकडाउन किया, जिसके बाद वे विजयी घोषित हुए।
पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघाल ने ताजिकिस्तान के नेकरुज सलीमोव को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मैच के बाद अंकुश ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है। वहीं महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में परवीन हुड्डा ने उज्बेकिस्तान की विश्व रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को 5-0 से हराकर पदक सुरक्षित किया। इन जीतों से भारत के कम से कम तीन कांस्य पदक सुनिश्चित हो चुके हैं।
महिला हॉकी में सिंगापुर को 7-0 से रौंदा, तीरंदाजी में सेमीफाइनल
गिफू स्टेडियम में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने अजेय अभियान को जारी रखते हुए सिंगापुर को 7-0 से करारी मात दी। भारत की ओर से सलीमा टेटे, सुनेलिता टोप्पो (2 गोल), लालरेम्सियामी, रितुजा पिसल, निक्की प्रधान और दीपिका ने गोल किए। भारतीय महिला टीम ने पूल के सभी 5 मैचों में जीत दर्ज कर 15 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जहां उसका मुकाबला दक्षिण कोरिया से होगा।
तीरंदाजी से भी भारत के लिए उत्साहवर्धक समाचार आए। पुरुषों की रिकर्व टीम ने क्वार्टर फाइनल में चीन को 5-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि महिला रिकर्व टीम ने चीनी ताइपे को 6-0 से धोकर अंतिम चार का टिकट कटाया। इसके साथ ही रिकर्व और कंपाउंड मिक्स्ड टीमें भी सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।
निष्कर्ष: भारतीय खेलों के लिए युगांतरकारी दिन
नागोया एशियाई खेल 2026 का आठवां दिन भारतीय खेलों के स्वर्णिम इतिहास में याद रखा जाएगा। स्क्वैश में 18 साल की अनाहत सिंह और अभय सिंह की उपलब्धियां, एथलेटिक्स में सर्वेश और अंसी का रजत, तेजस्विन और पारुल का कांस्य तथा मुक्केबाजों का दबदबा यह साबित करता है कि भारतीय खेल जगत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 37 पदकों के साथ भारत तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर चुका है और आगामी दिनों में मुक्केबाजी, तीरंदाजी और हॉकी में पदकों की संख्या में भारी इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।













