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64% DA Hike: महंगाई भत्ते पर वित्त मंत्रालय को पत्र, जल्द फैसला

नई दिल्ली: देश के 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) पर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के प्रमुख संगठन ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स’ ने वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव को औपचारिक पत्र लिखकर 1 जुलाई 2026 से देय महंगाई भत्ते की घोषणा शीघ्र करने की मांग की है। 24 सितंबर 2026 को भेजे गए इस आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर डीए में 4 प्रतिशत की वृद्धि तय है, जिससे महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 64% होना तय है。

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेजे गए पत्र के मुख्य बिंदु

Livemint की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्फेडरेशन ने वित्त मंत्रालय को याद दिलाया है कि वेतन आयोगों की सिफारिशों के तहत महंगाई भत्ते का पुनरीक्षण वर्ष में दो बार—जनवरी और जुलाई में—किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मुद्रास्फीति और जीवन-यापन की लागत में वृद्धि की भरपाई करना है。

संगठन ने पत्र में लिखा है कि हाल के वर्षों में डीए और डीआर की दरों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जुलाई 2023 में महंगाई भत्ता 46% था, जो जनवरी 2024 में 50%, जुलाई 2024 में 53%, जनवरी 2025 में 55%, जुलाई 2025 में 58% और जनवरी 2026 में 60% तक पहुंचा। पिछले तीन वर्षों में महंगाई भत्ते में 14% की कुल बढ़ोतरी दर्ज की गई है。

Zee News की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अतिरिक्त या अग्रिम भुगतान मांगना नहीं है, बल्कि सरकार की तय प्रशासनिक प्रक्रिया को समय पर पूरा कराना है। जब सूचकांक का डेटा और स्वीकृत फॉर्मूला उपलब्ध है, तो कैबिनेट नोट की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को वैध लाभ समय पर मिल सके。

7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते का ऐतिहासिक सफर

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की दरों में पिछले तीन वर्षों में हुए बदलावों का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

प्रभावी तिथि (Effective Date) महंगाई भत्ता / राहत की दर (%) प्रतिशत वृद्धि केंद्रीय कैबिनेट स्वीकृति की स्थिति
1 जुलाई 2023 46% +4% अक्टूबर 2023 में स्वीकृत एवं वितरित
1 जनवरी 2024 50% +4% मार्च 2024 में स्वीकृत (HRA में स्वतः वृद्धि)
1 जुलाई 2024 53% +3% अक्टूबर 2024 में स्वीकृत एवं 3 माह एरियर भुगतान
1 जनवरी 2025 55% +2% मार्च 2025 में स्वीकृत एवं नियमित वेतन में शामिल
1 जुलाई 2025 58% +3% अक्टूबर 2025 में स्वीकृत एवं भुगतान
1 जनवरी 2026 60% +2% अप्रैल 2026 में कैबिनेट द्वारा आधिकारिक स्वीकृति
1 जुलाई 2026 (प्रस्तावित) 64% +4% वित्त मंत्रालय में प्रक्रियाधीन, कैबिनेट मंजूरी प्रतीक्षित

60% से 64% DA होने पर वेतन और पेंशन में कितना होगा इजाफा?

यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल जुलाई 2026 से 4% डीए बढ़ोतरी को मंजूरी देता है, तो न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 (लेवल-1) से लेकर शीर्ष पदों तक सभी कर्मचारियों के वेतन में अच्छी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 का 3 महीने का बकाया एरियर भी बैंक खातों में जमा किया जाएगा。

विभिन्न पे-लेवल के आधार पर कर्मचारियों के मूल वेतन, वर्तमान 60% डीए, संशोधित 64% डीए, मासिक लाभ और 3 महीने के एरियर का विस्तृत कैलकुलेटर नीचे तालिका में दिया गया है:

पे मैट्रिक्स लेवल एवं पद मूल वेतन (Basic Pay) वर्तमान 60% DA संशोधित 64% DA मासिक वेतन लाभ 3 महीने का कुल एरियर
लेवल-1 (एमटीएस / ग्रुप डी) ₹18,000 ₹10,800 ₹11,520 ₹720 प्रति माह ₹2,160
लेवल-2 (एलडीसी / कनिष्ठ लिपिक) ₹19,900 ₹11,940 ₹12,736 ₹796 प्रति माह ₹2,388
लेवल-4 (यूडीसी / वरिष्ठ सहायक) ₹25,500 ₹15,300 ₹16,320 ₹1,020 प्रति माह ₹3,060
लेवल-7 (अनुभाग अधिकारी / 4600 GP) ₹44,900 ₹26,940 ₹28,736 ₹1,796 प्रति माह ₹5,388
लेवल-10 (राजपत्रित अधिकारी / सहायक निदेशक) ₹56,100 ₹33,660 ₹35,904 ₹2,244 प्रति माह ₹6,732
लेवल-12 (उप सचिव / संयुक्त निदेशक) ₹78,800 ₹47,280 ₹50,432 ₹3,152 प्रति माह ₹9,456
लेवल-14 (संयुक्त सचिव स्तर) ₹1,44,200 ₹86,520 ₹92,288 ₹5,768 प्रति माह ₹17,304
लेवल-18 (कैबिनेट सचिव स्तर) ₹2,50,000 ₹1,50,000 ₹1,60,000 ₹10,000 प्रति माह ₹30,000

त्योहारी सीजन, दूसरी छमाही का घरेलू बजट और बोनस की मांग

कॉन्फेडरेशन द्वारा वित्त मंत्रालय को लिखे पत्र में समय का विशेष उल्लेख किया गया है। आने वाले सप्ताहों में दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली का त्योहारी मौसम शुरू हो रहा है। ऐसे समय में कर्मचारियों के पारिवारिक खर्चों में बढ़ोतरी होती है। पत्र में कहा गया है कि जुलाई के बाद स्कूलों-कॉलेजों के दूसरे सत्र की फीस, पाठ्य सामग्री, यात्रा खर्च और त्योहारी खरीदारी से कर्मचारियों का घरेलू बजट प्रभावित होता है。

नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने भी मांग की है कि अराजपत्रित केंद्रीय कर्मचारियों, रेलवे कर्मियों और डाक कर्मियों के बोनस की गणना सीमा को पुराने ₹7,000 से बढ़ाकर न्यूनतम वेतन ₹21,000 किया जाए। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार को त्योहारी सीजन से पहले डीए और बोनस का फैसला लेना चाहिए。

कैबिनेट मंजूरी की प्रक्रिया और औपचारिक शासनादेश की समय-सीमा

केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार की प्रशासनिक प्रक्रिया तय है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 12 महीनों के औसत के आधार पर वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग कैबिनेट प्रस्ताव तैयार करता है。

इस प्रस्ताव को वित्त मंत्री के अनुमोदन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाता है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद व्यय विभाग आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन जारी करता है। इसके बाद रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, डाक विभाग और कार्मिक मंत्रालय (DoPT) अपने-अपने विभागों के लिए आदेश जारी करते हैं。

ऐतिहासिक रूप से केंद्र सरकार जुलाई से देय महंगाई भत्ते की घोषणा सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में करती रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग के बाद माना जा रहा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में 4% डीए बढ़ोतरी पर फैसला आ सकता है。

देरी होने पर कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा और एरियर का क्या होगा?

कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा निर्णय लेने में अक्टूबर मध्य तक की देरी होती है, तो अक्टूबर वेतन बिल में संशोधित डीए और एरियर शामिल करना कठिन हो सकता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को इस लाभ के लिए नवंबर तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है。

हालांकि, स्थापित नियमों के अनुसार, घोषणा किसी भी तारीख को हो, महंगाई भत्ते की दरें 1 जुलाई 2026 से ही प्रभावी होंगी। 1 जुलाई से लेकर आदेश जारी होने के महीने तक का पूरा अंतर एरियर के रूप में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। अब सभी की निगाहें केंद्रीय कैबिनेट की आगामी बैठक पर टिकी हैं。

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