नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) के पावन अवसर पर 11 अक्टूबर 2026 को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई पूर्णकालिक कप्तान स्मृति मंधाना को संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यानी यूनिसेफ इंडिया (UNICEF India) ने आधिकारिक तौर पर अपना नया ‘सेलिब्रिटी एडवोकेट’ नियुक्त किया है। यह घोषणा खेल जगत और बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। 29 वर्षीय स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना अब देश भर की करोड़ों किशोरियों के अधिकारों, शिक्षा, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और खेल में समान अवसरों की मजबूत वकालत करती नजर आएंगी। इस वैश्विक मंच से जुड़ते ही क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे यह खबर पूरे देश में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गई है।
बालिका दिवस पर यूनिसेफ का ऐतिहासिक ऐलान
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिसेफ इंडिया ने इस खास दिन को इसलिए चुना ताकि समाज में बालिकाओं के सामने आने वाली सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बाधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सके। संस्था का मुख्य उद्देश्य किशोरियों की सुरक्षा, नेतृत्व और उनकी असीम प्रतिभा को बढ़ावा देना। मैदान पर अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाली स्मृति मंधाना अब मैदान के बाहर भी सामाजिक बदलाव की एक सशक्त और मुखर आवाज बनेंगी।
अपनी नई भूमिका पर खुशी व्यक्त करते हुए स्मृति मंधाना ने कहा, “यूनिसेफ इंडिया के साथ सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में जुड़ना मेरे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है। क्रिकेट खेलते हुए मैंने गहराई से सीखा कि हर सपना एक अवसर से शुरू होता है। जब किसी बच्चे को कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और परिवार का प्रोत्साहन मिलता है, तो वह अवसर असाधारण उपलब्धि में बदल जाता है। देश के हर बच्चे को बड़े सपने देखने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।”
सचिन तेंदुलकर ने किया स्वागत, खेल दिग्गजों में उत्साह
स्मृति मंधाना के इस नए सफर पर महान बल्लेबाज और यूनिसेफ के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय राजदूत सचिन तेंदुलकर ने प्रेरक संदेश साझा किया। तेंदुलकर पिछले दो दशकों से यूनिसेफ से जुड़कर बच्चों के अधिकारों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं。
सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा, “यूनिसेफ इंडिया परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है स्मृति मंधाना! आप मैदान पर करोड़ों देशवासियों को प्रेरित करती हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि आप मैदान से बाहर भी बच्चों के अधिकारों के लिए एक प्रभावशाली और मुखर आवाज साबित होंगी।” खेल जगत के जानकारों ने माना है कि मंधाना की मौजूदगी से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों में खेलों और उच्च शिक्षा के प्रति नया आत्मविश्वास जागेगा।
स्मृति मंधाना का सफर और यूनिसेफ एडवोकेसी का संक्षिप्त विवरण
स्मृति मंधाना के क्रिकेट करियर और यूनिसेफ इंडिया के साथ उनकी सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े प्रमुख तथ्यों का आधिकारिक विवरण नीचे तालिका में प्रस्तुत है:
| प्रमुख पहलू | आधिकारिक विवरण | सामाजिक / खेल प्रभाव |
|---|---|---|
| नई सामाजिक भूमिका | यूनिसेफ इंडिया सेलिब्रिटी एडवोकेट | किशोरियों के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देना |
| घोषणा की तिथि | 11 अक्टूबर 2026 (अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस) | बालिकाओं के अधिकारों और नेतृत्व पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना |
| भारतीय टीम की कप्तानी | भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्णकालिक कप्तान | हरमनप्रीत कौर के हटने के बाद बीसीसीआई द्वारा जिम्मेदारी सौंपी गई |
| अंतरराष्ट्रीय पदार्पण | वर्ष 2013 (13 वर्षों का समृद्ध अंतरराष्ट्रीय अनुभव) | विश्व की शीर्ष महिला सलामी बल्लेबाजों में निरंतर स्थान |
| ऐतिहासिक बल्लेबाजी रिकॉर्ड | तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी20) में शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला | महिला क्रिकेट में तकनीकी श्रेष्ठता और निरंतरता का नया मानक |
| विश्व कप 2025 में प्रदर्शन | 434 रन बनाकर टूर्नामेंट की दूसरी सर्वोच्च रन-स्कोरर | भारत को वैश्विक प्रतियोगिताओं में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में योगदान |
| प्रमुख अभियान क्षेत्र | बाल विवाह रोकथाम, बालिकाओं की खेल भागीदारी, पोषण और स्वच्छता | जमीनी स्तर पर जागरूकता और नीतिगत समर्थन में सक्रिय सहभागिता |
भारतीय टीम की कमान संभालने के तुरंत बाद मिली नई जिम्मेदारी
ETV Bharat की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मृति मंधाना के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक साबित हुआ है। कुछ ही दिन पहले बीसीसीआई ने गुवाहाटी में समीक्षा बैठक के बाद मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया था। 2025 वनडे विश्व कप जिताने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टी20 विश्व कप से जल्दी बाहर होने के बाद कप्तानी से हटने का फैसला किया था。
हरमनप्रीत की कप्तानी में उप-कप्तान रहीं मंधाना अब तक 18 टी20 और 4 वनडे मैचों में भारत की कप्तानी कर चुकी हैं। चयनकर्ताओं ने उनकी रणनीतिक सूझबूझ और शांत नेतृत्व को देखते हुए यह फैसला लिया। अब मैदान पर टीम की अगुवाई के साथ-साथ यूनिसेफ के मंच पर देश की बेटियों का प्रतिनिधित्व करना उनके प्रभाव को और व्यापक बनाता है。
यूनिसेफ के साथ मिलकर किन क्षेत्रों में काम करेंगी मंधाना?
यूनिसेफ इंडिया के अनुसार, स्मृति मंधाना किशोरियों के समग्र विकास से जुड़े कई अभियानों में सक्रिय रहेंगी। देश के कई हिस्सों में लड़कियों को प्राथमिक शिक्षा के बाद स्कूल छोड़ना पड़ता है। बाल विवाह, कुपोषण और स्वच्छता से जुड़ी भ्रांतियां उनके सपनों में रुकावट बनती हैं। मंधाना इन मुद्दों पर समाज की सोच बदलने के लिए राष्ट्रव्यापी संवाद करेंगी。
इसके साथ ही, मंधाना बालिकाओं के लिए खेलों तक पहुंच को बढ़ावा देंगी। खेल लड़कियों में नेतृत्व, टीम भावना और आत्मविश्वास पैदा करते हैं। वे स्कूलों में खेल के सुरक्षित माहौल की वकालत करेंगी, ताकि हर लड़की अपनी पसंद का खेल बिना झिझक खेल सके और अपनी पहचान बना सके。
मैदान पर और मैदान के बाहर: एक आदर्श रोल मॉडल
सांगली जैसे छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीनों प्रारूपों में शतक जड़ने वाली पहली भारतीय महिला बनना मंधाना के असाधारण समर्पण को दर्शाता है। 2025 विश्व कप में 434 रन बनाकर उन्होंने विश्व पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। यूनिसेफ में सचिन तेंदुलकर के साथ उनका जुड़ना यह साबित करता है कि महिला सशक्तिकरण अब बराबरी के अवसरों का प्रतीक बन चुका है。
निष्कर्ष: भारत की बेटियों के लिए एक नया सवेरा
संक्षेप में, 11 अक्टूबर 2026 का दिन भारतीय खेलों और बाल अधिकार आंदोलन में मील का पत्थर है। जहां मंधाना के कंधों पर भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है, वहीं यूनिसेफ एडवोकेट के रूप में वे उन किशोरियों के सपनों को आवाज देंगी जिन्हें अवसर नहीं मिले। यह नई पारी निश्चित रूप से लाखों बालिकाओं को विश्वास दिलाएगी कि उनका भविष्य खुले आसमान में उड़ान भरने के लिए बना है。













