मुंबई: लगातार दो सत्रों की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन जोरदार वापसी देखने को मिली। दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शानदार तिमाही नतीजों, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के दम पर घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 879.09 अंक यानी 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 288.65 अंक यानी 1.30 प्रतिशत की तेजी दर्ज करते हुए 22,520.45 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार पहुंचने में सफल रहा。
टीसीएस के शानदार Q2 नतीजों ने आईटी सेक्टर में फूंकी नई जान
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में इस तेज रिकवरी की मुख्य कमान आईटी सेक्टर के हाथों में रही। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) में शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹13,884 करोड़ का मुनाफा कमाया। इसके साथ ही कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अनुबंधों से वार्षिक रन-रेट 3.1 अरब डॉलर के पार निकलने की घोषणा की, जिससे निवेशकों का भरोसा तेजी से लौटा。
बेहतरीन वित्तीय नतीजों के दम पर टीसीएस के शेयरों में 4.23 प्रतिशत का जबर्दस्त उछाल आया। इसके प्रभाव से अन्य दिग्गज तकनीकी कंपनियों में भी भारी लिवाली देखी गई, जहां इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बीएसई आईटी इंडेक्स 2.91 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.02 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ दिन के शीर्ष सेक्टोरल गेनर के रूप में उभरे。
बाजार समापन का आधिकारिक डेटा: प्रमुख सूचकांक और सेक्टर्स
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन विभिन्न बेंचमार्क सूचकांकों, सेक्टोरल इंडेक्स और कमोडिटी बाजारों में दर्ज किए गए आधिकारिक आंकड़ों का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| वित्तीय संकेतक / सूचकांक | अंतिम बंद स्तर | दैनिक बदलाव (अंक) | प्रतिशत बदलाव (%) | सप्ताहिक रुख / प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 72,472.33 | +879.09 अंक | +1.23% | सप्ताह में कुल 562.63 अंक (+0.78%) की बढ़त |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 22,520.45 | +288.65 अंक | +1.30% | सप्ताह में 98.50 अंक (+0.43%) का शुद्ध सुधार |
| निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT) | 37,845.20 | +1,110.40 अंक | +3.02% | TCS के नतीजों के बाद चौतरफा खरीदारी |
| निफ्टी एफएमसीजी (Nifty FMCG) | 56,420.10 | +1,215.30 अंक | +2.20% | आईटीसी की अगुवाई में रक्षात्मक खरीदारी |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $102.90 / बैरल | -$1.38 / बैरल | -1.32% | तनाव घटने से कीमतें $104 से नीचे |
| डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) | $90.64 / बैरल | -$1.15 / बैरल | -1.25% | अमेरिकी इन्वेंट्री और युद्ध आशंका में कमी |
| एमसीएक्स सोना (MCX Gold Dec) | ₹1,51,120 / 10g | +₹1,510 | +1.01% | त्योहारी मांग और सुरक्षित निवेश रुझान |
| एमसीएक्स चांदी (MCX Silver Dec) | ₹2,24,593 / kg | +₹3,360 | +1.52% | औद्योगिक मांग और कीमती धातुओं में तेजी |
कच्चे तेल में गिरावट और वैश्विक संकेतों से मिली राहत
Kotak Neo की क्लोजिंग रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार के इस उछाल में कच्चे तेल की नरमी ने उत्प्रेरक का कार्य किया। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.32 प्रतिशत गिरकर 102.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो एक दिन पहले 104 डॉलर के पार पहुंच गया था। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच आगामी चुनावों से पहले किसी बड़े प्रत्यक्ष सैन्य टकराव की संभावना क्षीण होने के संकेतों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में जोखिम प्रीमियम घटा है。
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट से देश के चालू खाता घाटे और महंगाई पर दबाव कम होता है। इसके साथ ही अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने विदेशी निवेशकों की घबराहट को शांत किया। हालांकि गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी से ₹12,943 करोड़ की शुद्ध निकासी की थी, लेकिन शुक्रवार को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और खुदरा निवेशकों की ओर से निचले स्तरों पर शॉर्ट कवरिंग देखी गई。
दिग्गज शेयरों का हाल: टॉप गेनर्स और लूजर्स की स्थिति
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जो बाजार में तेजी की व्यापकता को दर्शाता है। एफएमसीजी दिग्गज आईटीसी (ITC) 4.78 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ सेंसेक्स का सबसे बड़ा गेनर रहा। इसके बाद टीसीएस 4.23 प्रतिशत चढ़कर दूसरे पायदान पर रहा। वहीं अपोलो हॉस्पिटल्स, आयशर मोटर्स, अदानी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो और एचडीएफसी बैंक में भी 1.5 से 3 प्रतिशत तक की ठोस बढ़त दर्ज की गई。
दूसरी तरफ, भारी भरकम रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) सेंसेक्स का एकमात्र शेयर रहा जो मामूली लाल निशान में बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 50 पर जेएसडब्ल्यू स्टील और सिप्ला जैसी कंपनियों में मामूली मुनाफावसूली देखी गई। व्यापक बाजार की बात करें तो बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.59 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.56 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 2,516 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,867 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे बाजार का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो बुल्स के पक्ष में रहा。
बाजार विशेषज्ञों का विश्लेषण और आगामी रणनीति
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, हालिया तेज गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग ने बाजार को सहारा दिया। टीसीएस के शानदार नतीजों ने आईटी सेक्टर के लिए अर्निंग्स सीजन की सकारात्मक शुरुआत की है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है। वहीं एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा कि कच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक मोर्चे पर राहत से इक्विटी में रिस्क-ऑन सेंटिमेंट लौटा है。
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा और एचएसटी वेल्थ के संस्थापक हरिसैलवन राधाकृष्णन ने राय व्यक्त की कि निफ्टी के लिए 22,200 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है। आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा अन्य आईटी कंपनियों जैसे एचसीएल टेक और विप्रो के Q2 नतीजों, खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों और विदेशी फंड्स के रुख पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों ने खुदरा निवेशकों को सतर्क रहते हुए क्वालिटी लार्जकैप शेयरों में संचय करने की सलाह दी है。
निष्कर्ष: साप्ताहिक आधार पर भी हरे निशान में बंद हुए सूचकांक
सप्ताह के अंतिम दिन की इस धमाकेदार तेजी ने न केवल गुरुवार की भारी गिरावट की भरपाई की, बल्कि पूरे हफ्ते के प्रदर्शन को भी हरे निशान में तब्दील कर दिया। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 562.63 अंक (+0.78%) और निफ्टी 98.50 अंक (+0.43%) चढ़कर बंद होने में सफल रहे। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताएं और क्रूड का $100 के ऊपर बना रहना अब भी जोखिम कारक हैं, लेकिन मजबूत कॉरपोरेट कमाई और घरेलू फंड्स का सतत प्रवाह भारतीय बाजार को लचीलापन प्रदान कर रहा है。













