मुंबई: भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के वित्तीय नतीजों का सबसे व्यस्त सप्ताह कल, सोमवार (12 अक्टूबर 2026) से प्रारंभ हो रहा है। टीसीएस द्वारा 15 प्रतिशत लाभ वृद्धि के साथ शानदार शुरुआत के बाद अब बाजार की नजरें अन्य दिग्गजों पर टिकी हैं। आगामी सप्ताह में निफ्टी 50 और सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों सहित कुल 129 सूचीबद्ध कंपनियां अपने तिमाही बहीखाते पेश करेंगी। इसमें बैंकिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र शामिल हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह सप्ताह दलाल स्ट्रीट की भविष्य की दिशा और सेंसेक्स-निफ्टी के नए स्तरों को तय करने में अत्यंत निर्णायक साबित होगा。
Q2 अर्निंग्स कैलेंडर: तारीखवार प्रमुख कंपनियों की घोषणाएं
The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार से शनिवार के बीच नतीजों की झड़ी लगने वाली है। 12 अक्टूबर को पहले कारोबारी दिन आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) और निजी क्षेत्र का आरबीएल बैंक अपने तिमाही आंकड़ों की घोषणा करेंगे। इसके साथ ही आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी और स्वराज इंजनों के नतीजे भी पहले दिन ही आने हैं。
सप्ताह के मध्य में आईटी और ऑटो सेक्टर का दबदबा रहेगा। मंगलवार, 13 अक्टूबर को टाटा एलेक्सी (Tata Elxsi), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ और डेन नेटवर्क्स के नतीजे आएंगे। वहीं बुधवार, 14 अक्टूबर को विप्रो (Wipro), भेल (BHEL), सिएट (CEAT), केनरा बैंक और टाटा टेक्नोलॉजीज अपने वित्तीय आंकड़े पेश करेंगी। सप्ताह के अंतिम दिनों में देश का सबसे बड़ा निजी बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), इंफोसिस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और नेस्ले इंडिया अपने विस्तृत आंकड़े बाजार के समक्ष रखेंगे。
Q2 नतीजों का आधिकारिक टाइम-टेबल: कंपनियों की पूरी सूची
आगामी सप्ताह (12 से 17 अक्टूबर 2026) के दौरान वित्तीय नतीजे घोषित करने वाली प्रमुख कंपनियों, उनके संबंधित क्षेत्रों और तारीखों का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई संरचित तालिका में प्रस्तुत है:
| तारीख (अक्टूबर 2026) | प्रमुख कंपनियां | प्रमुख सेक्टर | बाजार की मुख्य अपेक्षाएं |
|---|---|---|---|
| 12 अक्टूबर (सोमवार) | HCL Technologies, RBL Bank, ICICI Pru AMC, Swaraj Engines | IT, बैंकिंग, एसेट मैनेजमेंट | आईटी मार्जिन और लार्ज डील पाइपलाइन पर नजर |
| 13 अक्टूबर (मंगलवार) | Tata Elxsi, ICICI Pru Life, Hero Motors, Transformers & Rectifiers | टेक/डिजाइन, बीमा, ऑटो | ईआरएंडडी डिमांड और ऑटो ग्रोथ के रुझान |
| 14 अक्टूबर (बुधवार) | Wipro, BHEL, CEAT, Canara Bank, Tata Technologies, MRPL | IT, पीएसयू कैपिटल गुड्स, ऑटो, रिफाइनिंग | विप्रो का रेवेन्यू गाइडेंस और भेल की मजबूत ऑर्डर बुक |
| 15 अक्टूबर (गुरुवार) | Infosys, Nestlé India, Tech Mahindra, Persistent Systems | आईटी दिग्गज, एफएमसीजी | इंफोसिस का एनुअल ग्रोथ आउटलुक और खपत मांग |
| 16 अक्टूबर (शुक्रवार) | Axis Bank, LTIMindtree, Havells India, Polycab India | बैंकिंग, टेक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स | नेट इंटरेस्ट मार्जिन और इंफ्रास्ट्रक्चर वायर डिमांड |
| 17 अक्टूबर (शनिवार) | HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank | निजी बैंकिंग दिग्गज | क्रेडिट ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और डिपॉजिट कॉस्ट समीक्षा |
आईटी सेक्टर से क्या हैं बाजार की उम्मीदें?
Kotak Neo के मार्केट विश्लेषण के अनुसार, टीसीएस के मजबूत आंकड़ों के बाद अब एचसीएल टेक, विप्रो और इंफोसिस के प्रदर्शन पर निवेशकों की सर्वाधिक निगाहें हैं। टीसीएस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि बैंकिंग और रिटेल में क्लाउड माइग्रेशन और जनरेटिव एआई (GenAI) आधारित सौदों में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसी आधार पर बाजार को उम्मीद है कि एचसीएल टेक और विप्रो भी अपनी आय में सुधार प्रदर्शित करेंगे。
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और पश्चिमी बाजारों में आईटी बजट की समीक्षा के चलते भारतीय तकनीकी कंपनियों के लिए यह तिमाही टर्निंग प्वाइंट हो सकती है। विप्रो द्वारा पिछली तिमाहियों के दबाव के बाद बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं एचसीएल टेक के इंजीनियरिंग एंड आरएंडडी (ERS) सेगमेंट की ग्रोथ और नए बड़े सौदों पर प्रबंधन की टिप्पणी महत्वपूर्ण होगी。
बैंकिंग क्षेत्र: रेपो रेट वृद्धि के बाद मार्जिन की परीक्षा
चालू महीने में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो दर को बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किए जाने के बाद बैंकिंग सेक्टर की यह पहली बड़ी तिमाही समीक्षा होगी। रेपो दर में इस वृद्धि से बैंकों की ऋण लागत और जमा लागत (Cost of Funds) में प्रत्यक्ष बदलाव आया है। ऐसे में बाजार यह देखना चाहेगा कि क्या एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को सुरक्षित रख पाए हैं。
विश्लेषकों का कहना है कि जहां कॉरपोरेट और रिटेल लोन मांग स्थिर है, वहीं व्यक्तिगत ऋण और क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) के स्तर पर बैंक प्रबंधन का दृष्टिकोण अहम होगा। केनरा बैंक और आरबीएल बैंक भी अपने प्रावधानों और एसेट क्वालिटी से पीएसयू तथा मिडकैप बैंकिंग का हाल बयां करेंगे。
मैन्युफैक्चरिंग, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर कंपनियों का रुख
सप्ताह के दौरान केवल आईटी और बैंकिंग ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करने वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां भी आंकड़े पेश करेंगी। सरकारी इंजीनियरिंग दिग्गज भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के नतीजों से पावर प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर फ्लो का वास्तविक आकलन मिलेगा। वहीं सिएट और पॉलीकैब जैसी कंपनियां ऑटोमोबाइल टायर मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर केबल्स खपत का संकेत देंगी। इसके अलावा नेस्ले इंडिया के नतीजे यह स्पष्ट करेंगे कि क्या भारतीय ग्रामीण और शहरी बाजारों में प्रीमियम पैकेज्ड फूड्स मांग में सुधार आ रहा है。
दलाल स्ट्रीट और रिटेल निवेशकों के लिए रणनीति
दलाल स्ट्रीट के रणनीतिकारों का मानना है कि शुक्रवार को सेंसेक्स के 879 अंक उछलकर 72,472 के पार बंद होने से बाजार में सकारात्मक मोमेंटम है। हालांकि, एक साथ 129 कंपनियों के नतीजे आने से चुनिंदा शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जानकारों की सलाह है कि खुदरा निवेशकों को केवल तिमाही लाभ के आंकड़े देखकर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, बल्कि कंपनियों के प्रबंधन द्वारा दिए जाने वाले भविष्य के ग्रोथ गाइडेंस और ऑर्डर बुक का गहन अध्ययन करना चाहिए। मजबूत फंडामेंटल वाली लार्जकैप कंपनियों में गिरावट के समय चरणबद्ध निवेश सबसे सुरक्षित रणनीति है。
निष्कर्ष: बाजार को नई दिशा देगा यह अर्निंग्स सप्ताह
समग्र रूप से देखा जाए तो 12 से 17 अक्टूबर 2026 का कारोबारी सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए निर्णायक परीक्षा होगा। टीसीएस के मजबूत नतीजों ने जिस सकारात्मक माहौल की शुरुआत की है, उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, विप्रो और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गजों पर है। यदि अधिकांश कंपनियों के नतीजे अनुमानों के अनुरूप रहते हैं, तो निफ्टी और सेंसेक्स को नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में स्टॉप लॉस के साथ अनुशासन बनाए रखें और इस अर्निंग्स सीजन के हर आंकड़े पर नजर रखें。













