नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित तेज गेंदबाजों में शुमार ‘स्विंग के सुल्तान’ भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) की राष्ट्रीय टीम में ऐतिहासिक वापसी हुई है। बीसीसीआई चयन समिति ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए अनुभवी तेज गेंदबाज को टीम में शामिल किया है। 36 वर्षीय भुवनेश्वर ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में खेला था। पूरे चार साल के अंतराल के बाद नीली जर्सी में उनकी यह वापसी दृढ़ संकल्प और आईपीएल में उनके अथक परिश्रम की शानदार मिसाल है।
चार साल का इंतजार और वापसी की रोमांचक पटकथा
Olympics की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड के तेज और स्विंग की मददगार पिचों को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने अनुभवी अगुआ के रूप में भुवनेश्वर पर दोबारा भरोसा जताया है। मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को व्यस्त कार्यक्रम के चलते इस दौरे से विश्राम दिया गया है। ऐसे में नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने और डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर फेंकने की भुवनेश्वर की क्षमता टीम के लिए उपयोगी साबित होगी。
भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC की रिपोर्ट) को बताया कि न्यूजीलैंड की पिचों पर भुवनेश्वर जैसे मंझे हुए गेंदबाज की उपस्थिति युवा आक्रमण को बहुमूल्य अनुभव देगी। कोटक के अनुसार, जब आपके पास पावरप्ले में शुरुआती झटके देने वाला महारथी गेंदबाज हो, तो पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ जाता है। भुवी गेंदबाजी की अगुआई के साथ युवा गेंदबाजों के मेंटॉर की भूमिका भी निभाएंगे。
आईपीएल में आरसीबी के लिए खिताबी प्रदर्शन बना संजीवनी
Awaz The Voice की रिपोर्ट के अनुसार, भुवनेश्वर की इस वापसी की मुख्य वजह आईपीएल में उनका शानदार प्रदर्शन रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से जुड़ने के बाद भुवी ने वर्ष 2025 और 2026 में आरसीबी को लगातार दो खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। पिछले दो आईपीएल सत्रों में उन्होंने 31 मैचों में 22.55 की औसत और 8.52 की इकोनॉमी से 45 विकेट चटकाए。
विशेष रूप से आईपीएल 2026 के सत्र में भुवनेश्वर पर्पल कैप की दौड़ में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 16 मैचों में 17.89 के औसत और 7.95 के इकोनॉमी रेट से 28 विकेट हासिल किए। इस दौरान पावरप्ले में सर्वाधिक 14 विकेट लेकर उन्होंने साबित किया कि बढ़ती उम्र उनकी स्विंग पर हावी नहीं हुई है। अंतिम ओवरों में उनकी कसी गेंदबाजी ने आरसीबी को कई रोमांचक मुकाबलों में जीत दिलाई。
भुवनेश्वर कुमार के अंतरराष्ट्रीय व टी20 करियर के मुख्य आंकड़े
भुवनेश्वर कुमार के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और हालिया आईपीएल सत्रों में दर्ज किए गए उल्लेखनीय प्रदर्शन का आधिकारिक सांख्यिकीय विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| प्रारूप / टूर्नामेंट | कुल मैच | विकेट संख्या | सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन | औसत / इकोनॉमी | प्रमुख उपलब्धि |
|---|---|---|---|---|---|
| टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) | 87 मैच | 90 विकेट | 5/4 बनाम अफगानिस्तान | 23.10 औसत / 6.96 इकोनॉमी | भारत के लिए टी20I में दो बार 5 विकेट लेने वाले गेंदबाज |
| एकदिवसीय (ODI) | 121 मैच | 141 विकेट | 5/42 बनाम श्रीलंका | 35.11 औसत / 5.08 इकोनॉमी | 2013 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम के अहम सदस्य |
| टेस्ट क्रिकेट (Tests) | 21 मैच | 63 विकेट | 6/82 बनाम इंग्लैंड (लॉर्ड्स) | 26.09 औसत / 2.94 इकोनॉमी | लॉर्ड्स और जोहान्सबर्ग टेस्ट जीत के मैन ऑफ द मैच |
| कुल अंतरराष्ट्रीय विकेट | 229 मैच | 294 विकेट | 6/82 सर्वश्रेष्ठ | सभी प्रारूपों में सटीक अनुशासन | 300 अंतरराष्ट्रीय विकेटों के मील के पत्थर से मात्र 6 दूर |
| आईपीएल 2026 (RCB) | 16 मैच | 28 विकेट | 4/21 बनाम सीएसके | 17.89 औसत / 7.95 इकोनॉमी | टूर्नामेंट में दूसरे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज |
| आईपीएल 2025-2026 (संयुक्त) | 31 मैच | 45 विकेट | लगातार मैच विनर | 22.55 औसत / 8.52 इकोनॉमी | आरसीबी को लगातार दो बार आईपीएल चैंपियन बनाया |
300 अंतरराष्ट्रीय विकेटों का ऐतिहासिक मील का पत्थर निशाने पर
भुवनेश्वर कुमार के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ यह श्रृंखला कीर्तिमान का सुनहरा अवसर है। भुवी अब तक भारत के लिए सभी प्रारूपों में 229 मुकाबलों में 294 विकेट ले चुके हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 विकेटों के विशिष्ट क्लब में शामिल होने के लिए मात्र 6 विकेटों की दरकार है। यदि वे इस श्रृंखला में यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वे भारत के चुनिंदा महानतम तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल हो जाएंगे。
टी20 अंतरराष्ट्रीय में 87 मैचों में 90 विकेट लेने वाले भुवी पावरप्ले में दुनिया के सबसे प्रभावी गेंदबाजों में गिने जाते हैं। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय टी20 में दो बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है। टी20 प्रारूप में 7 से भी कम (6.96) की करियर इकोनॉमी रेट यह प्रमाणित करती है कि वे आज भी दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को बांधकर रखने का हुनर रखते हैं。
दिग्गजों की प्रतिक्रिया: रैना और क्रिकेट जगत में खुशी
भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी की घोषणा होते ही खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुरेश रैना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भुवी की सराहना करते हुए कहा कि क्लास और मेहनत को अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रैना ने कहा कि भुवी का अनुशासन और दोनों तरफ गेंद घुमाने की कला आज भी युवा पीढ़ी के लिए एक बेहतरीन मिसाल है。
प्रशंसकों ने भी भुवी की वापसी को ‘स्विंग किंग की घर वापसी’ करार दिया है। सोशल मीडिया पर उनके पुराने यादगार स्पेल के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें डेब्यू मैच में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक इनस्विंगर गेंद और लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 6 विकेटों का जादुई स्पेल शामिल है। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि न्यूजीलैंड के हालात में भुवी का अनुभव निर्णायक अंतर पैदा करेगा。
न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम की रणनीति और भूमिका
न्यूजीलैंड की सरजमीं पर पांच टी20 मैचों की यह श्रृंखला भारतीय टीम के भविष्य के लिहाज से भी अहम है। चयनकर्ताओं ने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन संतुलन बनाया है। तेज गेंदबाजी विभाग में अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और मुकेश कुमार के साथ भुवनेश्वर कुमार मुख्य रणनीतिकार होंगे。
कीवी परिस्थितियों में शुरुआती ओवरों में विकेट निकालना सबसे बड़ी चुनौती होती है। भुवनेश्वर कुमार की इन-स्विंग और आउट-स्विंग की विविधता वहां के बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेलने के लिए आदर्श हथियार है। इसके अलावा भुवी की मौजूदगी से बाएं हाथ के गेंदबाज अर्शदीप सिंह को भी छोर बदलने और डेथ ओवरों की साझेदारी में मजबूत सहारा मिलेगा。
निष्कर्ष: लगन और समर्पण की अमर मिसाल
भुवनेश्वर कुमार की यह वापसी हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है कि सच्चा कौशल और समर्पण कभी पुराना नहीं होता। 36 साल की उम्र में राष्ट्रीय टी20 टीम में वापसी करना भारतीय क्रिकेट में एक दुर्लभ उपलब्धि है। वर्षों की उपेक्षा और चोटों के बावजूद भुवी ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी कला को निखारना जारी रखा। अब पूरी दुनिया की निगाहें न्यूजीलैंड दौरे पर होंगी, जहां स्विंग का यह दिग्गज 300 विकेटों का मुकाम छूने के इरादे से मैदान में उतरेगा。













