मुंबई: पिछले दो कारोबारी सत्रों की भारी गिरावट और 18 महीने के निचले स्तर पर फिसलने के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों के दम पर दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त लिवाली लौटी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) 879.09 अंक यानी 1.23 प्रतिशत की बंपर छलांग लगाकर 72,472.33 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) 288.65 अंक यानी 1.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,520.45 के स्तर पर सफलतापूर्वक बंद हुआ।
बाजार में चौतरफा रिकवरी के 4 प्रमुख कारण
The Economic Times की बाजार समीक्षा के अनुसार, शुक्रवार को बाजार के इस शानदार यू-टर्न के पीछे चार प्रमुख कारक रहे। पहला कारण पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव में अस्थायी नरमी रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर सैन्य कार्रवाई न करने के संकेत से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से गिरे। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली, जिससे निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।
दूसरा बड़ा कारण आईटी कंपनियों के नतीजों से मिला सहारा रहा। टीसीएस के दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम बाजार अनुमानों से बेहतर रहे, जिसने पूरे आईटी इंडेक्स में तेजी ला दी। तीसरा कारण विदेशी पूंजी निकासी पर लगा विराम और भारतीय रुपये की मजबूती रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप से रुपया 16 पैसे मजबूत हुआ। चौथा कारण 7 अक्टूबर को घोषित मौद्रिक नीति में रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किए जाने के बाद नीतिगत अनिश्चितता का समाप्त होना रहा, जिसे बाजार ने पूरी तरह पचा लिया।
मार्केट क्लोजिंग डेटा: प्रमुख सूचकांक और वित्तीय संकेतक
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को बाजार बंद होने के समय प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों, कमोडिटी और मुद्रा बाजार में दर्ज आधिकारिक आंकड़ों का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| वित्तीय संकेतक / सूचकांक | क्लोजिंग स्तर (9 अक्टूबर 2026) | पिछला बंद (8 अक्टूबर 2026) | शुद्ध बदलाव (अंक / %) | बाजार पर प्रमुख प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 72,472.33 | 71,593.24 | +879.09 अंक (+1.23%) | दो दिन की गिरावट के बाद 72,400 के पार बंद |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 22,520.45 | 22,231.80 | +288.65 अंक (+1.30%) | 22,500 के अहम स्तर पर दोबारा कब्जा |
| इंडिया विक्स (India VIX) | 14.37 अंक | 15.28 अंक | -0.91 अंक (-5.96%) | घबराहट में कमी और बाजार में स्थिरता का संकेत |
| निफ्टी आईटी (Nifty IT Index) | 35,840.10 | 34,815.20 | +1,024.90 अंक (+2.95%) | TCS नतीजों के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में रैली |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $89.40 / बैरल | $94.80 / बैरल | -5.70% (भारी गिरावट) | आयात बिल और मुद्रास्फीति के दबाव में कमी |
| भारतीय रुपया (USD / INR) | ₹95.42 प्रति डॉलर | ₹95.58 प्रति डॉलर | +16 पैसे की मजबूती | डॉलर की कमजोरी और RBI हस्तक्षेप से सुधार |
| आरबीआई रेपो दर (RBI Repo Rate) | 5.50% | 5.25% | +25 bps (स्थिर रुख) | मौद्रिक नीति अनिश्चितता समाप्त |
सेक्टरवार स्थिति: आईटी, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में उछाल
HDFC Sky की मार्केट क्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार के सत्र में बाजार का नेतृत्व सूचना प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता उत्पाद कंपनियों ने किया। आईटी सेक्टर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर शानदार वित्तीय नतीजों के चलते 4.2 प्रतिशत उछल गया। इसके साथ ही इंफोसिस में 3.0 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 2.8 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 1.4 प्रतिशत की ठोस बढ़त दर्ज की गई। टेक्नोलॉजी शेयरों पर पिछले कुछ समय से अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों और आईटी खर्च में कटौती की आशंकाओं का दबाव था, लेकिन टीसीएस के मजबूत प्रबंधन वक्तव्य ने निवेशकों का भरोसा फिर से बहाल कर दिया।
ऑटोमोबाइल और एफएमसीजी क्षेत्र के चुनिंदा शेयरों में भी जोरदार लिवाली देखने को मिली। आयशर मोटर्स (Eicher Motors) का शेयर 4.1 प्रतिशत उछलकर दिन के टॉप गेनर्स में शामिल रहा। वहीं दिग्गज कंपनी आईटीसी लिमिटेड (ITC) में ग्रामीण मांग सुधरने की उम्मीद से 4.0 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई। अपोलो हॉस्पिटल्स और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े शेयरों में भी 3 से 6 प्रतिशत तक की जोरदार खरीदारी दर्ज की गई, जिससे निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त बनाई।
बैंकिंग और मेटल शेयरों में भी निचले स्तरों से खरीदारी
बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में भी शुक्रवार को निचले स्तरों से शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। हालांकि रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी, लेकिन भारतीय बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट और घटते एनपीए के चलते एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई में 0.8 से 1.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
News On AIR के बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को वैश्विक इक्विटी बाजारों का मूड काफी सुधरा हुआ दिखा। अमेरिकी बाजारों में गुरुवार रात डॉव जोन्स मामूली बढ़त पर बंद हुआ था, जबकि शुक्रवार को अमेरिकी फ्यूचर्स इंडेक्स में रिकवरी देखी गई। यूरोपीय बाजारों में लंदन का एफटीएसई, जर्मनी का डैक्स और फ्रांस का सीएसी 0.8 से 1.2 प्रतिशत तक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। एशियाई बाजारों में भी तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर देखा गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय और अगले सप्ताह की रणनीति
दलाल स्ट्रीट के प्रमुख विश्लेषकों का मानना है कि शुक्रवार की यह तेज रिकवरी इस बात का प्रमाण है कि 22,200 के स्तर पर निफ्टी का मजबूत वैल्यूएशन सपोर्ट मौजूद है। जब बाजार दो दिनों में 1,400 अंक से ज्यादा टूट चुका था, तब आकर्षक वैल्यूएशन पर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने फ्रंटलाइन शेयरों में आक्रामक खरीदारी की। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए अब 22,650 से 22,800 का स्तर अगला तात्कालिक प्रतिरोध होगा, जबकि 22,200 का स्तर मजबूत स्टॉपलॉस का काम करेगा। खुदरा निवेशकों को गुणवत्तापूर्ण लार्ज-कैप कंपनियों में चरणबद्ध तरीके से सिप जारी रखनी चाहिए।
निष्कर्ष: सप्ताह के अंत में राहत की सांस
संक्षेप में कहें तो सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन (9 अक्टूबर 2026) को भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अंतर्निहित मजबूती साबित की है। गुरुवार को जहां सेंसेक्स 71,593 और निफ्टी 22,231 के 18 महीने के निचले स्तर पर बंद हुए थे, वहीं शुक्रवार की 879 अंकों की छलांग ने निवेशकों के घावों पर मरहम लगाया है। कच्चे तेल की नरमी, टीसीएस का दमदार प्रदर्शन और रुपये में स्थिरता ने त्योहारी सीजन से पहले बाजार में नई उम्मीद जगाई है। आगामी सप्ताह में बाजार की दिशा कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों से तय होगी।













